होम › मुफ़्त नोट्स › कक्षा 11 जीव विज्ञान › जैव अणु
जैव अणु – कक्षा 11 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान, अध्याय 9। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
जीवित ऊतकों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड और न्यूक्लिक अम्ल होते हैं। एंज़ाइम प्रोटीन हैं जो जैव रासायनिक अभिक्रियाएँ तेज़ करते हैं।
वृहद् अणु
- कार्बोहाइड्रेट: एकलशर्करा (ग्लूकोज़), द्विशर्करा (सुक्रोज़), बहुशर्करा (मंड, सेल्यूलोज़, ग्लाइकोजन, काइटिन)।
- प्रोटीन: पेप्टाइड बंधों से जुड़े 20 अमीनो अम्लों के बहुलक; प्राथमिक से चतुष्क संरचना।
- लिपिड: वसा अम्ल + ग्लिसरॉल; न्यूक्लिक अम्ल: न्यूक्लियोटाइडों (शर्करा + फ़ॉस्फ़ेट + क्षारक) के बहुलक।
एंज़ाइम
- एंज़ाइम सक्रियण ऊर्जा घटाते हैं; ये क्रियाधार-विशिष्ट होते हैं (सक्रिय स्थल)।
- कारक: ताप, pH, क्रियाधार सांद्रता; माइकेलिस नियतांक Km।
- संदमन: स्पर्धी (संदमक क्रियाधार जैसा, जैसे सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज़ हेतु मैलोनेट); सहकारक में प्रोस्थेटिक समूह, सहएंज़ाइम (NAD, विटामिनों से) और धातु आयन।
मुख्य शब्द
- एंज़ाइम
- जैविक उत्प्रेरक, प्रायः प्रोटीन
- स्पर्धी संदमन
- संदमक सक्रिय स्थल हेतु क्रियाधार से स्पर्धा करता है
- पूर्णएंज़ाइम
- प्रोटीन भाग (एपोएंज़ाइम) और अप्रोटीन सहकारक से बना पूर्ण सक्रिय एंज़ाइम
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रोटीन को विषमबहुलक क्यों कहते हैं?2 अंक
ये भिन्न प्रकार के एकलकों — 20 तक प्रकार के अमीनो अम्लों — के विशिष्ट क्रम में जुड़ने से बनते हैं।
ताप और pH एंज़ाइम सक्रियता को कैसे प्रभावित करते हैं?3 अंक
हर एंज़ाइम इष्टतम ताप और pH पर सबसे अच्छा कार्य करता है। इष्टतम से कम ताप पर सक्रियता कम; अधिक ताप प्रोटीन को विकृत कर सक्रियता रोक देता है। इष्टतम से दूर pH सक्रिय स्थल का आवेश और आकार बदलकर सक्रियता घटाता है।
एंज़ाइम–क्रियाधार सम्मिश्र द्वारा एंज़ाइम क्रिया की क्रियाविधि समझाइए और माइकेलिस–मेंटन वक्र में Km का अर्थ बताइए।5 अंक
क्रियाधार एंज़ाइम के सक्रिय स्थल से जुड़कर अल्पकालिक एंज़ाइम–क्रियाधार (ES) सम्मिश्र बनाता है। सक्रिय स्थल क्रियाधार से और कसकर मेल हेतु थोड़ा बदलता है (प्रेरित संयोजन), जिससे क्रियाधार के बंध दुर्बल होते हैं; ES सम्मिश्र एंज़ाइम–उत्पाद (EP) सम्मिश्र बनता है जो उत्पाद मुक्त करता है, और मुक्त एंज़ाइम फिर तैयार होता है। इससे सक्रियण ऊर्जा घटती है। माइकेलिस–मेंटन वक्र में क्रियाधार सांद्रता के साथ अभिक्रिया वेग बढ़ता है और सभी एंज़ाइम अणुओं के व्यस्त होने पर Vmax पर स्थिर हो जाता है। Km वह क्रियाधार सांद्रता है जिस पर वेग Vmax का आधा हो; कम Km अर्थात एंज़ाइम की क्रियाधार से अधिक बंधुता।
त्वरित पुनरावृत्ति
- एंज़ाइम सक्रियण ऊर्जा घटाते हैं।
- सेल्यूलोज़ सर्वाधिक प्रचुर कार्बनिक यौगिक।
- मैलोनेट सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज़ का संदमक।
परीक्षा सुझाव
- ग्लाइकोसाइडिक बंध शर्कराओं को, पेप्टाइड बंध अमीनो अम्लों को, फ़ॉस्फ़ोडाइएस्टर बंध न्यूक्लियोटाइडों को जोड़ता है।
- एंज़ाइम वर्ग क्रम में याद रखें: ऑक्सीडोरिडक्टेज़, ट्रांसफ़रेज़, हाइड्रोलेज़, लायेज़, आइसोमरेज़, लाइगेज़।
अभ्यास MCQ
एंज़ाइम अधिकतर होते हैं
- लिपिड
- प्रोटीन
- कार्बोहाइड्रेट
- विटामिन
उत्तर देखें
उत्तर: (b) प्रोटीन. प्रोटीन (कुछ RNA)।
अमीनो अम्ल जुड़ते हैं
- पेप्टाइड बंधों से
- ग्लाइकोसाइडिक बंधों से
- केवल हाइड्रोजन बंधों से
- फ़ॉस्फ़ोडाइएस्टर बंधों से
उत्तर देखें
उत्तर: (a) पेप्टाइड बंधों से. पेप्टाइड बंध।
मंड बहुलक है
- फ़्रक्टोज़ का
- न्यूक्लियोटाइडों का
- अमीनो अम्लों का
- ग्लूकोज़ का
उत्तर देखें
उत्तर: (d) ग्लूकोज़ का. α-ग्लूकोज़।
एंज़ाइम अभिक्रियाएँ तेज़ करते हैं
- ताप बढ़ाकर
- साम्य बदलकर
- सक्रियण ऊर्जा घटाकर
- ऊर्जा जोड़कर
उत्तर देखें
उत्तर: (c) सक्रियण ऊर्जा घटाकर. Ea घटाकर।
बहुशर्करा में एकलशर्कराओं को जोड़ने वाला बंध है
- पेप्टाइड बंध
- ग्लाइकोसाइडिक बंध
- एस्टर बंध
- केवल हाइड्रोजन बंध
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ग्लाइकोसाइडिक बंध. शर्करा–शर्करा कड़ी।
मैलोनेट द्वारा सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज़ का संदमन उदाहरण है
- अस्पर्धी संदमन का
- पुनर्भरण सक्रियण का
- स्पर्धी संदमन का
- विकृतीकरण का
उत्तर देखें
उत्तर: (c) स्पर्धी संदमन का. सक्सिनेट जैसा।
जीवमंडल में सर्वाधिक प्रचुर कार्बनिक यौगिक है
- सेल्यूलोज़
- प्रोटीन
- ग्लाइकोजन
- DNA
उत्तर देखें
उत्तर: (a) सेल्यूलोज़. पादप कोशिका भित्ति।
ATP की ऊर्जा से दो अणुओं को जोड़ने वाला एंज़ाइम किस वर्ग का है
- लाइगेज़
- हाइड्रोलेज़
- लायेज़
- आइसोमरेज़
उत्तर देखें
उत्तर: (a) लाइगेज़. लाइगेज़ (सिंथेटेज़)।
सभी अध्याय: कक्षा 11 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।