होम › मुफ़्त नोट्स › कक्षा 11 जीव विज्ञान › श्वसन और गैसों का विनिमय
श्वसन और गैसों का विनिमय – कक्षा 11 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान, अध्याय 14। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
श्वसन फेफड़ों में O₂ लाता और CO₂ हटाता है। कूपिकाओं में विसरण से गैसों का विनिमय होता है और रक्त इन्हें ले जाता है।
क्रियाविधि
- अंतःश्वसन: डायाफ्राम और बाह्य अंतरापर्शुक पेशियाँ संकुचित, वक्ष आयतन बढ़ता, दाब घटता है।
- आयतन: ज्वारीय आयतन ≈ 500 mL; जैव क्षमता = TV + IRV + ERV; अवशिष्ट आयतन फेफड़ों में रहता है।
- श्वसन मेडुला के श्वसन लय केंद्र से नियंत्रित।
परिवहन और विकार
- लगभग 97% O₂ हीमोग्लोबिन द्वारा (ऑक्सीहीमोग्लोबिन); ऑक्सीजन वियोजन वक्र सिग्मॉइड।
- CO₂ मुख्यतः बाइकार्बोनेट (≈ 70%), लगभग 20–25% कार्बामिनोहीमोग्लोबिन, 7% घुली।
- विकार: दमा, वातस्फीति, व्यावसायिक फेफड़ा रोग।
मुख्य शब्द
- ज्वारीय आयतन
- सामान्य श्वास में अंदर या बाहर जाने वाली वायु
- जैव क्षमता
- अधिकतम अंतःश्वसन के बाद बाहर निकाली जा सकने वाली अधिकतम वायु
- आंशिक दाब
- मिश्रण में एक गैस द्वारा योगदान किया दाब; गैसें अधिक से कम आंशिक दाब की ओर विसरित होती हैं
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
कूपिकाओं में गैस विनिमय अत्यंत दक्ष क्यों होता है?2 अंक
कूपिकाओं का सतह क्षेत्र विशाल, विसरण झिल्ली बहुत पतली, रक्त आपूर्ति प्रचुर, और O₂ व CO₂ हेतु आंशिक दाब प्रवणता तीव्र होती है।
श्वसन का नियमन कैसे होता है, वर्णन कीजिए।3 अंक
मेडुला का श्वसन लय केंद्र मूल लय तय करता है; पोंस का न्यूमोटैक्सिक केंद्र इसे बदल सकता है। लय केंद्र के पास रसोसंवेदी क्षेत्र बढ़ते CO₂ और H⁺ पर अनुक्रिया कर श्वसन बढ़ाता है; महाधमनी चाप और ग्रीवा धमनियों के ग्राही भी ये परिवर्तन पहचानते हैं।
समझाइए कि रक्त में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन कैसे होता है, कार्बोनिक ऐनहाइड्रेज़ की भूमिका सहित।5 अंक
ऑक्सीजन: लगभग 97% RBC के हीमोग्लोबिन से ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में उत्क्रमणीय रूप से जुड़ती है (हर Hb अधिकतम 4 O₂); बंधन pO₂ पर निर्भर, फेफड़ों में उच्च pO₂ बंधन और ऊतकों में कम pO₂, अधिक pCO₂, अधिक H⁺ व ताप मुक्ति के अनुकूल। लगभग 3% प्लाज़्मा में घुली। कार्बन डाइऑक्साइड: लगभग 20–25% हीमोग्लोबिन से कार्बामिनोहीमोग्लोबिन के रूप में, लगभग 7% प्लाज़्मा में घुली, और लगभग 70% बाइकार्बोनेट के रूप में। ऊतकों में RBC का कार्बोनिक ऐनहाइड्रेज़ CO₂ + H₂O → H₂CO₃ → HCO₃⁻ + H⁺ तेज़ करता है; फेफड़ों में अभिक्रिया उलटकर CO₂ बाहर निकलती है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- अंतःश्वसन में डायाफ्राम संकुचित।
- अधिकांश O₂ हीमोग्लोबिन द्वारा।
- अधिकांश CO₂ बाइकार्बोनेट के रूप में।
परीक्षा सुझाव
- झिल्लियों से CO₂ का विसरण O₂ से लगभग 20–25 गुना तेज़।
- आंशिक दाब (mm Hg) याद रखें: कूपिका pO₂ 104, pCO₂ 40; विऑक्सीजनित रक्त pO₂ 40, pCO₂ 45; ऊतक pO₂ 40, pCO₂ 45।
अभ्यास MCQ
फेफड़ों में गैस विनिमय होता है
- श्वासनली में
- कूपिकाओं में
- श्वसनी में
- ग्रसनी में
उत्तर देखें
उत्तर: (b) कूपिकाओं में. कूपिकाएँ।
अंतःश्वसन में डायाफ्राम
- संकुचित होता है
- शिथिल होता है
- स्थिर रहता है
- ऊपर जाता है
उत्तर देखें
उत्तर: (a) संकुचित होता है. चपटा होता है।
मनुष्य में सामान्य ज्वारीय आयतन लगभग है
- 500 mL
- 50 mL
- 5000 mL
- 1500 mL
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 500 mL. ~500 mL।
अधिकांश CO₂ का परिवहन होता है
- घुली CO₂ के रूप में
- बाइकार्बोनेट के रूप में
- कार्बामिनोहीमोग्लोबिन के रूप में
- कार्बोनिक अम्ल गैस के रूप में
उत्तर देखें
उत्तर: (b) बाइकार्बोनेट के रूप में. लगभग 70%।
अधिकतम उच्छ्वसन के बाद फेफड़ों में बची वायु का आयतन है
- ज्वारीय आयतन
- अवशिष्ट आयतन
- जैव क्षमता
- अंतःश्वसन आरक्षित आयतन
उत्तर देखें
उत्तर: (b) अवशिष्ट आयतन. लगभग 1100–1200 mL।
श्वसन लय केंद्र स्थित है
- प्रमस्तिष्क में
- मेडुला में
- अनुमस्तिष्क में
- हाइपोथैलेमस में
उत्तर देखें
उत्तर: (b) मेडुला में. मेडुला ऑब्लांगेटा।
वातस्फीति वह विकार है जिसमें
- हीमोग्लोबिन कम
- केवल श्वसनी में सूजन
- कूपिका भित्तियाँ क्षतिग्रस्त होती हैं
- डायाफ्राम लकवाग्रस्त
उत्तर देखें
उत्तर: (c) कूपिका भित्तियाँ क्षतिग्रस्त होती हैं. सतह क्षेत्र घटता है।
ऑक्सीजन वियोजन वक्र दाईं ओर खिसकता है
- अधिक H⁺ (कम pH) और अधिक ताप पर
- कम pCO₂ पर
- कम ताप पर
- केवल अधिक pO₂ पर
उत्तर देखें
उत्तर: (a) अधिक H⁺ (कम pH) और अधिक ताप पर. बोर प्रभाव; ऊतकों में O₂ मुक्त।
सभी अध्याय: कक्षा 11 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।