होम › मुफ़्त नोट्स › कक्षा 11 अर्थशास्त्र › आँकड़ों का संगठन
आँकड़ों का संगठन – कक्षा 11 अर्थशास्त्र नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 अर्थशास्त्र, अध्याय 3। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
सर्वेक्षण में एकत्र कच्चे आँकड़े असंगठित और समझने में कठिन होते हैं। वर्गीकरण आँकड़ों को समान विशेषताओं वाले समूहों में व्यवस्थित करता है। आँकड़ों का वर्गीकरण कालानुक्रमिक, स्थानिक, गुणात्मक या मात्रात्मक हो सकता है। बारंबारता वितरण दिखाता है कि हर वर्ग में मान कितनी बार आते हैं और यह आगे के विश्लेषण का मूल साधन है।
वर्गीकरण
- कालानुक्रमिक वर्गीकरण आँकड़ों को समय के अनुसार बाँटता है, जैसे वर्षवार जनसंख्या।
- स्थानिक वर्गीकरण आँकड़ों को स्थान के अनुसार बाँटता है, जैसे राज्यवार गेहूँ उत्पादन।
- गुणात्मक वर्गीकरण गुणों, जैसे लिंग या साक्षरता, के अनुसार; मात्रात्मक वर्गीकरण मापने योग्य मानों, जैसे अंक या आय, के अनुसार बाँटता है।
चर
- चर वह विशेषता है जो अलग-अलग मान ले सकती है।
- विविक्त चर केवल कुछ मान, प्रायः पूर्ण संख्याएँ, लेता है, जैसे बच्चों की संख्या।
- सतत चर किसी सीमा में कोई भी मान ले सकता है, जैसे ऊँचाई या भार।
बारंबारता वितरण
- बारंबारता वितरण हर वर्ग में प्रेक्षणों की संख्या (बारंबारता) दिखाता है; मिलान चिह्न गिनती में मदद करते हैं।
- वर्ग सीमाएँ किसी वर्ग के न्यूनतम और अधिकतम मान हैं; वर्ग अंतराल (चौड़ाई) = उच्च सीमा − निम्न सीमा।
- वर्ग चिह्न (मध्य मान) = (उच्च सीमा + निम्न सीमा) ÷ 2।
- अपवर्जी विधि (10–20, 20–30) में उच्च सीमा सम्मिलित नहीं होती; समावेशी विधि (10–19, 20–29) में दोनों सीमाएँ सम्मिलित होती हैं।
मुख्य शब्द
- वर्गीकरण
- समान विशेषताओं के अनुसार आँकड़ों को समूहों या वर्गों में व्यवस्थित करना
- बारंबारता
- किसी आँकड़ा समूह में कोई मान या वर्ग कितनी बार आता है
- वर्ग अंतराल
- किसी वर्ग की उच्च और निम्न सीमाओं का अंतर
- वर्ग चिह्न
- वर्ग का मध्य मान, (उच्च सीमा + निम्न सीमा) ÷ 2 से प्राप्त
- सतत चर
- ऐसा चर जो दी गई सीमा में कोई भी मान ले सके
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
विविक्त और सतत चरों में क्या अंतर है?2 अंक
विविक्त चर केवल कुछ अलग-अलग मान, प्रायः पूर्ण संख्याएँ, ले सकता है, जैसे कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या। सतत चर किसी सीमा में भिन्नों सहित कोई भी मान ले सकता है, जैसे ऊँचाई, भार या तापमान।
वर्ग बनाने की अपवर्जी और समावेशी विधियाँ समझाइए।3 अंक
अपवर्जी विधि में एक वर्ग की उच्च सीमा अगले वर्ग की निम्न सीमा होती है, जैसे 10–20, 20–30, और उच्च सीमा के बराबर मद अगले वर्ग में रखा जाता है। समावेशी विधि में दोनों सीमाएँ वर्ग में सम्मिलित होती हैं, जैसे 10–19, 20–29, इसलिए वर्गों के बीच अंतर रहता है। अपवर्जी विधि सतत आँकड़ों और समावेशी विधि विविक्त आँकड़ों हेतु उपयुक्त है।
वर्गीकरण क्या है? इसके प्रकार और बारंबारता वितरण की रचना समझाइए।5 अंक
वर्गीकरण कच्चे आँकड़ों को समान विशेषताओं के आधार पर समूहों या वर्गों में व्यवस्थित करने की प्रक्रिया है, ताकि आँकड़े संक्षिप्त, स्पष्ट और तुलनीय हों। आँकड़ों का वर्गीकरण चार प्रकार से होता है। कालानुक्रमिक वर्गीकरण आँकड़ों को समय के अनुसार बाँटता है, जैसे विभिन्न जनगणना वर्षों में भारत की जनसंख्या। स्थानिक वर्गीकरण स्थान के अनुसार बाँटता है, जैसे विभिन्न राज्यों में चावल उत्पादन। गुणात्मक वर्गीकरण लिंग, धर्म या साक्षरता जैसे गुणों के अनुसार बाँटता है। मात्रात्मक वर्गीकरण अंक, आय या ऊँचाई जैसी मापने योग्य विशेषताओं के अनुसार बाँटता है। बारंबारता वितरण मात्रात्मक वर्गीकरण का आम रूप है। इसकी रचना हेतु पहले आँकड़ों का परिसर निकालें और वर्गों की संख्या व वर्ग अंतराल तय करें। फिर अपवर्जी या समावेशी विधि से वर्ग लिखें, कच्चे आँकड़ों को देखकर हर प्रेक्षण हेतु उसके वर्ग के सामने मिलान चिह्न लगाएँ, और मिलान चिह्न गिनकर हर वर्ग की बारंबारता प्राप्त करें। हर वर्ग का वर्ग चिह्न (उच्च सीमा + निम्न सीमा) ÷ 2 है। बारंबारताओं का योग प्रेक्षणों की संख्या के बराबर होना चाहिए। बारंबारता वितरण आँकड़ों को संक्षिप्त करता है और आरेखों व औसतों का आधार बनता है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- कालानुक्रमिक, स्थानिक, गुणात्मक, मात्रात्मक।
- विविक्त बनाम सतत चर।
- वर्ग अंतराल = उच्च − निम्न सीमा।
- वर्ग चिह्न = (उच्च + निम्न) ÷ 2।
परीक्षा सुझाव
- कच्चे अंकों से मिलान चिह्नों वाली एक बारंबारता तालिका बनाने का अभ्यास करें।
- वर्ग चिह्न सूत्र और अपवर्जी बनाम समावेशी अंतर याद रखें।
अभ्यास MCQ
वर्ष के अनुसार आँकड़ों का समूहन है
- स्थानिक वर्गीकरण
- गुणात्मक वर्गीकरण
- कालानुक्रमिक वर्गीकरण
- यादृच्छिक वर्गीकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (c) कालानुक्रमिक वर्गीकरण. यह समय पर आधारित है।
कोई मान जितनी बार आता है, वह उसकी है
- वर्ग चिह्न
- बारंबारता
- परिसर
- सीमा
उत्तर देखें
उत्तर: (b) बारंबारता. मिलान चिह्न गिनने में मदद करते हैं।
किसी परिवार में बच्चों की संख्या है
- विविक्त चर
- सतत चर
- गुणात्मक गुण
- वर्ग सीमा
उत्तर देखें
उत्तर: (a) विविक्त चर. यह पूर्ण संख्या वाले मान लेती है।
वर्ग 20–30 का वर्ग चिह्न है
- 20
- 25
- 30
- 50
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 25. (20 + 30) ÷ 2 = 25।
वर्ग 40–50 में वर्ग अंतराल है
- 10
- 50
- 40
- 90
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 10. 50 − 40 = 10।
विद्यार्थियों का साक्षर या निरक्षर में वर्गीकरण है
- गुणात्मक
- मात्रात्मक
- कालानुक्रमिक
- स्थानिक
उत्तर देखें
उत्तर: (a) गुणात्मक. यह गुण पर आधारित है।
अपवर्जी वर्गों 10–20 और 20–30 में मान 20 किसमें रखा जाता है
- 10–20
- किसी में नहीं
- दोनों वर्गों में
- 20–30
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 20–30. उच्च सीमा अपने वर्ग में सम्मिलित नहीं होती।
इनमें से सतत चर कौन-सा है
- कारों की संख्या
- पुस्तकों की संख्या
- कमरों की संख्या
- विद्यार्थियों की ऊँचाई
उत्तर देखें
उत्तर: (d) विद्यार्थियों की ऊँचाई. ऊँचाई भिन्नात्मक मान ले सकती है।
सभी अध्याय: कक्षा 11 अर्थशास्त्र
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।