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ऊष्मागतिकी – कक्षा 11 भौतिकी नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 भौतिकी, अध्याय 11। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
ऊष्मागतिकी ऊष्मा, कार्य और आंतरिक ऊर्जा का अध्ययन है। इसके नियम बताते हैं कौन-सी प्रक्रियाएँ संभव हैं और ऊष्मा इंजनों व प्रशीतकों की सीमाएँ तय करते हैं।
नियम और प्रक्रम
- शून्यवाँ नियम ताप परिभाषित करता है (तापीय साम्य)।
- प्रथम नियम: ΔQ = ΔU + ΔW, जहाँ W = PΔV।
- प्रक्रम: समतापी (ΔT = 0, ΔU = 0), रुद्धोष्म (ΔQ = 0, PVᵞ = नियत), समदाबी (नियत P), समआयतनिक (नियत V, W = 0)।
द्वितीय नियम और इंजन
- द्वितीय नियम: ऊष्मा स्वतः ठंडे से गर्म की ओर नहीं जाती; कोई इंजन 100% दक्ष नहीं।
- कार्नो दक्षता η = 1 − T₂/T₁ (ताप केल्विन में)।
- प्रशीतक का निष्पादन गुणांक β = Q₂/W = T₂/(T₁ − T₂)।
मुख्य शब्द
- रुद्धोष्म प्रक्रम
- बिना ऊष्मा विनिमय का प्रक्रम
- आंतरिक ऊर्जा
- तंत्र के अणुओं की कुल ऊर्जा, अवस्था फलन
- उत्क्रमणीय प्रक्रम
- वह प्रक्रम जिसे साम्य अवस्थाओं से गुज़रते हुए ठीक उलटा दोहराया जा सके, बिना क्षयी हानि
सूत्र
- ΔQ = ΔU + ΔW
- η = 1 − T₂/T₁
- PVᵞ = नियत (रुद्धोष्म)
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
गैस की नियत दाब पर विशिष्ट ऊष्मा नियत आयतन से अधिक क्यों होती है?2 अंक
नियत दाब पर गैस फैलकर कार्य करती है, अतः आंतरिक ऊर्जा बढ़ाने के अतिरिक्त ऊष्मा चाहिए; नियत आयतन पर सारी ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा में जाती है। Cₚ − Cᵥ = R।
आदर्श गैस के V₁ से V₂ तक समतापी प्रसार में कार्य व्युत्पन्न कीजिए।3 अंक
W = ∫P dV, नियत T पर P = nRT/V: W = nRT ∫(dV/V) = nRT ln(V₂/V₁) = 2.303 nRT log(V₂/V₁)।
कार्नो चक्र का वर्णन कर उसकी दक्षता व्युत्पन्न कीजिए। एक कार्नो इंजन 527 °C और 27 °C के बीच कार्य करता है और प्रति चक्र 4000 J लेता है। दक्षता और निर्गत कार्य ज्ञात कीजिए।5 अंक
कार्नो चक्र में चार उत्क्रमणीय चरण: T₁ पर समतापी प्रसार (Q₁ लेता), रुद्धोष्म प्रसार (T₂ तक ठंडा), T₂ पर समतापी संपीडन (Q₂ देता), रुद्धोष्म संपीडन (T₁ पर वापस)। समतापी चरणों में Q₁ = nRT₁ ln(V₂/V₁) और Q₂ = nRT₂ ln(V₃/V₄); रुद्धोष्म चरणों से V₂/V₁ = V₃/V₄, अतः Q₂/Q₁ = T₂/T₁ और η = 1 − T₂/T₁। यहाँ T₁ = 800 K, T₂ = 300 K: η = 1 − 300/800 = 0.625 = 62.5%। W = 0.625 × 4000 = 2500 J।
त्वरित पुनरावृत्ति
- समतापी: ΔU = 0।
- समआयतनिक: W = 0।
- दो तापों के बीच कार्नो इंजन सबसे दक्ष।
परीक्षा सुझाव
- गैस द्वारा कार्य = P–V वक्र के नीचे क्षेत्रफल।
- चिह्न परिपाटी: तंत्र को ऊष्मा दी जाए तो ΔQ धनात्मक; तंत्र कार्य करे तो ΔW धनात्मक।
अभ्यास MCQ
समतापी प्रक्रम में नियत रहता है
- ताप
- आयतन
- दाब
- ऊष्मा
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ताप. सम-ताप।
रुद्धोष्म प्रक्रम में
- ΔQ = 0
- ΔT = 0
- ΔV = 0
- ΔP = 0
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ΔQ = 0. ऊष्मा विनिमय नहीं।
गैस 500 J ऊष्मा लेकर 200 J कार्य करती है। आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन है
- 300 J
- 700 J
- −300 J
- 200 J
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 300 J. 500 − 200।
समआयतनिक प्रक्रम में कार्य है
- शून्य
- अधिकतम
- ऋणात्मक
- PV
उत्तर देखें
उत्तर: (a) शून्य. ΔV = 0।
2 × 10⁵ Pa पर समदाबी प्रसार में आयतन 0.01 m³ बढ़ता है। गैस द्वारा कार्य है
- 2000 J
- 200 J
- 20 J
- 20,000 J
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 2000 J. PΔV।
500 K और 300 K के बीच कार्नो इंजन की दक्षता है
- 60%
- 30%
- 40%
- 50%
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 40%. 1 − 300/500।
300 K और 270 K के बीच प्रशीतक का COP है
- 1.1
- 10
- 0.1
- 9
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 9. 270/30।
एक ऊष्मा इंजन स्रोत से 1000 J लेता है और सिंक को 600 J देता है। उसकी दक्षता है
- 40%
- 60%
- 160%
- 25%
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 40%. (1000 − 600)/1000।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।