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कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन – कक्षा 11 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान, अध्याय 10। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
कोशिकाएँ कोशिका चक्र से बढ़ती और विभाजित होती हैं। समसूत्री विभाजन वृद्धि और मरम्मत हेतु समान कोशिकाएँ देता है; अर्धसूत्री विभाजन युग्मक निर्माण हेतु गुणसूत्र संख्या आधी करता है।
कोशिका चक्र और समसूत्री विभाजन
- अंतरावस्था (G₁, S – DNA प्रतिकृतीयन, G₂) और M प्रावस्था; G₀ शांत अवस्था।
- समसूत्री: पूर्वावस्था, मध्यावस्था (गुणसूत्र मध्यरेखा पर), पश्चावस्था (अर्धगुणसूत्र अलग), अंत्यावस्था; फिर कोशिकाद्रव्य विभाजन।
- पादप कोशिकाएँ कोशिका पट्टिका बनाती हैं; जंतु कोशिकाएँ खाँच बनाती हैं।
अर्धसूत्री विभाजन
- अर्धसूत्री I (न्यूनकारी) और अर्धसूत्री II (समसूत्री जैसा) से चार अगुणित कोशिकाएँ।
- पूर्वावस्था I: लेप्टोटीन, ज़ाइगोटीन (सूत्रयुग्मन), पैकीटीन (जीन विनिमय), डिप्लोटीन (काइऐज़्मेटा), डायाकाइनेसिस।
- जीन विनिमय आनुवंशिक विविधता लाता है; रिकॉम्बिनेज़ एंज़ाइम शामिल।
मुख्य शब्द
- सूत्रयुग्मन
- ज़ाइगोटीन में समजात गुणसूत्रों का युग्मन
- जीन विनिमय
- असहोदर अर्धगुणसूत्रों के बीच खंडों का आदान-प्रदान
- काइनेटोकोर
- गुणसूत्रबिंदु पर तश्तरी जैसी संरचना जहाँ तर्कु तंतु जुड़ते हैं
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
समसूत्री विभाजन का क्या महत्व है?2 अंक
यह संतति कोशिकाओं में गुणसूत्र संख्या समान रखता है, वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत और कोशिकाओं के प्रतिस्थापन, तथा कुछ जीवों में अलैंगिक जनन संभव करता है।
G₀ प्रावस्था क्या है? एक उदाहरण दीजिए।3 अंक
शांत अवस्था जिसमें कोशिकाएँ चक्र छोड़कर विभाजन रोक देती हैं पर उपापचयी रूप से सक्रिय रहती हैं; आवश्यकता पर चक्र में लौट सकती हैं। उदाहरण: वयस्क में हृद पेशी और तंत्रिका कोशिकाएँ।
पश्चावस्था I और पश्चावस्था II की घटनाएँ लिखिए और समझाइए कि अर्धसूत्री विभाजन आनुवंशिक विविधता कैसे लाता है।5 अंक
पश्चावस्था I: समजात गुणसूत्र अलग होकर विपरीत ध्रुवों पर जाते हैं, प्रत्येक अब भी दो सहोदर अर्धगुणसूत्रों से बना (गुणसूत्र संख्या में कमी)। पश्चावस्था II: गुणसूत्रबिंदु विभाजित होते हैं और सहोदर अर्धगुणसूत्र अलग होकर विपरीत ध्रुवों पर जाते हैं। विविधता पैकीटीन में जीन विनिमय से, जो असहोदर अर्धगुणसूत्रों के बीच खंड बदलता है, और मध्यावस्था I में समजात युग्मों के स्वतंत्र अपव्यूहन से आती है, जो मातृ और पितृ गुणसूत्रों को अनेक संयोजनों में मिलाता है; यादृच्छिक निषेचन और विविधता जोड़ता है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- समसूत्री = समीकरणी।
- पैकीटीन में जीन विनिमय।
- अर्धसूत्री से 4 अगुणित कोशिकाएँ।
परीक्षा सुझाव
- S प्रावस्था में DNA मात्रा दुगुनी होती है, पर गुणसूत्र संख्या वही रहती है।
- हर अवस्था में गुणसूत्र संख्या और DNA मात्रा (C मान) याद रखें: G₁ 2C, S के बाद 4C, अर्धसूत्री I के बाद 2C (n), अर्धसूत्री II के बाद C (n)।
अभ्यास MCQ
DNA प्रतिकृतीयन होता है
- G₁ प्रावस्था में
- G₂ प्रावस्था में
- S प्रावस्था में
- M प्रावस्था में
उत्तर देखें
उत्तर: (c) S प्रावस्था में. संश्लेषण प्रावस्था।
समसूत्री विभाजन से बनती हैं
- 4 अगुणित कोशिकाएँ
- 2 समान कोशिकाएँ
- 2 अगुणित कोशिकाएँ
- 4 द्विगुणित कोशिकाएँ
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 2 समान कोशिकाएँ. समीकरणी विभाजन।
गुणसूत्र मध्यरेखा पर संरेखित होते हैं
- पूर्वावस्था में
- पश्चावस्था में
- मध्यावस्था में
- अंत्यावस्था में
उत्तर देखें
उत्तर: (c) मध्यावस्था में. मध्यावस्था पट्टिका।
सूत्रयुग्मन होता है
- लेप्टोटीन में
- ज़ाइगोटीन में
- पैकीटीन में
- डायाकाइनेसिस में
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ज़ाइगोटीन में. समजातों का युग्मन।
गुणसूत्र गिनने हेतु सबसे अच्छी अवस्था है
- पूर्वावस्था
- पश्चावस्था
- मध्यावस्था
- अंत्यावस्था
उत्तर देखें
उत्तर: (c) मध्यावस्था. सबसे संघनित और संरेखित।
जीन विनिमय होता है
- ज़ाइगोटीन में
- मध्यावस्था I में
- डिप्लोटीन में
- पैकीटीन में
उत्तर देखें
उत्तर: (d) पैकीटीन में. पुनर्योजन ग्रंथिकाएँ।
2n = 20 वाली कोशिका के अर्धसूत्री विभाजन से बनी कोशिकाओं में होते हैं
- 10 गुणसूत्र
- 20 गुणसूत्र
- 40 गुणसूत्र
- 5 गुणसूत्र
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 10 गुणसूत्र. आधे।
पूर्वावस्था I की सबसे लंबी प्रावस्था है
- लेप्टोटीन
- डिप्लोटीन
- पैकीटीन
- ज़ाइगोटीन
उत्तर देखें
उत्तर: (b) डिप्लोटीन. अंडकोशिकाओं में महीनों या वर्षों तक।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।