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औद्योगीकरण का युग – कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 4। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
औद्योगीकरण केवल कारख़ानों से शुरू नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए आदि-औद्योगिक उत्पादन पहले से होता था। ब्रिटेन और भारत में हाथ का श्रम और नई मशीनें साथ-साथ चलीं, और औपनिवेशिक नियंत्रण के बावजूद 20वीं सदी में भारतीय उद्योग बढ़े।
औद्योगिक क्रांति से पहले
- आदि-औद्योगीकरण: सौदागर ग्रामीण कताई-बुनाई करने वालों को पैसा देते थे, जो घर पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए उत्पादन करते थे।
- इंग्लैंड में ऊन स्टेपलर से कातने वाले, बुनकर, फुलर और फिर लंदन के फ़िनिशरों तक जाता था।
- रिचर्ड आर्कराइट के आविष्कारों के बाद बनी कपास मिल ने सभी प्रक्रियाएँ एक छत के नीचे लाकर कड़ी निगरानी संभव की।
औद्योगिक बदलाव की गति
- ब्रिटेन में कपास और धातु उद्योग सबसे गतिशील थे; जेम्स वॉट ने भाप इंजन में सुधार किया।
- हाथ का श्रम आम रहा क्योंकि श्रम सस्ता था और कई उत्पादों में मानवीय कौशल व मौसमी माँग थी।
- स्पिनिंग जेनी (जेम्स हरग्रीव्ज़, 1764) ने कताई तेज़ की पर मज़दूरों को नौकरी जाने का डर था।
उपनिवेशों में औद्योगीकरण
- 1750 से पहले भारतीय वस्त्र विश्व बाज़ार में छाए थे; बाद में ईस्ट इंडिया कंपनी ने गुमाश्तों (वेतनभोगी एजेंटों) से बुनकरों पर नियंत्रण किया।
- 19वीं सदी में मैनचेस्टर का माल भारत में भर गया, और बुनकरों को महँगी कच्ची कपास और घटती माँग झेलनी पड़ी।
- बंबई में पहली कपड़ा मिल 1854 में, बंगाल में पहली जूट मिल 1855 में और कानपुर में एल्गिन मिल 1860 में शुरू हुई।
- आरंभिक भारतीय उद्योगपतियों में द्वारकानाथ टैगोर, डिनशॉ पेटिट, जमशेदजी जीजीभोय और सेठ हुकुमचंद थे; जॉबर मिल मज़दूरों की भर्ती करते थे।
- सुधरे फ़्लाई शटल से हथकरघा बुनकरों का उत्पादन बढ़ा, और विज्ञापनों व कैलेंडरों ने नए उत्पादों के बाज़ार बनाए।
मुख्य शब्द
- आदि-औद्योगीकरण
- कारख़ानों से पहले घरों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन का चरण
- गुमाश्ता
- कंपनी का वेतनभोगी कर्मचारी जो बुनकरों की निगरानी कर कपड़ा इकट्ठा करता था
- जॉबर
- उद्योगपतियों द्वारा मज़दूर भर्ती हेतु रखा गया व्यक्ति, प्रायः अपने ही गाँव से लोग लाता था
- फ़्लाई शटल
- करघे पर बाने का धागा तेज़ी से चलाने वाला यांत्रिक उपकरण
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
आदि-औद्योगीकरण क्या है?2 अंक
आदि-औद्योगीकरण कारख़ानों से पहले का वह चरण है जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन होता था। इसे सौदागर नियंत्रित करते थे, जो ग्रामीण किसानों और कारीगरों को पैसा देते थे, और वे अपने घरों में माल बनाते थे।
19वीं सदी के यूरोप में कुछ उद्योगपति मशीनों की जगह हाथ का श्रम क्यों पसंद करते थे?3 अंक
श्रम भरपूर और मज़दूरी कम थी, इसलिए उद्योगपति महँगी मशीनों में निवेश नहीं करना चाहते थे। मशीनों के लिए बड़ी पूँजी और बार-बार मरम्मत चाहिए थी। गैसघर और जिल्दसाज़ी जैसे मौसमी उद्योगों में कुछ ही मौसमों में अधिक मज़दूर चाहिए होते थे, और बारीक डिज़ाइन वाले कई सामान उच्च वर्ग के ख़रीदारों के लिए केवल हाथ से बन सकते थे।
ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय बुनकरों से सूती और रेशमी वस्त्रों की नियमित आपूर्ति कैसे सुनिश्चित की?5 अंक
कंपनी ने मौजूदा व्यापारियों और दलालों को हटाकर बुनकरों पर सीधा नियंत्रण बनाने का प्रयास किया। उसने बुनकरों की निगरानी, माल इकट्ठा करने और कपड़े की गुणवत्ता जाँचने हेतु गुमाश्ते नाम के वेतनभोगी कर्मचारी रखे। पेशगी की व्यवस्था से बुनकरों को दूसरे ख़रीदारों से सौदा करने से रोका गया: ऑर्डर मिलने पर बुनकर को कच्चा माल ख़रीदने हेतु कर्ज़ मिलता था और उसे तैयार कपड़ा गुमाश्ते को देना होता था। पेशगी लेने वाले बुनकरों को अपना पूरा उत्पादन कंपनी को देना पड़ता था। गुमाश्ते प्रायः अहंकार से पेश आते और देरी पर बुनकरों को दंड देते, जिससे कई गाँवों में टकराव हुए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- आदि-उद्योग = विश्व बाज़ार के लिए घरेलू उत्पादन।
- हाथ का श्रम सस्ता और लचीला होने से बचा रहा।
- गुमाश्ते कंपनी के लिए भारतीय बुनकरों को नियंत्रित करते थे।
- बंबई में पहली कपड़ा मिल 1854 में।
परीक्षा सुझाव
- औद्योगिक बदलाव की गति पर प्रश्न में ब्रिटेन और भारत दोनों से एक-एक उदाहरण दें।
- आविष्कारकों को आविष्कार से जोड़ें: हरग्रीव्ज़ (स्पिनिंग जेनी), आर्कराइट (कपास मिल), वॉट (भाप इंजन)।
अभ्यास MCQ
स्पिनिंग जेनी का आविष्कार किसने किया
- रिचर्ड आर्कराइट
- जेम्स हरग्रीव्ज़
- जेम्स वॉट
- मैथ्यू बोल्टन
उत्तर देखें
उत्तर: (b) जेम्स हरग्रीव्ज़. हरग्रीव्ज़ ने इसे 1764 में बनाया।
बंबई में पहली कपड़ा मिल कब बनी
- 1817
- 1854
- 1874
- 1917
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 1854. इसकी स्थापना 1854 में हुई।
गुमाश्ता था
- एक बुनकर
- एक ब्रिटिश व्यापारी
- कंपनी का वेतनभोगी एजेंट
- कारख़ाना मालिक
उत्तर देखें
उत्तर: (c) कंपनी का वेतनभोगी एजेंट. गुमाश्ते बुनकरों की निगरानी कर माल इकट्ठा करते थे।
इनमें से किसने भाप इंजन में सुधार किया
- हरग्रीव्ज़
- जेम्स वॉट
- आर्कराइट
- द्वारकानाथ टैगोर
उत्तर देखें
उत्तर: (b) जेम्स वॉट. वॉट ने 1781 में सुधरे इंजन का पेटेंट कराया।
आदि-औद्योगीकरण में उत्पादन होता था
- ग्रामीण घरों में
- बड़े कारख़ानों में
- सरकारी कार्यशालाओं में
- केवल शहरों में
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उत्तर: (a) ग्रामीण घरों में. सौदागर ग्रामीण परिवारों को पैसा देते थे जो घर पर काम करते थे।
जॉबर को किस काम हेतु रखा जाता था
- विदेश में माल बेचने
- विज्ञापन बनाने
- कर वसूलने
- कारख़ानों के लिए मज़दूर भर्ती करने
उत्तर देखें
उत्तर: (d) कारख़ानों के लिए मज़दूर भर्ती करने. वह अपने गाँव से लोग लाकर उन्हें बसने में मदद करता था।
ब्रिटेन के कई विक्टोरियाई उद्योगपति मशीनों की जगह हाथ का श्रम क्यों पसंद करते थे
- मशीनों पर प्रतिबंध था
- श्रम सस्ता था और माँग मौसमी थी
- मज़दूर मशीनें नहीं चाहते थे
- सरकार अनुदान देती थी
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उत्तर: (b) श्रम सस्ता था और माँग मौसमी थी. सस्ते श्रम की भरमार में मौसमी काम के लिए महँगी मशीनें ज़रूरी नहीं थीं।
19वीं सदी में भारतीय हथकरघा बुनकरों को कष्ट क्यों हुआ
- सस्ते मैनचेस्टर आयात से माँग घटी और कच्ची कपास महँगी हुई
- उनमें कौशल नहीं था
- वे अफ़्रीका चले गए
- अंग्रेज़ों ने कताई पर रोक लगाई
उत्तर देखें
उत्तर: (a) सस्ते मैनचेस्टर आयात से माँग घटी और कच्ची कपास महँगी हुई. निर्यात बाज़ार ढह गया और सस्ते आयात से स्थानीय बाज़ार सिकुड़ गया।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।