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कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें – कक्षा 11 रसायन विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 रसायन विज्ञान, अध्याय 8। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
कार्बनिक रसायन कार्बन यौगिकों का अध्ययन है। कार्बन की चतुःसंयोजकता और शृंखलन से अनेक यौगिक बनते हैं जिनका नामकरण IUPAC नियमों से होता है; इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव अभिक्रियाशीलता समझाते हैं, और विशेष विधियाँ इन्हें शुद्ध व विश्लेषित करती हैं।
संरचना और नामकरण
- कार्बन का संकरण: sp³ (एकल), sp² (द्वि), sp (त्रिबंध)।
- IUPAC: सबसे लंबी शृंखला, न्यूनतम स्थानांक, मुख्य क्रियात्मक समूह का अनुलग्न, पूर्वलग्न वर्णक्रम में।
- समावयवता: संरचनात्मक (शृंखला, स्थिति, क्रियात्मक, मध्यावयवता, चलावयवता) और त्रिविम समावयवता।
अभिक्रियाशीलता और तकनीकें
- प्रेरणिक प्रभाव (−I: NO₂, Cl; +I: ऐल्किल), अनुनाद (±R), अतिसंयुग्मन और इलेक्ट्रोमेरी प्रभाव।
- कार्बधनायन स्थायित्व: 3° > 2° > 1° > मेथिल; मुक्त मूलक भी यही क्रम।
- शोधन: क्रिस्टलन, आसवन (प्रभाजी, भाप, निर्वात), वर्णलेखन; लैसाने परीक्षण N, S, हैलोजन पहचानता है।
मुख्य शब्द
- सजातीय श्रेणी
- –CH₂– से भिन्न, समान गुणों वाले यौगिक
- अतिसंयुग्मन
- C–H बंधों के σ इलेक्ट्रॉनों का आसन्न π तंत्र या रिक्त p कक्षक से विस्थानन
- नाभिकस्नेही
- इलेक्ट्रॉन-धनी स्पीशीज़ जो इलेक्ट्रॉन-न्यून केंद्रों पर आक्रमण करे
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
समांश और विषमांश विदलन में क्या अंतर है?2 अंक
समांश विदलन में हर परमाणु बंध का एक इलेक्ट्रॉन रखता है, मुक्त मूलक बनते हैं। विषमांश विदलन में एक परमाणु दोनों इलेक्ट्रॉन ले लेता है, धनायन और ऋणायन बनते हैं।
यदि 0.2 g कार्बनिक यौगिक दहन पर 0.44 g CO₂ और 0.18 g H₂O देता है, तो कार्बन और हाइड्रोजन का प्रतिशत ज्ञात कीजिए।3 अंक
C = (12/44) × 0.44 = 0.12 g, अतः %C = 0.12/0.2 × 100 = 60%। H = (2/18) × 0.18 = 0.02 g, अतः %H = 10%। (शेष 30% ऑक्सीजन हो सकती है।)
प्रेरणिक प्रभाव, अनुनाद प्रभाव और अतिसंयुग्मन को एक-एक उदाहरण सहित समझाइए, और इनसे CH₃COOH, ClCH₂COOH और FCH₂COOH की अम्लता का क्रम लिखिए।5 अंक
प्रेरणिक प्रभाव: विद्युत ऋणात्मक परमाणु के कारण शृंखला में σ-इलेक्ट्रॉनों का स्थायी विस्थापन; –Cl इलेक्ट्रॉन खींचता (−I), –CH₃ धकेलता (+I)। अनुनाद प्रभाव: संयुग्मी तंत्रों में π या एकाकी युग्म इलेक्ट्रॉनों का विस्थानन, जैसे बेंज़ीन, या –OH का वलय में दान (+R)। अतिसंयुग्मन: C–H σ-इलेक्ट्रॉनों का आसन्न रिक्त p कक्षक या π तंत्र में विस्थानन; बताता है कि tert-ब्यूटिल कार्बधनायन मेथिल से अधिक स्थायी क्यों है। अम्लता: −I समूह कार्बोक्सिलेट ऋणायन को स्थायी करते हैं, और F का −I प्रभाव Cl से प्रबल है, अतः FCH₂COOH > ClCH₂COOH > CH₃COOH।
त्वरित पुनरावृत्ति
- कार्बधनायन स्थायित्व 3° > 2° > 1°।
- −I समूह इलेक्ट्रॉन खींचते हैं।
- वर्णलेखन विभेदी अधिशोषण से पृथक करता है।
परीक्षा सुझाव
- भाप आसवन ऐनिलीन जैसे वाष्पशील, जल-अमिश्रणीय यौगिकों हेतु उपयुक्त।
- IUPAC नाम में शृंखला को ऐसे क्रमांकित करें कि मुख्य क्रियात्मक समूह को न्यूनतम स्थानांक मिले, भले ही प्रतिस्थापियों को बड़े अंक मिलें।
अभ्यास MCQ
मेथेन में कार्बन का संकरण है
- sp³
- sp²
- sp
- sp³d
उत्तर देखें
उत्तर: (a) sp³. चार एकल बंध।
नाभिकस्नेही है
- NH₃
- H⁺
- BF₃
- NO₂⁺
उत्तर देखें
उत्तर: (a) NH₃. एकाकी युग्म।
CH₃CH₂CH₂OH का IUPAC नाम है
- प्रोपेन-2-ऑल
- प्रोपेनैल
- प्रोपेन-1-ऑल
- एथेनॉल
उत्तर देखें
उत्तर: (c) प्रोपेन-1-ऑल. C1 पर OH।
सबसे स्थायी कार्बधनायन है
- मेथिल
- प्राथमिक
- द्वितीयक
- तृतीयक
उत्तर देखें
उत्तर: (d) तृतीयक. अतिसंयुग्मन और +I।
CH₃–CH(CH₃)–CH₂–CH₃ का IUPAC नाम है
- 2-मेथिलब्यूटेन
- 3-मेथिलब्यूटेन
- पेंटेन
- आइसोब्यूटेन
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 2-मेथिलब्यूटेन. न्यूनतम स्थानांक।
नाइट्रोजन हेतु लैसाने परीक्षण में रंग आता है
- रक्त लाल
- बैंगनी
- प्रशियन नीला
- सफ़ेद अवक्षेप
उत्तर देखें
उत्तर: (c) प्रशियन नीला. फ़ेरिक फ़ेरोसायनाइड।
−I प्रभाव दर्शाने वाला समूह है
- –NO₂
- –CH₃
- –C₂H₅
- –C(CH₃)₃
उत्तर देखें
उत्तर: (a) –NO₂. इलेक्ट्रॉन-आकर्षी।
सबसे स्थायी कार्बऋणायन है
- CH₃⁻
- (CH₃)₃C⁻
- CH₃CH₂⁻
- (CH₃)₂CH⁻
उत्तर देखें
उत्तर: (a) CH₃⁻. ऐल्किल समूह (+I) कार्बऋणायन को अस्थायी करते हैं।
सभी अध्याय: कक्षा 11 रसायन विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।