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तरंग-प्रकाशिकी – कक्षा 12 भौतिकी नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 भौतिकी, अध्याय 10। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
तरंग प्रकाशिकी व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवण समझाती है, जो किरण प्रकाशिकी नहीं कर सकती। हाइगेंस सिद्धांत तरंगाग्र के हर बिंदु को द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत मानता है।
व्यतिकरण
- स्थिर कलांतर वाले कलासंबद्ध स्रोत स्थिर फ्रिंज बनाते हैं।
- यंग का द्वि-झिरी प्रयोग: फ्रिंज चौड़ाई β = λD/d।
- संपोषी: पथांतर nλ; विनाशी: (n + ½)λ।
विवर्तन और ध्रुवण
- एकल झिरी: पहला निम्निष्ठ sin θ = λ/a पर; केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई 2λD/a।
- ध्रुवण सिद्ध करता है कि प्रकाश अनुप्रस्थ है; मैलस नियम I = I₀ cos²θ।
- ब्रूस्टर नियम: tan i_B = n (परावर्तित प्रकाश पूर्ण ध्रुवित)।
मुख्य शब्द
- तरंगाग्र
- समान कला में कंपन करने वाले बिंदुओं का बिंदुपथ
- कलासंबद्ध स्रोत
- स्थिर कलांतर वाले स्रोत
- हाइगेंस सिद्धांत
- तरंगाग्र का हर बिंदु द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत है; नया तरंगाग्र उनकी उभयनिष्ठ स्पर्शी है
सूत्र
- β = λD/d
- I = I₀ cos²θ
- tan i_B = n
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
कलासंबद्ध स्रोत क्या हैं? दो अलग बल्ब स्थायी व्यतिकरण प्रतिरूप क्यों नहीं बनाते?2 अंक
समान आवृत्ति और नियत कलांतर वाले स्रोत। दो बल्ब यादृच्छिक रूप से बदलती कला वाला प्रकाश देते हैं, अतः प्रतिरूप प्रति सेकंड लाखों बार खिसककर औसत हो जाता है।
ब्रूस्टर नियम लिखिए और √3 अपवर्तनांक वाले काँच का ध्रुवण कोण ज्ञात कीजिए।3 अंक
ध्रुवण कोण पर परावर्तित प्रकाश पूर्णतः समतल ध्रुवित होता है और tan i_p = n। n = √3 हेतु tan i_p = √3, अतः i_p = 60° (तब परावर्तित और अपवर्तित किरणें लंबवत होती हैं)।
यंग के द्वि-झिर्री प्रयोग में फ्रिंज चौड़ाई का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। λ = 600 nm, d = 0.5 mm और D = 1.5 m वाले प्रयोग में फ्रिंज चौड़ाई और केंद्र से तीसरी दीप्त फ्रिंज की दूरी ज्ञात कीजिए।5 अंक
D दूरी के पर्दे पर केंद्र से y दूरी के बिंदु पर पथांतर: Δ = d sin θ ≈ yd/D। दीप्त फ्रिंज: yd/D = nλ, अतः yₙ = nλD/d। अदीप्त फ्रिंज: (2n − 1)λD/2d। फ्रिंज चौड़ाई β = yₙ₊₁ − yₙ = λD/d। यहाँ β = (6 × 10⁻⁷ × 1.5)/(5 × 10⁻⁴) = 1.8 × 10⁻³ m = 1.8 mm। तीसरी दीप्त फ्रिंज: y₃ = 3β = 5.4 mm।
त्वरित पुनरावृत्ति
- व्यतिकरण हेतु कलासंबद्ध स्रोत।
- ध्रुवण दिखाता है प्रकाश अनुप्रस्थ है।
- विवर्तन में केंद्रीय उच्चिष्ठ अन्य से दुगुना चौड़ा।
परीक्षा सुझाव
- फ्रिंज चौड़ाई तरंगदैर्घ्य और पर्दे की दूरी से बढ़ती, झिरी अंतराल से घटती है।
- व्यतिकरण हेतु कलासंबद्ध स्रोत चाहिए; विवर्तन तब स्पष्ट होता है जब अवरोध या झिर्री का आकार तरंगदैर्ध्य के तुलनीय हो।
अभ्यास MCQ
ध्रुवण दिखाता है कि प्रकाश तरंगें हैं
- अनुदैर्ध्य
- अप्रगामी तरंगें
- ध्वनि तरंगें
- अनुप्रस्थ
उत्तर देखें
उत्तर: (d) अनुप्रस्थ. अनुप्रस्थ।
स्थिर व्यतिकरण के लिए चाहिए
- असंबद्ध स्रोत
- कलासंबद्ध स्रोत
- केवल श्वेत प्रकाश
- केवल एक झिरी
उत्तर देखें
उत्तर: (b) कलासंबद्ध स्रोत. स्थिर कलांतर।
YDSE में झिरी अंतराल दुगुना करने पर फ्रिंज चौड़ाई होगी
- दुगुनी
- आधी
- चार गुनी
- समान
उत्तर देखें
उत्तर: (b) आधी. β ∝ 1/d।
I₀ तीव्रता का अध्रुवित प्रकाश पोलरॉइड से गुज़रता है। पारगत तीव्रता है
- I₀
- शून्य
- I₀/4
- I₀/2
उत्तर देखें
उत्तर: (d) I₀/2. cos²θ का औसत ½।
YDSE में झिर्री दूरी दुगुनी करने पर फ्रिंज चौड़ाई हो जाती है
- दुगुनी
- समान
- चार गुनी
- आधी
उत्तर देखें
उत्तर: (d) आधी. β = λD/d।
600 nm प्रकाश, D = 1 m, d = 0.5 mm। फ्रिंज चौड़ाई है
- 1.2 mm
- 0.6 mm
- 0.3 mm
- 2.4 mm
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 1.2 mm. 600 × 10⁻⁹ × 1/(0.5 × 10⁻³)।
n = √3 वाले काँच का ब्रूस्टर कोण है
- 30°
- 45°
- 60°
- 90°
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 60°. tan i = √3।
तीव्रता I₀ का अध्रुवित प्रकाश 60° पर रखे दो पोलेरॉइडों से गुज़रता है। अंतिम तीव्रता है
- I₀/2
- I₀/8
- I₀/4
- 3I₀/8
उत्तर देखें
उत्तर: (b) I₀/8. (I₀/2) cos² 60°।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।