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चिकित्सात्मक उपागम – कक्षा 12 मनोविज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 मनोविज्ञान, अध्याय 5। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
मनश्चिकित्सा सेवार्थी और प्रशिक्षित चिकित्सक के बीच एक स्वैच्छिक संबंध है जिसका उद्देश्य मनोवैज्ञानिक समस्याएँ हल करना है। सभी मनश्चिकित्साओं में चिकित्सात्मक संबंध, सिद्धांतों का व्यवस्थित अनुप्रयोग और गोपनीयता जैसी विशेषताएँ होती हैं। प्रमुख उपागमों में मनोगतिक, व्यवहार, संज्ञानात्मक, मानवतावादी-अस्तित्वपरक और जैव-आयुर्विज्ञान चिकित्साएँ, तथा योग और ध्यान जैसी वैकल्पिक चिकित्साएँ शामिल हैं। पुनःस्थापन गंभीर विकारों वाले लोगों को दैनिक जीवन में लौटने में मदद करता है।
चिकित्सा की प्रकृति और प्रकार
- लक्ष्यों में सेवार्थी के सुधार के संकल्प को सुदृढ़ करना, संवेगात्मक दबाव घटाना, क्षमता का विकास, आदतें बदलना, आत्म-जागरूकता बढ़ाना और संबंध सुधारना शामिल हैं; चिकित्सात्मक मैत्री में विश्वास, तदनुभूति, स्वीकृति और गोपनीयता शामिल हैं।
- मनोगतिक चिकित्सा (फ्रायड) अचेतन द्वंद्वों को जागरूकता में लाने और अंतर्दृष्टि प्राप्त करने हेतु मुक्त साहचर्य, स्वप्न व्याख्या, अंतरण और व्याख्या का प्रयोग करती है।
- व्यवहार चिकित्सा अधिगम सिद्धांतों का प्रयोग कर कुसमायोजक व्यवहार बदलती है: दुर्भीतियों हेतु क्रमबद्ध असंवेदीकरण (वोल्प), विमुखी अनुबंधन, टोकन अर्थव्यवस्था, मॉडलिंग और धनात्मक पुनर्बलन।
संज्ञानात्मक, मानवतावादी और अन्य चिकित्साएँ
- संज्ञानात्मक चिकित्साएँ अतार्किक विचार बदलती हैं: अल्बर्ट एलिस की तर्कसंगत-संवेगात्मक चिकित्सा (ABC मॉडल: सक्रियकारी घटना, विश्वास, परिणाम) और आरन बेक की संज्ञानात्मक चिकित्सा; संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT) दोनों उपागमों को जोड़ती है।
- मानवतावादी-अस्तित्वपरक चिकित्साएँ: कार्ल रोजर्स की सेवार्थी-केंद्रित चिकित्सा (अशर्त सकारात्मक आदर, तदनुभूति, प्रामाणिकता), फ्रैंकल की लॉगोथेरेपी (अर्थ खोजना) और गेस्टाल्ट चिकित्सा (भावनाओं की जागरूकता)।
- जैव-आयुर्विज्ञान चिकित्सा मनोरोग चिकित्सकों द्वारा निर्धारित दवाओं का प्रयोग करती है; वैकल्पिक चिकित्साओं में योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया योग शामिल हैं; पुनःस्थापन में व्यावसायिक चिकित्सा, सामाजिक कौशल प्रशिक्षण और व्यावसायिक प्रशिक्षण शामिल हैं। नैतिकता में सूचित सहमति, गोपनीयता और व्यावसायिक सक्षमता आवश्यक हैं।
मुख्य शब्द
- मनश्चिकित्सा
- मनोवैज्ञानिक समस्याएँ हल करने हेतु सेवार्थी और चिकित्सक के बीच स्वैच्छिक संबंध
- मुक्त साहचर्य
- मनोविश्लेषण में प्रयुक्त, बिना रोक-टोक मन में आई हर बात कहना
- क्रमबद्ध असंवेदीकरण
- विश्रांत अवस्था में भयप्रद स्थितियों से धीरे-धीरे सामना
- अशर्त सकारात्मक आदर
- बिना निर्णय के सेवार्थी की पूर्ण स्वीकृति
- तर्कसंगत-संवेगात्मक चिकित्सा
- अतार्किक विश्वासों को तार्किक विश्वासों से बदलने वाली एलिस की चिकित्सा
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
क्रमबद्ध असंवेदीकरण क्या है?2 अंक
जोसेफ़ वोल्प द्वारा विकसित क्रमबद्ध असंवेदीकरण दुर्भीतियों और दुश्चिंता हेतु व्यवहार चिकित्सा है। सेवार्थी विश्रांति सीखता है, दुश्चिंता उत्पन्न करने वाली स्थितियों का पदानुक्रम बनाता है, और विश्रांत अवस्था में धीरे-धीरे उनका सामना करता है, जब तक भय समाप्त न हो जाए।
तर्कसंगत-संवेगात्मक चिकित्सा का ABC मॉडल समझाइए।3 अंक
अल्बर्ट एलिस के मॉडल में A सक्रियकारी घटना, B घटना के बारे में विश्वास, और C संवेगात्मक व व्यवहारात्मक परिणाम है। कष्ट (C) A से नहीं बल्कि 'मुझे सदा सफल होना ही चाहिए' जैसे अतार्किक विश्वासों (B) से उत्पन्न होता है। चिकित्सक इन विश्वासों का खंडन कर उन्हें तार्किक विश्वासों से बदलता है।
मनश्चिकित्सा में स्वास्थ्य-लाभ में योगदान देने वाले कारकों और संबंधित नैतिकता का वर्णन कीजिए।5 अंक
मनश्चिकित्सा में स्वास्थ्य-लाभ में अनेक कारक योगदान देते हैं। प्रयुक्त तकनीकें, जैसे व्यवहार चिकित्सा में सामना कराना या संज्ञानात्मक चिकित्सा में विश्वासों का खंडन, व्यवहार और विचार बदलने में मदद करती हैं। चिकित्सक और सेवार्थी के बीच विश्वास, गर्मजोशी, तदनुभूति और स्वीकृति का संबंध, यानी चिकित्सात्मक मैत्री, सभी चिकित्साओं में सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। विरेचन, यानी समस्याओं के बारे में बात करने पर संवेगात्मक तनाव का निकलना, राहत देता है। अविशिष्ट कारक भी मदद करते हैं: सेवार्थी की परिवर्तन हेतु अभिप्रेरणा और सुधार की प्रत्याशा (रोगी चर), और चिकित्सक की गर्मजोशी, सक्षमता और उत्साह (चिकित्सक चर)। अपनी समस्याओं में अंतर्दृष्टि और सामना करने के नए तरीक़े सीखना स्थायी परिवर्तन लाते हैं। मनश्चिकित्सा को नैतिक मानकों का पालन करना चाहिए। चिकित्सक को चिकित्सा की प्रकृति समझाकर सेवार्थी से सूचित सहमति लेनी चाहिए; गंभीर ख़तरे की स्थिति को छोड़कर सेवार्थी की सूचना की गोपनीयता बनाए रखनी चाहिए; व्यक्तिगत कष्ट दूर करना और हानि से बचना चाहिए; सेवार्थी का शोषण किए बिना चिकित्सक-सेवार्थी संबंध की अखंडता बनाए रखनी चाहिए; मानव अधिकारों और गरिमा का सम्मान करना चाहिए; और व्यावसायिक सक्षमता और कौशल रखते हुए केवल अपने प्रशिक्षण की सीमाओं में कार्य करना चाहिए। मनश्चिकित्सा योग्य पेशेवरों द्वारा ही दी जानी चाहिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- मनश्चिकित्सा की प्रकृति और लक्ष्य; चिकित्सात्मक संबंध।
- मनोगतिक और व्यवहार चिकित्साएँ।
- संज्ञानात्मक और मानवतावादी चिकित्साएँ।
- जैव-आयुर्विज्ञान, वैकल्पिक चिकित्साएँ, पुनःस्थापन और नैतिकता।
परीक्षा सुझाव
- प्रत्येक चिकित्सा को उसके संस्थापक से मिलाएँ: फ्रायड, वोल्प, एलिस, बेक, रोजर्स, फ्रैंकल।
- तर्कसंगत-संवेगात्मक चिकित्सा का ABC मॉडल सीखें।
अभ्यास MCQ
सेवार्थी-केंद्रित चिकित्सा किसने विकसित की
- फ्रायड
- वोल्प
- अल्बर्ट एलिस
- कार्ल रोजर्स
उत्तर देखें
उत्तर: (d) कार्ल रोजर्स. यह मानवतावादी चिकित्सा है।
बिना रोक-टोक मन में आई हर बात कहना कहलाता है
- अंतरण
- मॉडलिंग
- मुक्त साहचर्य
- असंवेदीकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (c) मुक्त साहचर्य. यह मनोविश्लेषणात्मक तकनीक है।
विश्रांत अवस्था में भयप्रद वस्तुओं से धीरे-धीरे सामना है
- विमुखी अनुबंधन
- क्रमबद्ध असंवेदीकरण
- टोकन अर्थव्यवस्था
- लॉगोथेरेपी
उत्तर देखें
उत्तर: (b) क्रमबद्ध असंवेदीकरण. वोल्प ने इसे दुर्भीतियों हेतु विकसित किया।
ABC मॉडल किससे संबंधित है
- सेवार्थी-केंद्रित चिकित्सा
- तर्कसंगत-संवेगात्मक चिकित्सा
- मनोविश्लेषण
- गेस्टाल्ट चिकित्सा
उत्तर देखें
उत्तर: (b) तर्कसंगत-संवेगात्मक चिकित्सा. A घटना, B विश्वास, C परिणाम है।
वांछित व्यवहार को पुरस्कारों में बदले जा सकने वाले टोकनों से पुरस्कृत करना है
- मॉडलिंग
- मुक्त साहचर्य
- टोकन अर्थव्यवस्था
- लॉगोथेरेपी
उत्तर देखें
उत्तर: (c) टोकन अर्थव्यवस्था. इसका प्रयोग संस्थाओं में होता है।
जीवन में अर्थ खोजने में मदद करने वाली लॉगोथेरेपी किसने विकसित की
- विक्टर फ्रैंकल
- आरन बेक
- फ्रायड
- स्किनर
उत्तर देखें
उत्तर: (a) विक्टर फ्रैंकल. वे यातना शिविरों से बचे थे।
मनोविश्लेषण में अंतरण का अर्थ है
- सेवार्थी को दूसरे चिकित्सक के पास भेजना
- सेवार्थी द्वारा महत्वपूर्ण व्यक्तियों के प्रति भावनाओं को चिकित्सक पर निर्देशित करना
- सेवार्थी को अस्पताल भेजना
- दवा देना
उत्तर देखें
उत्तर: (b) सेवार्थी द्वारा महत्वपूर्ण व्यक्तियों के प्रति भावनाओं को चिकित्सक पर निर्देशित करना. अंतर्दृष्टि हेतु इसका विश्लेषण होता है।
अशर्त सकारात्मक आदर का अर्थ है कि चिकित्सक
- स्वप्नों की व्याख्या करता है
- केवल अच्छे व्यवहार को पुरस्कृत करता है
- सलाह और आदेश देता है
- बिना निर्णय के सेवार्थी को पूर्णतः स्वीकार करता है
उत्तर देखें
उत्तर: (d) बिना निर्णय के सेवार्थी को पूर्णतः स्वीकार करता है. यह विकास हेतु सुरक्षित वातावरण बनाता है।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।