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संख्याओं की कहानी – कक्षा 8 गणित नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 8 गणित, अध्याय 3। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
लिखने से बहुत पहले लोग गिनती करते थे। समय के साथ कई संख्या पद्धतियाँ बनीं, और शून्य वाली भारतीय स्थानीय मान पद्धति पूरे विश्व में अपनाई गई।
प्रारंभिक संख्या पद्धतियाँ
- मिलान चिह्न और समूह (पाँच, दस) गिनती के पहले रिकॉर्ड थे।
- मिस्री और रोमन अंक जुड़ने वाले प्रतीक प्रयोग करते थे (रोमन: I, V, X, L, C, D, M)।
- रोमन अंकों में शून्य और स्थानीय मान नहीं, इसलिए गणना कठिन।
स्थानीय मान और शून्य
- हिंदू–अरबी पद्धति में अंक का मान उसके स्थान (इकाई, दहाई, सैकड़ा…) पर निर्भर।
- संख्या और स्थान-धारक के रूप में शून्य भारत में विकसित हुआ (ब्रह्मगुप्त ने शून्य के नियम दिए)।
- अन्य आधार: कंप्यूटर में आधार 2 (बाइनरी), समय में आधार 60 (60 सेकंड, 60 मिनट)।
मुख्य शब्द
- स्थानीय मान
- स्थिति से अंक का मान
- आधार
- पद्धति में प्रयुक्त अंकों की संख्या (दशमलव में 10)
- रोमन अंक
- I = 1, V = 5, X = 10, L = 50, C = 100, D = 500, M = 1000
सूत्र
- 4 = IV, 9 = IX, 40 = XL, 90 = XC
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
भारतीय स्थानीय मान पद्धति में शून्य की क्या भूमिका है?2 अंक
शून्य खाली स्थान भरता है, जिससे 205 और 25 अलग पहचाने जाते हैं; इससे बड़ी संख्याएँ लिखना और गणना करना आसान हुआ।
2,024 को रोमन अंकों में और 25 को आधार 2 में लिखिए।3 अंक
2,024 = MMXXIV। 25 = 16 + 8 + 1 = 11001₂।
रोमन अंक पद्धति की हिंदू–अरबी स्थानीय मान पद्धति से तुलना कीजिए। स्थानीय मान पद्धति पूरे विश्व में क्यों फैली?5 अंक
रोमन अंक अक्षरों (I, V, X, L, C, D, M) का उपयोग करते हैं जिनके मान जोड़े या घटाए जाते हैं; शून्य और स्थानीय मान नहीं, इसलिए बड़ी संख्याएँ लंबी और गणना कठिन। हिंदू–अरबी पद्धति 0 सहित दस अंकों का उपयोग करती है और अंक का मान उसके स्थान (इकाई, दहाई, सैकड़ा…) पर निर्भर है। केवल दस प्रतीकों से कोई भी संख्या लिखी जा सकती है, और जोड़, गुणा, भाग सरल स्तंभ विधियों से होते हैं; इसीलिए यह व्यापार और विद्वानों के माध्यम से विश्वभर में फैली।
त्वरित पुनरावृत्ति
- शून्य और स्थानीय मान भारत से।
- दशमलव पद्धति आधार 10।
- समय आधार 60 पर।
परीक्षा सुझाव
- रोमन अंकों में बड़े से पहले छोटा प्रतीक घटता है।
- बाइनरी में 1011₂ = 8 + 0 + 2 + 1 = 11।
अभ्यास MCQ
XIV हमारी संख्याओं में है
- 14
- 16
- 9
- 11
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 14. 10 + 4।
हम रोज़ जिस पद्धति का उपयोग करते हैं उसका आधार है
- 2
- 8
- 10
- 60
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 10. दशमलव।
47,315 में 7 का स्थानीय मान है
- 7
- 700
- 7000
- 70,000
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 7000. हज़ार का स्थान।
90 के लिए रोमन अंक है
- XC
- LXL
- LXXXX
- IC
उत्तर देखें
उत्तर: (a) XC. 100 − 10।
49 का रोमन अंक है
- XLIX
- IL
- XXXXIX
- LIX
उत्तर देखें
उत्तर: (a) XLIX. XL (40) + IX (9)।
बाइनरी संख्या 1101 बराबर है
- 11
- 12
- 13
- 14
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 13. 8 + 4 + 0 + 1।
रोमन अंकों में गणना कठिन क्यों थी?
- स्थानीय मान और शून्य नहीं थे
- केवल बहुत प्रतीक थे
- आधार 2 था
- दाएँ से बाएँ लिखे जाते थे
उत्तर देखें
उत्तर: (a) स्थानीय मान और शून्य नहीं थे. स्थितीय पद्धति नहीं।
द्विआधारी संख्या 1011 बराबर है
- 13
- 11
- 9
- 1011
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 11. 8 + 0 + 2 + 1।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।