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गुप्त युग: अथक रचनात्मकता का काल – कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 7। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
गुप्त वंश ने लगभग 320 ईसवी से उत्तर भारत में विशाल साम्राज्य बनाया। इस काल में साहित्य, विज्ञान, गणित, कला और शिक्षा में महान उपलब्धियाँ हुईं। समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय जैसे शासकों, कालिदास जैसे लेखकों और आर्यभट जैसे वैज्ञानिकों ने इसे रचनात्मकता का युग बनाया।
गुप्त शासक
- चंद्रगुप्त प्रथम ने लगभग 320 ईसवी में साम्राज्य की स्थापना की।
- समुद्रगुप्त की विजयों का वर्णन उनके दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख में है।
- विक्रमादित्य कहलाने वाले चंद्रगुप्त द्वितीय ने साम्राज्य बढ़ाया; उनके शासन में चीनी यात्री फ़ाह्यान भारत आए।
विज्ञान, साहित्य और शिक्षा
- आर्यभट ने आर्यभटीय लिखा; उन्होंने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और स्थानीय मान पद्धति व पाई के सटीक मान पर काम किया।
- कालिदास ने अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूत लिखे; वराहमिहिर ने खगोल विज्ञान पर लिखा।
- महान शिक्षा केंद्र नालंदा की स्थापना गुप्त काल में हुई।
कला और पतन
- मेहरौली (दिल्ली) का लौह स्तंभ सदियों से जंग-रहित है, जो धातुकर्म कौशल दिखाता है।
- मंदिर, मूर्तियाँ और चित्रकला विकसित हुईं, जिनमें इस व्यापक काल की अजंता गुफाओं की कुछ चित्रकारी भी है।
- हूणों के आक्रमण और कमज़ोर बाद के शासकों के कारण छठी सदी तक साम्राज्य का पतन हो गया।
मुख्य शब्द
- प्रशस्ति
- किसी शासक की प्रशंसा में लिखा अभिलेख
- आर्यभटीय
- गणित और खगोल विज्ञान पर आर्यभट की कृति
- नालंदा
- बिहार का प्रसिद्ध प्राचीन शिक्षा केंद्र
- धातुकर्म
- धातुओं के साथ काम करने का विज्ञान और कौशल
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
गुप्त काल को रचनात्मकता का युग क्यों कहा जाता है?2 अंक
गुप्त काल में अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हुईं: कालिदास की कविता और नाटक, आर्यभट का गणित और खगोल विज्ञान, वराहमिहिर का विज्ञान, सुंदर मंदिर और मूर्तियाँ, जंग-रहित लौह स्तंभ, और नालंदा जैसे शिक्षा केंद्र।
आर्यभट के योगदान क्या थे?3 अंक
आर्यभट ने आर्यभटीय लिखा। उन्होंने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है, जिससे दिन और रात होते हैं, और ग्रहणों की वैज्ञानिक व्याख्या दी। उन्होंने स्थानीय मान पद्धति का प्रयोग किया और पाई का बहुत सटीक मान निकाला।
गुप्त साम्राज्य का वर्णन कीजिए: उसके शासक, उपलब्धियाँ और पतन।5 अंक
चंद्रगुप्त प्रथम ने लगभग 320 ईसवी में गुप्त साम्राज्य की स्थापना की। उनके पुत्र समुद्रगुप्त ने अनेक राज्य जीते; उनकी विजयें कवि हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग स्तंभ अभिलेख में दर्ज हैं। विक्रमादित्य कहलाने वाले चंद्रगुप्त द्वितीय ने साम्राज्य और बढ़ाया, और उनके शासन में आए चीनी यात्री फ़ाह्यान ने शांतिपूर्ण और समृद्ध देश का वर्णन किया। यह काल साहित्य में कालिदास के अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूत; विज्ञान और गणित में आर्यभट और वराहमिहिर; धातुकर्म में मेहरौली के जंग-रहित लौह स्तंभ; और शिक्षा में नालंदा की स्थापना से जाना जाता है। मंदिर, मूर्तियाँ और चित्रकला भी विकसित हुईं। पाँचवीं सदी के अंत से हूणों के आक्रमण और बाद के शासकों की कमज़ोरी ने साम्राज्य को तोड़ दिया, और छठी सदी तक इसका पतन हो गया।
त्वरित पुनरावृत्ति
- गुप्त लगभग 320 ईसवी से।
- समुद्रगुप्त हेतु हरिषेण की प्रयाग प्रशस्ति।
- आर्यभट, कालिदास, वराहमिहिर।
- मेहरौली लौह स्तंभ; नालंदा की स्थापना।
परीक्षा सुझाव
- हर नाम को एक उपलब्धि से जोड़ें: हरिषेण (प्रयाग प्रशस्ति), आर्यभट (पृथ्वी का घूर्णन), कालिदास (शाकुंतलम्), फ़ाह्यान (यात्रा वृत्तांत)।
- शासकों का क्रम याद रखें: चंद्रगुप्त प्रथम → समुद्रगुप्त → चंद्रगुप्त द्वितीय।
अभ्यास MCQ
समुद्रगुप्त की उपलब्धियाँ किसमें दर्ज हैं
- हाथीगुंफा अभिलेख
- प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख
- धौली शिलालेख
- लौह स्तंभ
उत्तर देखें
उत्तर: (b) प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख. इसकी रचना हरिषेण ने की।
अभिज्ञानशाकुंतलम् किसने लिखा
- कालिदास
- बाणभट्ट
- आर्यभट
- हरिषेण
उत्तर देखें
उत्तर: (a) कालिदास. कालिदास महान संस्कृत कवि थे।
चंद्रगुप्त द्वितीय के शासन में भारत आने वाले चीनी यात्री थे
- ह्वेनसांग
- मेगस्थनीज़
- इत्सिंग
- फ़ाह्यान
उत्तर देखें
उत्तर: (d) फ़ाह्यान. फ़ाह्यान पाँचवीं सदी के आरंभ में आए।
आर्यभट ने बताया कि
- सूर्य समतल पृथ्वी के चारों ओर घूमता है
- तारे आकाश में स्थिर हैं
- चंद्रमा अपना प्रकाश बनाता है
- पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है
उत्तर देखें
उत्तर: (d) पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है. इससे दिन और रात समझ आए।
गुप्त साम्राज्य की स्थापना लगभग कब हुई
- 185 ईसा पूर्व
- 320 ईसवी
- 606 ईसवी
- 1206 ईसवी
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उत्तर: (b) 320 ईसवी. चंद्रगुप्त प्रथम ने इसकी स्थापना की।
मेहरौली का लौह स्तंभ प्रसिद्ध है क्योंकि यह
- सोने का बना है
- अशोक ने बनवाया
- सबसे ऊँचा स्तंभ है
- सदियों से जंग-रहित है
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उत्तर: (d) सदियों से जंग-रहित है. यह उन्नत धातुकर्म दिखाता है।
गुप्त साम्राज्य के पतन में किस कारक का योगदान था
- कलिंग युद्ध
- प्लासी का युद्ध
- अंग्रेज़ों का आगमन
- हूण आक्रमण और कमज़ोर बाद के शासक
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उत्तर: (d) हूण आक्रमण और कमज़ोर बाद के शासक. हूणों ने उत्तर-पश्चिम से आक्रमण किया।
चंद्रगुप्त द्वितीय को और किस नाम से जाना जाता है
- देवानांप्रिय
- महेंद्रवर्मन
- विक्रमादित्य
- कनिष्क
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उत्तर: (c) विक्रमादित्य. उन्होंने विक्रमादित्य की उपाधि ली।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।