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स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता – कक्षा 12 भौतिकी नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 भौतिकी, अध्याय 2। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
विद्युत विभव प्रति इकाई आवेश किया गया कार्य है; संधारित्र आवेश व ऊर्जा संचित करते हैं, और परावैद्युत धारिता बढ़ाते हैं।
विभव
- बिंदु आवेश का विभव V = kq/r; विभवांतर V = W/q।
- समविभव पृष्ठ क्षेत्र रेखाओं के लंबवत; इन पर कार्य नहीं होता।
- E = −dV/dr; दो आवेशों की स्थितिज ऊर्जा U = kq₁q₂/r।
संधारित्र
- C = Q/V (फ़ैरड)। समांतर पट्टिका: C = ε₀A/d; परावैद्युत सहित C = Kε₀A/d।
- श्रेणी: 1/C = 1/C₁ + 1/C₂; पार्श्व: C = C₁ + C₂।
- संचित ऊर्जा U = ½CV² = Q²/(2C)।
मुख्य शब्द
- समविभव पृष्ठ
- जिस पृष्ठ पर हर जगह विभव समान
- परावैद्युतांक
- परावैद्युत से धारिता बढ़ने का गुणक K
- धारिता
- संचित आवेश और विभवांतर का अनुपात, C = Q/V (मात्रक फ़ैरड)
सूत्र
- V = kq/r
- C = ε₀A/d
- U = ½CV²
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
विद्युत क्षेत्र सदा समविभव पृष्ठ के लंबवत क्यों होता है?2 अंक
समविभव पृष्ठ पर आवेश ले जाने में कार्य नहीं लगता (ΔV = 0)। कार्य तभी शून्य होता है जब बल (और क्षेत्र) विस्थापन के लंबवत हो, अतः E पृष्ठ के अभिलंब होता है।
समांतर पट्टिका संधारित्र की धारिता व्युत्पन्न कीजिए और परावैद्युतांक K वाले माध्यम से इसमें परिवर्तन दिखाइए।3 अंक
पट्टिका क्षेत्रफल A, दूरी d, आवेश ±Q। पट्टिकाओं के बीच क्षेत्र E = σ/ε₀ = Q/(Aε₀)। V = Ed = Qd/(Aε₀)। C = Q/V = ε₀A/d। परावैद्युत से रिक्त स्थान भरने पर क्षेत्र E/K हो जाता है, V भी V/K, और C = Kε₀A/d, यानी K गुना।
संधारित्र में संचित ऊर्जा और विद्युत क्षेत्र के ऊर्जा घनत्व का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। 4 µF और 6 µF के संधारित्र श्रेणी में 200 V से जुड़े हैं; प्रत्येक का आवेश और संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए।5 अंक
0 से Q तक आवेशन: dW = V dq = (q/C) dq, अतः W = ∫₀^Q q/C dq = Q²/2C = ½CV² = ½QV। समांतर पट्टिका हेतु U = ½ε₀(A/d)(Ed)² = ½ε₀E² × (Ad), अतः ऊर्जा घनत्व u = ½ε₀E²। श्रेणी: C = (4 × 6)/(4 + 6) = 2.4 µF; Q = CV = 2.4 × 10⁻⁶ × 200 = 4.8 × 10⁻⁴ C (दोनों पर समान)। V₁ = Q/4 µF = 120 V, V₂ = Q/6 µF = 80 V। U₁ = ½QV₁ = 0.0288 J, U₂ = ½QV₂ = 0.0192 J (कुल 0.048 J)।
त्वरित पुनरावृत्ति
- क्षेत्र समविभव पृष्ठों के लंबवत।
- परावैद्युत धारिता K गुना करता है।
- ऊर्जा ½CV²।
परीक्षा सुझाव
- श्रेणी में संधारित्रों पर समान आवेश; पार्श्व में समान वोल्टेज।
- बैटरी जुड़ी रहते परावैद्युत पट्टी डालें तो V वही, Q बढ़ता है; बैटरी हटाकर डालें तो Q वही, V घटता है।
अभ्यास MCQ
धारिता का SI मात्रक है
- फ़ैरड
- वोल्ट
- कूलॉम
- हेनरी
उत्तर देखें
उत्तर: (a) फ़ैरड. फ़ैरड।
समविभव पृष्ठ पर आवेश ले जाने में कार्य है
- अधिकतम
- अनंत
- ऋणात्मक
- शून्य
उत्तर देखें
उत्तर: (d) शून्य. विभवांतर नहीं।
दो 4 µF संधारित्र श्रेणी में देते हैं
- 8 µF
- 2 µF
- 4 µF
- 16 µF
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 2 µF. 4 × 4/8।
100 V पर 10 µF संधारित्र में संचित ऊर्जा है
- 5 J
- 0.5 J
- 0.05 J
- 0.1 J
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 0.05 J. ½ × 10⁻⁵ × 10⁴।
श्रेणी में 6 µF के तीन संधारित्रों की तुल्य धारिता है
- 2 µF
- 18 µF
- 6 µF
- 3 µF
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 2 µF. 1/C = 3/6।
बैटरी जुड़े समांतर पट्टिका संधारित्र में K = 5 का परावैद्युत पूरा भरा गया। धारिता होगी
- समान
- 1/5
- 5 गुनी
- 25 गुनी
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 5 गुनी. C' = KC।
R त्रिज्या और Q आवेश वाले एकसमान आवेशित गोलीय कोश के केंद्र पर विभव है
- kQ/R
- शून्य
- kQ/R²
- 2kQ/R
उत्तर देखें
उत्तर: (a) kQ/R. पृष्ठ के बराबर।
100 V तक आवेशित 10 µF संधारित्र में संचित ऊर्जा है
- 0.01 J
- 0.5 J
- 5 J
- 0.05 J
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 0.05 J. ½CV² = ½ × 10⁻⁵ × 10⁴।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।