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विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति – कक्षा 12 भौतिकी नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ

NCERT कक्षा 12 भौतिकी, अध्याय 11। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।

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अध्याय का सार

प्रकाश-विद्युत प्रभाव में प्रकाश कण (फ़ोटॉन) जैसा व्यवहार करता है, और द्रव्य तरंग प्रकृति दिखाता है (दे ब्रॉग्ली तरंगें)।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव

  • आइंस्टीन समीकरण: hν = φ₀ + K_max, K_max = eV₀ (निरोधी विभव)।
  • देहली आवृत्ति ν₀ = φ₀/h; इससे नीचे उत्सर्जन नहीं, प्रकाश कितना भी तीव्र हो।
  • प्रकाश-धारा ∝ तीव्रता; K_max आवृत्ति पर निर्भर, तीव्रता पर नहीं।

द्रव्य तरंगें

  • दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λ = h/p = h/(mv)।
  • V वोल्ट से त्वरित इलेक्ट्रॉन: λ = 1.227/√V nm।
  • डेविसन–जर्मर प्रयोग ने इलेक्ट्रॉन विवर्तन की पुष्टि की।

मुख्य शब्द

कार्य फलन
धातु पृष्ठ से इलेक्ट्रॉन निकालने की न्यूनतम ऊर्जा
निरोधी विभव
सबसे तेज़ प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों को ठीक रोकने वाला ऋण विभव
देहली आवृत्ति
किसी धातु से इलेक्ट्रॉन निकालने वाली प्रकाश की न्यूनतम आवृत्ति

सूत्र

  • hν = φ₀ + ½mv²_max
  • λ = h/p
  • E = hν, h = 6.63 × 10⁻³⁴ J s

उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रकाश का तरंग सिद्धांत प्रकाश-विद्युत प्रभाव क्यों नहीं समझा पाता?2 अंक

तरंग सिद्धांत के अनुसार इलेक्ट्रॉन ऊर्जा आवृत्ति नहीं, तीव्रता पर निर्भर होनी चाहिए, कम तीव्रता पर विलंब होना चाहिए और देहली आवृत्ति नहीं होनी चाहिए। प्रयोग देहली आवृत्ति, केवल आवृत्ति पर निर्भर ऊर्जा और तात्क्षणिक उत्सर्जन दिखाते हैं।

आइंस्टीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण लिखिए और प्रत्येक पद समझाइए।3 अंक

hν = φ₀ + Kmax। hν एक फ़ोटॉन की ऊर्जा; φ₀ = hν₀ कार्यफलन, इलेक्ट्रॉन मुक्त करने की न्यूनतम ऊर्जा; Kmax = ½mv²max उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा। ν₀ से कम पर उत्सर्जन नहीं होता।

डेविसन–जर्मर प्रयोग और उससे सिद्ध बात का वर्णन कीजिए। 10 m/s से चलती 1 kg गेंद की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए और बताइए कि हमें उसकी तरंग प्रकृति क्यों नहीं दिखती।5 अंक

54 V से त्वरित इलेक्ट्रॉन निकेल क्रिस्टल से प्रकीर्णित किए गए; 50° पर प्रबल प्रकीर्णित पुंज क्रिस्टल तलों से विवर्तन से मेल खाया, λ ≈ 0.165 nm, जो दे ब्रॉग्ली मान 0.167 nm के निकट है। इससे इलेक्ट्रॉनों (द्रव्य) की तरंग प्रकृति की पुष्टि हुई। गेंद हेतु λ = h/mv = 6.63 × 10⁻³⁴/(1 × 10) = 6.63 × 10⁻³⁵ m, जो किसी भी वस्तु या झिर्री से बहुत छोटी है, अतः तरंग प्रभाव नहीं दिख सकते।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • देहली आवृत्ति से नीचे उत्सर्जन नहीं।
  • λ = h/mv।
  • डेविसन–जर्मर ने द्रव्य तरंगें दिखाईं।

परीक्षा सुझाव

  • तीव्रता बढ़ाने से प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है, अधिकतम ऊर्जा नहीं।
  • Kmax = hν − φ₀ = eV₀; V₀ बनाम ν का ग्राफ़ h/e ढाल वाली सरल रेखा है।

अभ्यास MCQ

  1. फ़ोटॉन की ऊर्जा है

    1. h/ν
    2. hλ
    3. hν
    4. ν/h
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) hν. E = hν।

  2. दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य है

    1. p/h
    2. hp
    3. h/p
    4. h × m
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) h/p. λ = h/p।

  3. प्रकाश तीव्रता बढ़ाने पर (आवृत्ति देहली से ऊपर नियत) बढ़ता है

    1. K_max
    2. प्रकाश-धारा
    3. कार्य फलन
    4. देहली आवृत्ति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) प्रकाश-धारा. अधिक फ़ोटॉन।

  4. डेविसन–जर्मर प्रयोग ने दिखाया

    1. प्रकाश-विद्युत प्रभाव
    2. नाभिकीय विखंडन
    3. इलेक्ट्रॉनों की तरंग प्रकृति
    4. X-किरण उत्पादन
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) इलेक्ट्रॉनों की तरंग प्रकृति. इलेक्ट्रॉन विवर्तन।

  5. 100 V से त्वरित इलेक्ट्रॉन की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य लगभग है

    1. 1.23 nm
    2. 12.3 nm
    3. 0.123 nm
    4. 0.0123 nm
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) 0.123 nm. 1.227/√V nm।

  6. कार्य फलन 2 eV, फ़ोटॉन ऊर्जा 5 eV। निरोधी विभव है

    1. 2 V
    2. 3 V
    3. 5 V
    4. 7 V
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) 3 V. K_max = 3 eV।

  7. 100 V से त्वरित इलेक्ट्रॉन का λ लगभग है

    1. 1.227 nm
    2. 0.1227 nm
    3. 12.27 nm
    4. 0.01227 nm
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) 0.1227 nm. 1.227/√100।

  8. 5 eV ऊर्जा का प्रकाश 2 eV कार्यफलन वाली धातु पर पड़ता है। निरोधी विभव है

    1. 2 V
    2. 3 V
    3. 5 V
    4. 7 V
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) 3 V. 5 − 2 = 3 eV।

सभी अध्याय: कक्षा 12 भौतिकी

यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।