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हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन – कक्षा 12 रसायन विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ

NCERT कक्षा 12 रसायन विज्ञान, अध्याय 6। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।

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अध्याय का सार

हैलोऐल्केन और हैलोऐरीन में ऐल्किल या ऐरिल समूहों से जुड़े हैलोजन परमाणु होते हैं। ये नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन और विलोपन करते हैं, और कई औद्योगिक व पर्यावरणीय महत्व के हैं।

हैलोऐल्केनों की अभिक्रियाएँ

  • SN2: एक चरण, विन्यास का प्रतिलोमन, प्राथमिक हैलाइडों में अनुकूल; दर = k[RX][Nu⁻]।
  • SN1: कार्बधनायन मध्यवर्ती, रेसिमीकरण, तृतीयक हैलाइडों में अनुकूल; दर = k[RX]।
  • ऐल्कोहॉली KOH से विलोपन पर ऐल्कीन (सेत्ज़ेफ़ नियम: अधिक प्रतिस्थापित ऐल्कीन मुख्य)।

हैलोऐरीन और उपयोग

  • हैलोऐरीन नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन के प्रति कम क्रियाशील (अनुनाद, sp² कार्बन); ऑर्थो/पैरा पर इलेक्ट्रॉनस्नेही प्रतिस्थापन।
  • शुष्क ईथर में Mg के साथ हैलोऐल्केनों से ग्रिन्यार अभिकर्मक RMgX बनता है।
  • पर्यावरणीय चिंता: CFC ओज़ोन घटाते हैं; DDT स्थायी है।

मुख्य शब्द

नाभिकस्नेही
इलेक्ट्रॉन-धनी स्पीशीज़ जो इलेक्ट्रॉन-न्यून कार्बन पर आक्रमण करे
रेसिमिक मिश्रण
दो प्रतिबिंबरूपों की बराबर मात्रा, प्रकाशिक निष्क्रिय
SN2 अभिक्रिया
पीछे से आक्रमण और विन्यास प्रतीपन वाली एक-पदीय द्वि-आण्विक नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन

सूत्र

  • SN1 क्रियाशीलता: 3° > 2° > 1°
  • SN2 क्रियाशीलता: 1° > 2° > 3°

उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न

रेसिमिक मिश्रण क्या है और यह प्रकाशिक निष्क्रिय क्यों है?2 अंक

दो प्रतिबिंब रूपों का सममोलर मिश्रण। एक द्वारा किया गया घूर्णन दूसरे से ठीक निरस्त हो जाता है, अतः शुद्ध घूर्णन शून्य।

SN1 और SN2 क्रियाविधियों की तीन बिंदुओं पर तुलना कीजिए।3 अंक

SN1: कार्बधनायन द्वारा दो पद, वेग = k[RX] (प्रथम कोटि), रेसिमीकरण; 3° हैलाइड और ध्रुवीय प्रोटिक विलायक अनुकूल। SN2: पीछे से आक्रमण वाला एक पद, वेग = k[RX][Nu] (द्वितीय कोटि), विन्यास प्रतीपन; 1° हैलाइड अनुकूल।

समीकरण लिखिए (i) वुर्ट्ज़ अभिक्रिया, (ii) फ़िटिग अभिक्रिया, (iii) क्लोरोबेंज़ीन का फ़्रीडेल–क्राफ़्ट्स ऐल्किलीकरण, और समझाइए कि DDT और क्लोरोफ़ॉर्म हानिकारक क्यों हैं।5 अंक

(i) 2CH₃Br + 2Na → CH₃–CH₃ + 2NaBr (शुष्क ईथर)। (ii) 2C₆H₅Cl + 2Na → C₆H₅–C₆H₅ + 2NaCl। (iii) C₆H₅Cl + CH₃Cl → (निर्जल AlCl₃) → o- और p-क्लोरोटॉलूईन + HCl (Cl, o/p-निर्देशक)। DDT अजैव-निम्नीकरणीय है और वसा ऊतकों में जमा होकर खाद्य शृंखला में जैव आवर्धन करता है। क्लोरोफ़ॉर्म वायु और प्रकाश में धीरे-धीरे विषैली फ़ॉस्जीन (COCl₂) में ऑक्सीकृत होता है, इसलिए गहरे रंग की ऊपर तक भरी बोतलों में रखा जाता है; यह तंत्रिका तंत्र और यकृत को भी प्रभावित करता है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • SN2 में प्रतिलोमन; SN1 में रेसिमीकरण।
  • हैलोऐरीन o/p निर्देशी।
  • CFC ओज़ोन परत को हानि।

परीक्षा सुझाव

  • जलीय KOH → प्रतिस्थापन (ऐल्कोहॉल); ऐल्कोहॉली KOH → विलोपन (ऐल्कीन)।
  • अभिक्रियाशीलता क्रम: SN1 3° > 2° > 1° (कार्बधनायन स्थायित्व); SN2 1° > 2° > 3° (त्रिविम बाधा)।

अभ्यास MCQ

  1. हैलोऐल्केन के साथ ऐल्कोहॉली KOH मुख्यतः देता है

    1. ऐल्कीन
    2. ऐल्कोहॉल
    3. ईथर
    4. ऐल्केन
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) ऐल्कीन. विलोपन।

  2. ग्रिन्यार अभिकर्मक है

    1. RX
    2. RNa
    3. केवल RLi
    4. RMgX
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) RMgX. ऐल्किल मैग्नीशियम हैलाइड।

  3. SN1 अभिक्रिया सबसे तेज़ होती है

    1. तृतीयक हैलाइडों में
    2. प्राथमिक हैलाइडों में
    3. मेथिल हैलाइडों में
    4. विनाइल हैलाइडों में
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) तृतीयक हैलाइडों में. स्थायी कार्बधनायन।

  4. विन्यास का प्रतिलोमन होता है

    1. SN1 में
    2. E1 में
    3. SN2 में
    4. मुक्त-मूलक अभिक्रियाओं में
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) SN2 में. पीछे से आक्रमण।

  5. जलीय KOH के साथ CH₃Br का उत्पाद है

    1. CH₃OH
    2. CH₄
    3. CH₃OCH₃
    4. HCHO
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) CH₃OH. OH⁻ से प्रतिस्थापन।

  6. क्लोरोबेंज़ीन क्लोरोएथेन से कम नाभिकस्नेही क्रियाशील है क्योंकि

    1. C–Cl आबंध में आंशिक द्वि-आबंध गुण है
    2. Cl बड़ा है
    3. बेंज़ीन अम्लीय है
    4. यह गैस है
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) C–Cl आबंध में आंशिक द्वि-आबंध गुण है. अनुनाद।

  7. 2-ब्रोमोब्यूटेन के विहाइड्रोहैलोजनन से मुख्यतः मिलता है

    1. 1-ब्यूटीन
    2. 2-ब्यूटीन
    3. ब्यूटेन
    4. ब्यूटेनॉल
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) 2-ब्यूटीन. सेत्ज़ेफ़ उत्पाद।

  8. क्लोरोबेंज़ीन नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन में क्लोरोएथेन से कम अभिक्रियाशील है क्योंकि

    1. बेंज़ीन में Cl अधिक विद्युत ऋणात्मक
    2. इसमें Cl नहीं
    3. बेंज़ीन गैस है
    4. अनुनाद से C–Cl में आंशिक द्विबंध गुण
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) अनुनाद से C–Cl में आंशिक द्विबंध गुण. अनुनाद, sp² कार्बन।

सभी अध्याय: कक्षा 12 रसायन विज्ञान

यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।