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बिंदुओं और रेखाओं की कहानियाँ – कक्षा 8 गणित नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 8 गणित, अध्याय 12। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
माध्य और माध्यिका आँकड़ों को एक संख्या में सारांशित करते हैं। माध्य को आँकड़ों का संतुलन बिंदु माना जा सकता है, और मान बदलने पर यह पूर्वानुमेय ढंग से बदलता है। माध्यिका बीच का मान है। दोनों बारंबारता तालिकाओं से निकाले जा सकते हैं और अज्ञात मान ज्ञात करने में प्रयुक्त होते हैं।
संतुलन बिंदु के रूप में माध्य
- माध्य = मानों का योग ÷ मानों की संख्या; यह वह बिंदु है जहाँ आँकड़े 'संतुलित' होते हैं।
- सभी मानों के माध्य से अंतरों का योग शून्य होता है (ऊपर के मान नीचे के मानों को संतुलित करते हैं)।
- हर मान में एक ही संख्या k जोड़ने पर माध्य k बढ़ता है; हर मान को k से गुणा करने पर माध्य k गुना होता है।
- n मानों का माध्य m हो तो उनका योग n × m है; इससे लुप्त मान ज्ञात होता है।
माध्यिका
- आँकड़े क्रम में लगाएँ; बीच का मान माध्यिका है (सम संख्या में दोनों बीच के मानों का औसत)।
- सबसे बड़ा मान बदलने से माध्यिका नहीं बदलती, पर माध्य बदल जाता है।
- बारंबारता तालिका से माध्य Σ(f × x) ÷ Σf है; माध्यिका संचयी बारंबारता से बीच का स्थान खोजकर निकाली जाती है।
मुख्य शब्द
- माध्य
- मानों के योग को उनकी संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान; आँकड़ों का संतुलन बिंदु
- माध्यिका
- क्रम में लगाए आँकड़ों का बीच का मान
- बारंबारता
- आँकड़ों में किसी मान के आने की संख्या
- विचलन
- किसी मान और माध्य का अंतर
सूत्र
- माध्य = Σx ÷ n
- बारंबारता तालिका से माध्य = Σ(f × x) ÷ Σf
- मानों का योग = माध्य × मानों की संख्या
- Σ(x − माध्य) = 0
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
माध्य को आँकड़ों का संतुलन बिंदु क्यों कहते हैं?2 अंक
यदि मानों को संख्या रेखा पर बराबर भार की तरह रखा जाए, तो रेखा माध्य पर संतुलित होती है। माध्य से ऊपर के मानों की कुल दूरी नीचे के मानों की कुल दूरी के बराबर होती है, इसलिए माध्य से सभी विचलनों का योग शून्य होता है।
छह संख्याओं का माध्य 15 है। यदि एक संख्या 25 हटा दी जाए, तो शेष संख्याओं का माध्य ज्ञात कीजिए।3 अंक
छह संख्याओं का योग = 6 × 15 = 90। 25 हटाने पर शेष पाँच संख्याओं का योग = 90 − 25 = 65। शेष संख्याओं का माध्य = 65 ÷ 5 = 13।
10 विद्यार्थियों के अंक: 3 विद्यार्थियों के 4, 4 के 6, 2 के 7 और 1 के 10 अंक हैं। माध्य और माध्यिका ज्ञात कीजिए, और समझाइए कि 10 अंक वाले के 30 अंक होते तो दोनों कैसे बदलते।5 अंक
माध्य = Σfx ÷ Σf = (3 × 4 + 4 × 6 + 2 × 7 + 1 × 10) ÷ 10 = (12 + 24 + 14 + 10) ÷ 10 = 60 ÷ 10 = 6। माध्यिका हेतु 10 अंक क्रम में लगाएँ: 4, 4, 4, 6, 6, 6, 6, 7, 7, 10। पाँचवाँ और छठा मान दोनों 6 हैं, अतः माध्यिका 6 है। यदि सबसे ऊँचा अंक 10 की जगह 30 होता, तो योग 80 और माध्य 8 हो जाता, पर क्रमबद्ध सूची के बीच में अब भी 6 और 6 होते, अतः माध्यिका 6 ही रहती। इससे पता चलता है कि माध्य अत्यधिक मान से प्रभावित होता है जबकि माध्यिका नहीं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- माध्य = संतुलन बिंदु; विचलनों का योग शून्य।
- सबमें k जोड़ें → माध्य + k; सबको k से गुणा → माध्य × k।
- माध्यिका = क्रम में लगाने के बाद बीच का मान।
- बारंबारता माध्य = Σfx ÷ Σf।
परीक्षा सुझाव
- लुप्त मान ज्ञात करने हेतु पहले माध्य से कुल योग निकालें, फिर ज्ञात मान घटाएँ।
- जब प्रश्न कोई अत्यधिक मान बदले, तो सोचें: क्या बीच का मान बदला? प्रायः माध्यिका वही रहती है।
अभ्यास MCQ
2, 4, 6, 8 और 10 का माध्य है
- 5
- 6
- 7
- 30
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 6. योग 30 ÷ 5 = 6।
1, 3, 4, 8, 9 की माध्यिका है
- 3
- 4
- 5
- 8
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 4. बीच का (तीसरा) मान 4 है।
आँकड़ों में किसी मान के आने की संख्या उसकी कहलाती है
- माध्य
- माध्यिका
- बारंबारता
- परिसर
उत्तर देखें
उत्तर: (c) बारंबारता. बारंबारता आवृत्ति गिनती है।
5 संख्याओं का माध्य 12 है। उनका योग है
- 17
- 2.4
- 60
- 12
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 60. 5 × 12 = 60।
मान 4, 6, 8 में से हर एक में 3 जोड़ने पर नया माध्य है
- 6
- 3
- 18
- 9
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 9. पुराना माध्य 6, 3 बढ़कर 9 हो जाता है।
4, 7, x और 9 का माध्य 7 है। x का मान है
- 6
- 7
- 8
- 28
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 8. योग = 28, अतः x = 28 − 20 = 8।
मान 2, 4, 6 का माध्य 4 है। माध्य से उनके विचलनों का योग है
- 4
- 2
- 12
- 0
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 0. (−2) + 0 + 2 = 0।
एक तालिका में मान 1 दो बार, मान 2 तीन बार और मान 3 पाँच बार आता है। माध्य है
- 2
- 2.3
- 2.5
- 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 2.3. Σfx = 2 + 6 + 15 = 23, Σf = 10, माध्य = 2.3।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।