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पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन – कक्षा 12 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 जीव विज्ञान, अध्याय 1। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
फूलों में जनन अंग होते हैं। परागकोश से परागकण वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं (परागण), नर युग्मक अंड और ध्रुवीय केंद्रकों से संलयित होते हैं (द्विनिषेचन), और बीज व फल बनते हैं।
निषेचन-पूर्व घटनाएँ
- पुंकेसर = परागकोश + पुतंतु; लघुबीजाणु मातृ कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन से परागकण (नर युग्मकोद्भिद) बनाती हैं।
- स्त्रीकेसर = वर्तिकाग्र + वर्तिका + अंडाशय; बीजांड की गुरुबीजाणु मातृ कोशिका भ्रूणकोष (7 कोशिकीय, 8 केंद्रकी) बनाती है।
- परागण: स्व (स्वयुग्मन, सजातपुष्पी) या पर (परनिषेचन) — वायु, जल या जंतुओं द्वारा।
द्विनिषेचन और उसके बाद
- एक नर युग्मक + अंड → युग्मनज (2n); दूसरा + दो ध्रुवीय केंद्रक → प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (3n)।
- भ्रूणपोष भ्रूण को पोषण देता है; बीजांड → बीज, अंडाशय → फल।
- असंगजनन में बिना निषेचन बीज बनते हैं; अनिषेकफलन में बीजरहित फल।
मुख्य शब्द
- द्विनिषेचन
- युग्मक संलयन और त्रिसंलयन, केवल पुष्पी पादपों में
- असंगजनन
- बिना निषेचन बीज बनना
- बाह्यचोल
- स्पोरोपोलेनिन से बनी परागकण की कठोर बाहरी भित्ति
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
तंतुरूप उपकरण का कार्य क्या है?2 अंक
सहायक कोशिकाओं के सिरों पर स्थित तंतुरूप उपकरण पराग नलिका को भ्रूणकोष की सहायक कोशिका में प्रवेश हेतु मार्गदर्शन देता है।
स्वयुग्मन, सजातपुष्पी परागण और परनिषेचन में अंतर कीजिए।3 अंक
स्वयुग्मन: पुष्प का पराग उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर। सजातपुष्पी: उसी पौधे के दूसरे पुष्प पर (आनुवंशिक रूप से स्व-परागण जैसा)। परनिषेचन: दूसरे पौधे के पुष्प पर, आनुवंशिक विविधता लाता है।
परिपक्व भ्रूणकोष की संरचना का वर्णन कीजिए और द्विनिषेचन समझाइए।5 अंक
परिपक्व भ्रूणकोष 7 कोशिकीय और 8 केंद्रकी होता है: बीजांडद्वार की ओर अंड उपकरण (एक अंड कोशिका और तंतुरूप उपकरण वाली दो सहायक कोशिकाएँ); निभाग की ओर तीन प्रतिमुख कोशिकाएँ; केंद्र में दो ध्रुवीय केंद्रकों वाली बड़ी केंद्रीय कोशिका। पराग नलिका सहायक कोशिका में प्रवेश कर दो नर युग्मक छोड़ती है। एक अंड से मिलकर (युग्मक संलयन) द्विगुणित युग्मनज बनाता है, जो भ्रूण बनता है। दूसरा दो ध्रुवीय केंद्रकों से मिलकर (त्रिसंलयन) त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक बनाता है, जो भ्रूणपोष बनता है। दो संलयन होने के कारण इसे द्विनिषेचन कहते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- त्रिसंलयन से 3n भ्रूणपोष।
- सजातपुष्पी परागण आनुवंशिक रूप से स्व-परागण है।
- स्पोरोपोलेनिन सबसे प्रतिरोधी कार्बनिक पदार्थ।
परीक्षा सुझाव
- भ्रूणकोष याद रखें — 7 कोशिकाएँ, 8 केंद्रक: अंड उपकरण (3), प्रतिमुख (3), केंद्रीय कोशिका (2 ध्रुवीय केंद्रक)।
- बहिःप्रजनन युक्तियाँ याद रखें: भिन्नकालपक्वता (परागकोश और वर्तिकाग्र अलग समय पर परिपक्व), हर्कोगैमी, स्व-असामंजस्य, और एकलिंगी पुष्प (एकलिंगाश्रयी)।
अभ्यास MCQ
पुष्पी पादप का नर युग्मकोद्भिद है
- बीजांड
- परागकोश
- परागकण
- वर्तिकाग्र
उत्तर देखें
उत्तर: (c) परागकण. परागकण।
अंडाशय विकसित होकर बनता है
- फल
- बीज
- भ्रूण
- भ्रूणपोष
उत्तर देखें
उत्तर: (a) फल. फल।
सामान्य भ्रूणकोष होता है
- 8 कोशिकीय, 8 केंद्रकी
- 7 कोशिकीय, 8 केंद्रकी
- 7 कोशिकीय, 7 केंद्रकी
- 8 कोशिकीय, 7 केंद्रकी
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 7 कोशिकीय, 8 केंद्रकी. केंद्रीय कोशिका में दो ध्रुवीय केंद्रक।
एक ही पौधे के फूलों के बीच परागण है
- स्वयुग्मन
- अनुन्मील्य
- परनिषेचन
- सजातपुष्पी
उत्तर देखें
उत्तर: (d) सजातपुष्पी. सजातपुष्पी।
भ्रूणकोष का वह भाग जो भ्रूणपोष बनाता है
- अंड
- सहायक कोशिका
- केंद्रीय कोशिका (ध्रुवीय केंद्रक)
- प्रतिमुख कोशिका
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केंद्रीय कोशिका (ध्रुवीय केंद्रक). त्रिसंलयन के बाद।
प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक की गुणिता है
- n
- 3n
- 2n
- 4n
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 3n. नर युग्मक + दो ध्रुवीय केंद्रक।
परागकण का बाह्यचोल बना होता है
- स्पोरोपोलेनिन
- पेक्टिन
- सेल्यूलोज़
- लिग्निन
उत्तर देखें
उत्तर: (a) स्पोरोपोलेनिन. अत्यधिक प्रतिरोधी।
नारियल में सफ़ेद गिरी और पानी हैं
- कोशिकीय और मुक्त-केंद्रकी भ्रूणपोष
- बीजपत्र
- परिभ्रूणपोष
- फलभित्ति
उत्तर देखें
उत्तर: (a) कोशिकीय और मुक्त-केंद्रकी भ्रूणपोष. नारियल पानी मुक्त-केंद्रकी भ्रूणपोष है।
सभी अध्याय: कक्षा 12 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।