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तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय – कक्षा 11 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान, अध्याय 18। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
तंत्रिका तंत्र विद्युत आवेग ले जाने वाले न्यूरॉनों से शरीर की गतिविधियाँ समन्वित करता है। मस्तिष्क, मेरुरज्जु और संवेदी अंग नियंत्रण व अनुक्रिया हेतु साथ काम करते हैं।
न्यूरॉन और आवेग
- न्यूरॉन: द्रुमिका, कोशिका काय (साइटॉन), तंत्रिकाक्ष; माइलिनित तंतु तेज़ संचरण करते हैं (रैनवियर नोड पर उच्छलित संचरण)।
- विराम विभव ≈ −70 mV, Na⁺/K⁺ पंप से बना रहता है; Na⁺ अंतर्वाह से सक्रिय विभव।
- सिनैप्स: विद्युत या रासायनिक; ऐसीटिलकोलीन जैसे तंत्रिकासंचारी सिनैप्टिक दरार पार करते हैं।
केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और प्रतिवर्त
- अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क, थैलेमस, हाइपोथैलेमस), मध्यमस्तिष्क, पश्चमस्तिष्क (पोंस, अनुमस्तिष्क, मेडुला)।
- अनुमस्तिष्क संतुलन बनाए रखता है; मेडुला श्वसन और हृदय गति नियंत्रित करता है; हाइपोथैलेमस ताप, भूख, प्यास नियंत्रित करता है।
- प्रतिवर्ती चाप: ग्राही → संवेदी न्यूरॉन → मेरुरज्जु → प्रेरक न्यूरॉन → प्रभावक (जैसे घुटना-झटका)।
मुख्य शब्द
- सिनैप्स
- दो न्यूरॉनों के बीच संधि
- प्रतिवर्ती क्रिया
- उद्दीपन के प्रति तीव्र, स्वचालित अनुक्रिया
- तंत्रिकासंचारी
- सिनैप्स पर मुक्त रसायन जो संकेत अगले न्यूरॉन या पेशी तक ले जाता है, जैसे ऐसीटिलकोलीन
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
कॉर्पस कैलोसम का कार्य क्या है?2 अंक
यह तंत्रिका तंतुओं की मोटी पट्टी है जो बाएँ और दाएँ प्रमस्तिष्क गोलार्धों को जोड़ती है ताकि वे सूचना साझा कर सकें।
मानव नेत्र की संरचना का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।3 अंक
तीन परतें: श्वेतपटल (बाहरी, आगे पारदर्शी कॉर्निया), रक्तक (मध्य, रक्त वाहिकाओं सहित; आगे परितारिका और पक्ष्माभी काय बनाता है), और दृष्टिपटल (भीतरी, मंद प्रकाश हेतु शलाकाएँ और रंग हेतु शंकु)। पुतली के पीछे लेंस प्रकाश को दृष्टिपटल पर फ़ोकस करता है; पीत बिंदु के गर्तिका में केवल शंकु, सबसे स्पष्ट दृष्टि; अंध बिंदु पर, जहाँ दृक् तंत्रिका निकलती है, प्रकाशग्राही नहीं।
समझाइए कि तंत्रिकाक्ष पर तंत्रिका आवेग कैसे उत्पन्न और संचरित होता है, और रासायनिक सिनैप्स पार कैसे होता है।5 अंक
विराम पर तंत्रिकाक्ष झिल्ली ध्रुवित (अंदर ऋणात्मक, लगभग −70 mV) होती है क्योंकि Na⁺/K⁺ पंप Na⁺ को बाहर और K⁺ को अंदर रखता है और झिल्ली K⁺ हेतु अधिक पारगम्य है। उद्दीपन Na⁺ चैनल खोलता है; Na⁺ तेज़ी से अंदर आता और अंदर धनात्मक हो जाता है (विध्रुवण, सक्रिय विभव)। फिर आसन्न भाग विध्रुवित होता है, अतः आवेग तंत्रिकाक्ष पर आगे बढ़ता है; पीछे K⁺ चैनल खुलकर K⁺ बाहर जाता और अंदर फिर ऋणात्मक होता है (पुनर्ध्रुवण)। माइलिनित तंत्रिकाक्ष में आवेग नोड से नोड कूदता है (उच्छलित संचरण), जो तेज़ है। रासायनिक सिनैप्स पर आवेग सिनैप्टिक पुटिकाओं से तंत्रिकासंचारी (जैसे ऐसीटिलकोलीन) दरार में छुड़वाता है; यह पश्चसिनैप्टिक झिल्ली के ग्राहियों से जुड़कर आयन चैनल खोलता और नया आवेग आरंभ करता है; फिर एंज़ाइम संचारी हटाते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- अनुमस्तिष्क = संतुलन।
- मेडुला = श्वसन और हृदय गति।
- माइलिन संचरण तेज़ करता है।
परीक्षा सुझाव
- विराम अवस्था में तंत्रिकाक्ष झिल्ली Na⁺ की अपेक्षा K⁺ हेतु अधिक पारगम्य होती है।
- आयन गतियाँ याद रखें: विध्रुवण = Na⁺ अंदर; पुनर्ध्रुवण = K⁺ बाहर; Na⁺/K⁺ पंप (3 Na⁺ बाहर, 2 K⁺ अंदर) से विराम विभव पुनः स्थापित।
अभ्यास MCQ
शरीर का संतुलन बनाए रखता है
- अनुमस्तिष्क
- प्रमस्तिष्क
- मेडुला
- पोंस
उत्तर देखें
उत्तर: (a) अनुमस्तिष्क. अनुमस्तिष्क।
दो न्यूरॉनों के बीच संधि है
- द्रुमिका
- सिनैप्स
- तंत्रिकाक्ष
- नोड
उत्तर देखें
उत्तर: (b) सिनैप्स. सिनैप्स।
न्यूरॉन का विराम झिल्ली विभव लगभग है
- +70 mV
- 0 mV
- −70 mV
- −30 mV
उत्तर देखें
उत्तर: (c) −70 mV. अंदर ऋणात्मक।
शरीर ताप, भूख और प्यास नियंत्रित करता है
- अनुमस्तिष्क
- मेडुला
- हाइपोथैलेमस
- थैलेमस
उत्तर देखें
उत्तर: (c) हाइपोथैलेमस. हाइपोथैलेमस।
शरीर ताप, भूख और प्यास नियंत्रित करने वाला मस्तिष्क भाग है
- हाइपोथैलेमस
- मेडुला
- अनुमस्तिष्क
- पोंस
उत्तर देखें
उत्तर: (a) हाइपोथैलेमस. पीयूष से भी जुड़ा।
उच्छलित संचरण होता है
- अमाइलिनित तंतुओं में
- केवल द्रुमिकाओं में
- माइलिनित तंतुओं में
- सिनैप्स में
उत्तर देखें
उत्तर: (c) माइलिनित तंतुओं में. रैनवियर नोड।
सक्रिय विभव मुख्यतः किस कारण शुरू होता है
- K⁺ अंतर्वाह
- Na⁺ अंतर्वाह
- Cl⁻ बहिर्वाह
- Ca²⁺ बहिर्वाह
उत्तर देखें
उत्तर: (b) Na⁺ अंतर्वाह. विध्रुवण।
रासायनिक सिनैप्स पर संचरण एकदिशीय होता है क्योंकि
- तंत्रिकाक्ष माइलिनित है
- तंत्रिकासंचारी केवल पूर्वसिनैप्टिक घुंडी में और ग्राही केवल पश्चसिनैप्टिक झिल्ली पर होते हैं
- द्रुमिकाएँ चालन नहीं कर सकतीं
- Ca²⁺ अनुपस्थित है
उत्तर देखें
उत्तर: (b) तंत्रिकासंचारी केवल पूर्वसिनैप्टिक घुंडी में और ग्राही केवल पश्चसिनैप्टिक झिल्ली पर होते हैं. संरचनात्मक ध्रुवता।
सभी अध्याय: कक्षा 11 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।