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जनन स्वास्थ्य – कक्षा 12 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 जीव विज्ञान, अध्याय 3। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
जनन स्वास्थ्य का अर्थ ज़िम्मेदार, सुरक्षित और स्वस्थ जनन जीवन है। इसमें जागरूकता, जनसंख्या नियंत्रण, गर्भनिरोध, सुरक्षित चिकित्सीय समापन, STI रोकथाम और बंध्यता में सहायता शामिल हैं।
गर्भनिरोध
- प्राकृतिक विधियाँ: आवधिक संयम, बाह्य स्खलन, स्तनपान अनार्तव।
- रोध (कंडोम, डायाफ्राम), IUD (कॉपर-T, हॉर्मोन-मोचक), मुखीय गोलियाँ, इंजेक्शन, रोपण।
- शल्य (बंध्यकरण): पुरुषों में शुक्रवाहक-उच्छेदन, स्त्रियों में डिंबवाहिनी-उच्छेदन।
STI और बंध्यता
- STI में सुजाक, सिफ़िलिस, जननिक हर्पीज़, HIV/AIDS, हेपेटाइटिस B; सुरक्षित व्यवहार और शीघ्र उपचार से रोकथाम।
- सहायक जनन प्रौद्योगिकियाँ: IVF व भ्रूण स्थानांतरण (ZIFT, IUT), GIFT, ICSI, कृत्रिम वीर्यसेचन (IUI)।
- उल्बवेधन का लिंग निर्धारण हेतु दुरुपयोग होता है, जो भारत में प्रतिबंधित है।
मुख्य शब्द
- IUD
- गर्भधारण रोकने हेतु गर्भाशय में लगाई युक्ति
- IVF
- पात्रे निषेचन, शरीर के बाहर निषेचन
- MTP
- गर्भ का चिकित्सीय समापन, भारत में शर्तों के साथ वैध
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
भारत में MTP केवल कुछ शर्तों के साथ ही वैध क्यों है?2 अंक
कन्या भ्रूण हत्या जैसे दुरुपयोग को रोकने हेतु, जबकि गर्भ जारी रखने से माँ या भ्रूण को हानि हो या अन्य वैध स्थितियों में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा सुरक्षित समापन की अनुमति रहे।
तीन STI, उनके कारण और बचाव के दो उपाय लिखिए।3 अंक
सुजाक और सिफ़िलिस (जीवाणु), जननिक हर्पीज़ और HIV/AIDS (विषाणु)। बचाव: अज्ञात या अनेक साथियों से संबंध न रखें और कंडोम का उपयोग करें; शीघ्र चिकित्सा जाँच और उपचार कराएँ।
बंध्यता क्या है? किन्हीं चार सहायक जनन प्रौद्योगिकियों का वर्णन कीजिए।5 अंक
दो वर्ष के असुरक्षित सहवास के बाद भी गर्भधारण न होना बंध्यता है, जो किसी भी साथी में शारीरिक, जन्मजात, रोग या मनोवैज्ञानिक कारणों से हो सकती है। ART: (1) IVF–ET: शरीर के बाहर निषेचन, फिर भ्रूण स्थानांतरण – ZIFT (8 कोरकखंड तक युग्मनज या प्रारंभिक भ्रूण अंडवाहिनी में) या IUT (8 से अधिक कोरकखंड वाला भ्रूण गर्भाशय में)। (2) GIFT: अंडाणु न बना सकने वाली स्त्री की अंडवाहिनी में दाता का अंडाणु। (3) ICSI: प्रयोगशाला में शुक्राणु सीधे अंडाणु में इंजेक्ट। (4) कृत्रिम वीर्यसेचन (AI/IUI): पति या दाता का वीर्य योनि या गर्भाशय में, जब पुरुष में शुक्राणु संख्या कम हो।
त्वरित पुनरावृत्ति
- शुक्रवाहक-उच्छेदन में शुक्रवाहक काटा जाता है।
- डिंबवाहिनी-उच्छेदन में अंडवाहिनियाँ काटी जाती हैं।
- उल्बवेधन से लिंग निर्धारण भारत में अवैध।
परीक्षा सुझाव
- कॉपर-T के तांबा आयन शुक्राणु गतिशीलता और निषेचन क्षमता घटाते हैं।
- गर्भनिरोधकों को प्राकृतिक, रोध, IUD, हॉर्मोनी (गोलियाँ, इंजेक्शन, रोपण) और शल्य में एक-एक उदाहरण सहित बाँटें।
अभ्यास MCQ
कॉपर-T उदाहरण है
- रोध विधि का
- शल्य विधि का
- मुखीय गोली का
- IUD का
उत्तर देखें
उत्तर: (d) IUD का. अंतर्गर्भाशयी युक्ति।
शुक्रवाहक-उच्छेदन बंध्यकरण विधि है
- स्त्रियों की
- दोनों की
- पुरुषों की
- किसी की नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (c) पुरुषों की. शुक्रवाहक काटा जाता है।
इनमें से यौन संचारित संक्रमण है
- टाइफ़ाइड
- सिफ़िलिस
- मलेरिया
- हैज़ा
उत्तर देखें
उत्तर: (b) सिफ़िलिस. सिफ़िलिस।
IVF में निषेचन होता है
- गर्भाशय के अंदर
- अंडाशय में
- अंडवाहिनी में
- शरीर के बाहर
उत्तर देखें
उत्तर: (d) शरीर के बाहर. पात्रे।
भारत में विकसित मुखीय गर्भनिरोधक गोली सहेली है
- रोज़ ली जाने वाली स्टेरॉइडी गोली
- इंजेक्शन
- IUD
- सप्ताह में एक बार ली जाने वाली अस्टेरॉइडी गोली
उत्तर देखें
उत्तर: (d) सप्ताह में एक बार ली जाने वाली अस्टेरॉइडी गोली. CDRI, लखनऊ द्वारा विकसित।
स्तनपान अनार्तव गर्भनिरोध के रूप में लगभग कितने समय प्रभावी है
- 1 माह
- 2 वर्ष
- प्रसव के बाद 6 माह
- 1 सप्ताह
उत्तर देखें
उत्तर: (c) प्रसव के बाद 6 माह. पूर्ण स्तनपान के साथ लगभग 6 माह।
ICSI में शुक्राणु को
- अंड के पास रखा जाता है
- सीधे अंडाणु में इंजेक्ट किया जाता है
- गर्भाशय में रखा जाता है
- पहले जमाया जाता है
उत्तर देखें
उत्तर: (b) सीधे अंडाणु में इंजेक्ट किया जाता है. अंतःकोशिकाद्रव्यी शुक्राणु इंजेक्शन।
GIFT में अंडवाहिनी में क्या स्थानांतरित किया जाता है
- 8 कोरकखंड वाला भ्रूण
- युग्मनज
- दाता से अंडाणु
- केवल शुक्राणु
उत्तर देखें
उत्तर: (c) दाता से अंडाणु. युग्मक अंतःडिंबवाहिनी स्थानांतरण।
सभी अध्याय: कक्षा 12 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।