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पादप में श्वसन – कक्षा 11 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान, अध्याय 12। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
श्वसन भोजन को तोड़कर ATP के रूप में ऊर्जा मुक्त करता है। ग्लाइकोलाइसिस, क्रेब्स चक्र और इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र वायवीय श्वसन पूरा करते हैं।
चरण
- ग्लाइकोलाइसिस (EMP पथ) कोशिकाद्रव्य में: ग्लूकोज़ → 2 पाइरुवेट, शुद्ध 2 ATP + 2 NADH।
- माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरुवेट → ऐसीटिल CoA; आधात्री में क्रेब्स (TCA) चक्र NADH, FADH₂, GTP और CO₂ बनाता है।
- आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली पर ETS; O₂ अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही; ATP सिंथेज़ से ऑक्सीकरणी फ़ॉस्फ़ोरिलीकरण।
अवायवीय श्वसन और RQ
- किण्वन: यीस्ट एथेनॉल + CO₂ बनाता है; पेशियाँ लैक्टिक अम्ल।
- वायवीय श्वसन में प्रति ग्लूकोज़ लगभग 38 ATP (पाठ्यपुस्तक मान); किण्वन में केवल 2।
- श्वसन गुणांक RQ = मुक्त CO₂/उपयुक्त O₂: कार्बोहाइड्रेट 1, वसा < 1 (≈ 0.7), कार्बनिक अम्ल > 1।
मुख्य शब्द
- ग्लाइकोलाइसिस
- कोशिकाद्रव्य में ग्लूकोज़ का पाइरुवेट में विघटन
- श्वसन गुणांक
- मुक्त CO₂ और उपयुक्त O₂ का अनुपात
- उभयधर्मी पथ
- विघटन (अपचय) और संश्लेषण (उपचय) दोनों में प्रयुक्त पथ, जैसे श्वसन पथ
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
श्वसन पथ को उभयधर्मी क्यों कहते हैं?2 अंक
यह ऊर्जा मुक्त करने हेतु ग्लूकोज़ और वसा तोड़ता है (अपचय), पर इसके मध्यवर्ती जैसे ऐसीटिल CoA और क्रेब्स चक्र के अम्ल वसा अम्ल, अमीनो अम्ल और अन्य अणु बनाने में भी उपयोग होते हैं (उपचय)।
वायवीय श्वसन और किण्वन में अंतर कीजिए।3 अंक
वायवीय श्वसन O₂ उपयोग करता है, ग्लूकोज़ को पूर्णतः CO₂ और जल में ऑक्सीकृत करता है, कोशिकाद्रव्य और माइटोकॉन्ड्रिया में होता है, और लगभग 38 ATP देता है। किण्वन बिना O₂ कोशिकाद्रव्य में होता है, ग्लूकोज़ को आंशिक रूप से एथेनॉल + CO₂ या लैक्टिक अम्ल में तोड़ता है, और केवल 2 ATP देता है।
माइटोकॉन्ड्रिया में इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र और ऑक्सीकरणी फ़ॉस्फ़ोरिलीकरण का वर्णन कीजिए।5 अंक
ग्लाइकोलाइसिस और क्रेब्स चक्र के NADH और FADH₂ अपने इलेक्ट्रॉन भीतरी माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली के ETS को देते हैं। NADH के इलेक्ट्रॉन सम्मिश्र I (NADH डिहाइड्रोजिनेज़) से यूबिक्विनोन तक जाते हैं; FADH₂ सम्मिश्र II पर प्रवेश करता है। अपचयित यूबिक्विनोन इलेक्ट्रॉन सम्मिश्र III (साइटोक्रोम bc₁) को, फिर साइटोक्रोम c से सम्मिश्र IV (साइटोक्रोम c ऑक्सीडेज़, साइटोक्रोम a, a₃ और ताँबा सहित) को देता है, जो अंततः O₂ को देकर जल बनाता है। मुक्त ऊर्जा H⁺ को अंतराझिल्ली अवकाश में पंप करती है; H⁺ सम्मिश्र V (ATP सिंथेज़, F₀–F₁) से लौटते हैं, जो ADP और Pi से ATP बनाता है। यह ऑक्सीकरणी फ़ॉस्फ़ोरिलीकरण है; O₂ अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- ग्लाइकोलाइसिस कोशिकाद्रव्य में।
- क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में।
- O₂ अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही।
परीक्षा सुझाव
- ट्राइपामिटिन का RQ लगभग 0.7।
- ATP गिनें: ग्लाइकोलाइसिस शुद्ध 2 ATP + 2 NADH; संयोजी अभिक्रिया 2 NADH; क्रेब्स चक्र 2 GTP/ATP + 6 NADH + 2 FADH₂; प्रति NADH ≈ 3 ATP और FADH₂ ≈ 2 ATP (पाठ्यपुस्तक मान)।
अभ्यास MCQ
ग्लाइकोलाइसिस होता है
- कोशिकाद्रव्य में
- माइटोकॉन्ड्रिया में
- केंद्रक में
- हरितलवक में
उत्तर देखें
उत्तर: (a) कोशिकाद्रव्य में. कोशिकाद्रव्य।
वायवीय श्वसन में अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही है
- CO₂
- NAD
- O₂
- जल
उत्तर देखें
उत्तर: (c) O₂. जल बनता है।
यीस्ट किण्वन से बनता है
- एथेनॉल और CO₂
- लैक्टिक अम्ल
- ऐसीटिक अम्ल
- O₂
उत्तर देखें
उत्तर: (a) एथेनॉल और CO₂. ऐल्कोहॉली किण्वन।
कार्बोहाइड्रेट का RQ है
- 0.7
- 1
- 4
- 0
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 1. CO₂ और O₂ बराबर।
पाइरुवेट ऐसीटिल CoA में बदलता है
- माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में
- कोशिकाद्रव्य में
- पीठिका में
- केंद्रक में
उत्तर देखें
उत्तर: (a) माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में. ऑक्सीकरणी विकार्बोक्सिलीकरण।
क्रेब्स चक्र होता है
- कोशिकाद्रव्य में
- पीठिका में
- आंतरिक झिल्ली पर
- माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में
उत्तर देखें
उत्तर: (d) माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में. आधात्री।
एक ग्लूकोज़ के ग्लाइकोलाइसिस से शुद्ध ATP है
- 2
- 4
- 8
- 36
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 2. 4 बने − 2 उपयोग।
वसा ट्राइपामिटिन का RQ लगभग है
- 1.0
- 1.3
- 0.7
- 4.0
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 0.7. वसा को अधिक O₂ चाहिए।
सभी अध्याय: कक्षा 11 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।