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मनोवैज्ञानिक विकार – कक्षा 12 मनोविज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 मनोविज्ञान, अध्याय 4। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
मनोवैज्ञानिक विकार व्यवहार, विचार और संवेग के वे प्रतिरूप हैं जो विचलित, कष्टकारक, दुष्क्रियात्मक और कभी-कभी ख़तरनाक होते हैं। असामान्यता के दृष्टिकोण अलौकिक व्याख्याओं से वैज्ञानिक मॉडलों तक बदले हैं। विकारों का वर्गीकरण DSM (अमेरिकन साइकिएट्रिक एसोसिएशन) और ICD (विश्व स्वास्थ्य संगठन) जैसी प्रणालियों में होता है। इनके कारणों में जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक-सांस्कृतिक कारक शामिल हैं, जिन्हें रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल से सबसे अच्छी तरह समझा जाता है। कलंक अनेक लोगों को सहायता लेने से रोकता है, यद्यपि विकारों का उपचार संभव है।
अवधारणाएँ और कारण
- चार 'D': विचलन (सामाजिक मानकों से भिन्न), कष्ट (व्यक्ति हेतु अप्रिय), दुष्क्रिया (दैनिक जीवन में बाधा) और ख़तरा (स्वयं या दूसरों हेतु)।
- ऐतिहासिक दृष्टिकोण अलौकिक विचारों से जैविक और मनोवैज्ञानिक व्याख्याओं की ओर बढ़े; आधुनिक जैव-मनो-सामाजिक उपागम जैविक (जीन, मस्तिष्क रसायन), मनोवैज्ञानिक (चिंतन, अधिगम, प्रारंभिक अनुभव) और सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों (ग़रीबी, भेदभाव, परिवार) को जोड़ता है।
- रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल कहता है कि विकार तब विकसित होते हैं जब जैविक या मनोवैज्ञानिक भेद्यता (रोगोन्मुखता) दबावपूर्ण जीवन स्थितियों से अंतःक्रिया करती है।
प्रमुख विकार
- दुश्चिंता विकारों में सामान्यीकृत दुश्चिंता विकार, आतंक विकार, विशिष्ट दुर्भीतियाँ और सामाजिक दुश्चिंता शामिल हैं; मनोग्रसित-बाध्यता विकार में अंतर्वेधी विचार और दोहराए जाने वाले कार्य होते हैं; अभिघात-संबंधी विकारों में उत्तर-अभिघातज दबाव विकार (PTSD) शामिल है।
- मनोदशा विकारों में प्रमुख अवसादी विकार (स्थायी उदास मनोदशा और रुचि की हानि) और द्विध्रुवी विकार (बारी-बारी से अवसाद और उन्माद) शामिल हैं; मनोविदलता में सकारात्मक लक्षण (भ्रमासक्ति, विभ्रम) और नकारात्मक लक्षण (भावशून्यता, सामाजिक विनिवर्तन) होते हैं।
- अन्य श्रेणियों में कायिक लक्षण विकार, विघटनशील विकार, तंत्रिका-विकासात्मक विकार (ADHD, स्वलीनता स्पेक्ट्रम विकार, बौद्धिक अशक्तता), बच्चों में व्यवहारात्मक विकार, भोजन और खान-पान विकार, और मादक द्रव्य संबंधी विकार शामिल हैं; कठिनाई झेल रहे किसी भी व्यक्ति को योग्य पेशेवर से परामर्श लेना चाहिए।
मुख्य शब्द
- मनोवैज्ञानिक विकार
- विचलित, कष्टकारक और दुष्क्रियात्मक व्यवहार का प्रतिरूप
- रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल
- विकार भेद्यता और दबाव की अंतःक्रिया से उत्पन्न होते हैं
- दुर्भीति
- किसी विशिष्ट वस्तु या स्थिति का अतार्किक और तीव्र भय
- भ्रमासक्ति
- विपरीत प्रमाण के बावजूद दृढ़ता से रखा गया असत्य विश्वास
- विभ्रम
- बाह्य उद्दीपक के बिना प्रत्यक्षण
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल क्या है?2 अंक
रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल कहता है कि मनोवैज्ञानिक विकार तब विकसित होते हैं जब कोई पूर्ववृत्ति या भेद्यता (रोगोन्मुखता), जैसे आनुवंशिक या प्रारंभिक अनुभव कारक, दबावपूर्ण जीवन घटनाओं से अंतःक्रिया करती है। कोई भी कारक अकेले विकार उत्पन्न करने हेतु पर्याप्त नहीं हो सकता।
असामान्य व्यवहार पहचानने हेतु प्रयुक्त चार 'D' समझाइए।3 अंक
विचलन का अर्थ है व्यवहार सामाजिक मानकों से स्पष्ट रूप से भिन्न है; कष्ट का अर्थ है व्यक्ति परेशान या असहज अनुभव करता है; दुष्क्रिया का अर्थ है व्यवहार काम और संबंधों जैसी दैनिक गतिविधियों में बाधा डालता है; ख़तरे का अर्थ है व्यवहार व्यक्ति या दूसरों को हानि पहुँचा सकता है। इन कसौटियों का प्रयोग अकेले नहीं, एक साथ होता है।
प्रमुख अवसादी विकार और द्विध्रुवी विकार का वर्णन कीजिए।5 अंक
मनोदशा विकारों में व्यक्ति की संवेगात्मक अवस्था में गड़बड़ी शामिल होती है। प्रमुख अवसादी विकार की विशेषता कम से कम दो सप्ताह तक अधिकांश गतिविधियों में स्थायी उदास मनोदशा या रुचि या आनंद की हानि है, साथ में भूख और भार में परिवर्तन, निद्रा समस्याएँ, थकान और ऊर्जा की हानि, व्यर्थता या अत्यधिक अपराधबोध की भावनाएँ, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, और धीमी या उत्तेजित गतियाँ जैसे अन्य लक्षण होते हैं। यह काम, पढ़ाई और संबंधों में बाधा डालता है। जोखिम कारकों में आनुवंशिक भेद्यता, सेरोटोनिन जैसे तंत्रिकासंचारकों में असंतुलन, नकारात्मक चिंतन प्रतिरूप, दबावपूर्ण जीवन घटनाएँ और सामाजिक अवलंब का अभाव शामिल हैं। द्विध्रुवी विकार में अवसाद की अवधियाँ उन्माद की अवधियों के साथ बारी-बारी से आती हैं। उन्माद के दौरान व्यक्ति अत्यधिक उल्लसित या चिड़चिड़ी मनोदशा, बढ़ा हुआ आत्म-सम्मान, निद्रा की कम आवश्यकता, तेज़ वाणी, विचारों की दौड़, विकर्षणशीलता और अत्यधिक ख़र्च जैसा जोखिमपूर्ण व्यवहार दिखा सकता है। द्विध्रुवी विकार में आनुवंशिक घटक प्रबल है। दोनों विकारों का उपचार मनोरोग चिकित्सकों द्वारा निर्धारित दवाओं और संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा जैसी मनश्चिकित्सा से, पारिवारिक सहयोग और स्वस्थ दिनचर्या के साथ संभव है। योग्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से शीघ्र सहायता परिणाम सुधारती है, और कलंक घटाना लोगों को उपचार लेने हेतु प्रोत्साहित करता है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- चार 'D' और असामान्यता के मॉडल।
- DSM और ICD वर्गीकरण।
- रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल।
- दुश्चिंता, OCD, PTSD, मनोदशा विकार, मनोविदलता, तंत्रिका-विकासात्मक विकार।
परीक्षा सुझाव
- असामान्यता के चार 'D' सीखें।
- मनोविदलता के सकारात्मक और नकारात्मक लक्षणों में अंतर करें।
अभ्यास MCQ
किसी विशिष्ट वस्तु का अतार्किक, तीव्र भय है
- दुर्भीति
- भ्रमासक्ति
- विभ्रम
- मनोग्रस्ति
उत्तर देखें
उत्तर: (a) दुर्भीति. ऊँचाई का भय इसका उदाहरण है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रकाशित वर्गीकरण प्रणाली है
- DSM
- ICD
- MMPI
- TAT
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ICD. यह रोगों का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण है।
बाह्य उद्दीपक के बिना प्रत्यक्षण है
- विभ्रम
- भ्रम
- भ्रमासक्ति
- मनोग्रस्ति
उत्तर देखें
उत्तर: (a) विभ्रम. आवाज़ें सुनना इसका उदाहरण है।
विकारों को भेद्यता और दबाव की अंतःक्रिया के रूप में समझाने वाला मॉडल है
- केवल चिकित्सीय मॉडल
- रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल
- अलौकिक मॉडल
- द्रव मॉडल
उत्तर देखें
उत्तर: (b) रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल. दोनों कारक आवश्यक हैं।
बारी-बारी से अवसाद और उन्माद की अवधियों वाला विकार है
- द्विध्रुवी विकार
- सामान्यीकृत दुश्चिंता विकार
- दुर्भीति
- ADHD
उत्तर देखें
उत्तर: (a) द्विध्रुवी विकार. मनोदशा चरम सीमाओं के बीच झूलती है।
बार-बार अवांछित विचार और अत्यधिक हाथ धोने जैसे कर्मकांडी कार्य किसके संकेत हैं
- PTSD
- मनोविदलता
- मनोग्रसित-बाध्यता विकार
- स्वलीनता
उत्तर देखें
उत्तर: (c) मनोग्रसित-बाध्यता विकार. व्यक्ति इन्हें रोक नहीं पाता।
मनोविदलता का नकारात्मक लक्षण कौन-सा है
- विभ्रम
- भावशून्यता और सामाजिक विनिवर्तन
- उत्पीड़न की भ्रमासक्ति
- असंगठित वाणी
उत्तर देखें
उत्तर: (b) भावशून्यता और सामाजिक विनिवर्तन. नकारात्मक लक्षण सामान्य प्रकार्य में कमी हैं।
मनोवैज्ञानिक विकारों से जुड़ा कलंक क्यों महत्वपूर्ण है
- यह स्वास्थ्य-लाभ सुधारता है
- इसका कोई प्रभाव नहीं
- यह लोगों को सहायता लेने से हतोत्साहित करता है और भेदभाव की ओर ले जाता है
- यह विकारों का उपचार करता है
उत्तर देखें
उत्तर: (c) यह लोगों को सहायता लेने से हतोत्साहित करता है और भेदभाव की ओर ले जाता है. जागरूकता कलंक घटाती है।
सभी अध्याय: कक्षा 12 मनोविज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।