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पुनर्गठन का युग – कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 6। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
लगभग 185 ईसा पूर्व मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद अनेक नए राज्य उभरे। उत्तर में शुंग, दक्कन में सातवाहन, कलिंग में खारवेल, और उत्तर-पश्चिम में कुषाण जैसे मध्य एशिया से आए शासकों ने शासन किया। सुदूर दक्षिण में चेर, चोल और पांड्य राज्य फले-फूले। इस काल में व्यापार, कला और धर्म का विकास हुआ।
उत्तर और दक्कन के नए राज्य
- अंतिम मौर्य शासक के बाद पुष्यमित्र शुंग ने शुंग वंश की स्थापना की।
- सातवाहनों ने दक्कन पर शासन किया; गौतमीपुत्र शातकर्णी प्रसिद्ध शासक थे।
- कलिंग के खारवेल (पहली सदी ईसा पूर्व) ने भुवनेश्वर के पास उदयगिरि के हाथीगुंफा अभिलेख में अपनी उपलब्धियाँ दर्ज कीं।
मध्य एशिया से आए शासक
- हिंद-यूनानी, शक और कुषाणों ने उत्तर-पश्चिम और उत्तर के भागों पर शासन किया; कुषाण राजा कनिष्क ने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया।
- मूर्तिकला की दो महान शैलियाँ विकसित हुईं: गांधार (यूनानी प्रभाव वाली) और मथुरा।
दक्षिण और व्यापार
- सुदूर दक्षिण में चेर, चोल और पांड्य शासन करते थे; तमिल संगम साहित्य उनके समाज का वर्णन करता है।
- भारतीय बंदरगाह मसालों, वस्त्रों और रत्नों में रोमन साम्राज्य से व्यापार करते थे; दक्षिण भारत में रोमन सिक्के मिले हैं, जैसे अरिकमेडु में।
मुख्य शब्द
- राजवंश
- एक ही परिवार के शासकों की श्रृंखला
- हाथीगुंफा अभिलेख
- भुवनेश्वर के पास उदयगिरि में खारवेल का अभिलेख जो उनके शासन का वर्णन करता है
- संगम साहित्य
- प्राचीन दक्षिण के जीवन का वर्णन करने वाली आरंभिक तमिल कविताएँ
- गांधार कला
- उत्तर-पश्चिम की मूर्तिकला शैली जिसमें भारतीय और यूनानी विशेषताएँ मिलीं
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
खारवेल कौन थे?2 अंक
खारवेल पहली सदी ईसा पूर्व में कलिंग (वर्तमान ओडिशा) के शक्तिशाली शासक थे। उनके सैन्य अभियान, सार्वजनिक कार्य और जैन धर्म को संरक्षण जैसी उपलब्धियाँ भुवनेश्वर के पास उदयगिरि के हाथीगुंफा अभिलेख में दर्ज हैं।
संगम साहित्य से सुदूर दक्षिण के बारे में हमें क्या पता चलता है?3 अंक
संगम साहित्य आरंभिक तमिल कविताओं का संग्रह है। यह चेर, चोल और पांड्य राज्यों, उनके राजाओं, युद्धों और उदारता, किसानों, मछुआरों, चरवाहों और व्यापारियों के जीवन, और दूर देशों से व्यापार वाले व्यस्त बंदरगाहों का वर्णन करता है।
मौर्यों के बाद उभरे मुख्य राज्यों और इस काल के विकास का वर्णन कीजिए।5 अंक
लगभग 185 ईसा पूर्व मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद सत्ता अनेक शासकों में बँट गई। उत्तर में पुष्यमित्र शुंग ने शुंग वंश स्थापित किया। दक्कन में सातवाहनों ने शासन किया, जिनमें गौतमीपुत्र शातकर्णी प्रसिद्ध राजा थे, और उन्होंने व्यापार को बढ़ावा दिया। कलिंग में खारवेल शक्तिशाली बने और भुवनेश्वर के पास हाथीगुंफा अभिलेख में अपना शासन दर्ज किया। उत्तर-पश्चिम और उत्तर में हिंद-यूनानी, शक और कुषाण जैसे मध्य एशिया के शासकों ने राज्य बनाए; कुषाण राजा कनिष्क ने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया, और गांधार व मथुरा मूर्तिकला शैलियाँ फली-फूलीं। सुदूर दक्षिण में चेर, चोल और पांड्य शासन करते थे, जैसा संगम साहित्य बताता है। मसालों, वस्त्रों और रत्नों में रोमन साम्राज्य से समुद्री व्यापार ने समृद्धि लाई, जैसा अरिकमेडु में मिले रोमन सिक्के दिखाते हैं। यह राजनीतिक परिवर्तन, नई कला और बढ़ते व्यापार का काल था।
त्वरित पुनरावृत्ति
- मौर्यों का पतन लगभग 185 ईसा पूर्व।
- दक्कन में सातवाहन; कनिष्क के अधीन कुषाण।
- खारवेल: हाथीगुंफा अभिलेख, उदयगिरि।
- रोम से व्यापार; दक्षिण में संगम साहित्य।
परीक्षा सुझाव
- मानचित्र आधारित सूची बनाएँ: शुंग (उत्तर), सातवाहन (दक्कन), खारवेल (कलिंग), कुषाण (उत्तर-पश्चिम), चेर–चोल–पांड्य (दक्षिण)।
- ओडिशा का संबंध याद रखें: खारवेल और हाथीगुंफा अभिलेख।
अभ्यास MCQ
हाथीगुंफा अभिलेख किसका है
- अशोक
- समुद्रगुप्त
- कनिष्क
- खारवेल
उत्तर देखें
उत्तर: (d) खारवेल. यह भुवनेश्वर के पास उदयगिरि में है।
सातवाहनों ने मुख्यतः कहाँ शासन किया
- उत्तर-पश्चिम
- सुदूर उत्तर
- दक्कन
- बंगाल
उत्तर देखें
उत्तर: (c) दक्कन. गौतमीपुत्र शातकर्णी प्रसिद्ध सातवाहन शासक थे।
सुदूर दक्षिण के तीन राज्य थे
- शुंग, कण्व, मौर्य
- कुषाण, शक, यूनानी
- चेर, चोल, पांड्य
- पाल, सेन, गंग
उत्तर देखें
उत्तर: (c) चेर, चोल, पांड्य. संगम कविताएँ इनका वर्णन करती हैं।
बौद्ध धर्म को संरक्षण देने वाला कुषाण राजा था
- अशोक
- हर्ष
- खारवेल
- कनिष्क
उत्तर देखें
उत्तर: (d) कनिष्क. उसने उत्तर-पश्चिम से शासन किया।
शुंग वंश की स्थापना किसने की
- पुष्यमित्र शुंग
- चंद्रगुप्त मौर्य
- खारवेल
- सिमुक
उत्तर देखें
उत्तर: (a) पुष्यमित्र शुंग. वे अंतिम मौर्य शासक के बाद आए।
गांधार मूर्तिकला में किसका प्रभाव दिखता है
- चीनी कला
- रोमन सड़कें
- मिस्री कला
- यूनानी कला
उत्तर देखें
उत्तर: (d) यूनानी कला. इसमें भारतीय और यूनानी विशेषताएँ मिलीं।
अरिकमेडु में मिले रोमन सिक्के दिखाते हैं कि
- रोम ने दक्षिण भारत पर शासन किया
- दक्षिण भारत का रोमन साम्राज्य से व्यापार था
- भारत केवल रोमन मुद्रा प्रयोग करता था
- अरिकमेडु रोम में था
उत्तर देखें
उत्तर: (b) दक्षिण भारत का रोमन साम्राज्य से व्यापार था. ये समुद्री व्यापार के प्रमाण हैं।
इस काल के बारे में कौन-सा कथन सही है
- भारत में केवल एक साम्राज्य था
- अनेक क्षेत्रीय राज्य उभरे और व्यापार व कला फली-फूली
- व्यापार पूरी तरह रुक गया
- सभी शासक मध्य एशिया से थे
उत्तर देखें
उत्तर: (b) अनेक क्षेत्रीय राज्य उभरे और व्यापार व कला फली-फूली. यह पुनर्गठन का युग था।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।