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मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया – कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 5। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
मुद्रण पूर्वी एशिया में शुरू होकर यूरोप पहुँचा, जहाँ गुटेनबर्ग के प्रेस ने मुद्रण क्रांति शुरू की। मुद्रण ने पढ़ने का ढंग बदला, नए विचार फैलाए, सुधार आंदोलनों और राष्ट्रवाद को बल दिया, और भारत में धर्म, जाति और स्त्री अधिकारों पर बहसों को आकार दिया।
आरंभिक मुद्रण और मुद्रण क्रांति
- सबसे पहली मुद्रण तकनीक चीन, जापान और कोरिया में विकसित हुई; चीन में लकड़ी के ब्लॉक से हाथ से छपाई होती थी।
- सबसे पुरानी जापानी मुद्रित पुस्तक बौद्ध डायमंड सूत्र (868 ई.) है; मार्को पोलो 1295 में लकड़ी के ब्लॉक से छपाई का ज्ञान इटली लाए।
- योहान गुटेनबर्ग ने 1430 के दशक में पहला ज्ञात प्रिंटिंग प्रेस बनाया; उनकी छापी पहली पुस्तक बाइबिल थी (लगभग 180 प्रतियाँ)।
- मुद्रण से पुस्तकें सस्ती हुईं, नए पाठक और पाठक-वर्ग बने, और विचार तेज़ी से फैले।
मुद्रण, धर्म और नए विचार
- मार्टिन लूथर की पंचानवे स्थापनाएँ (1517) बड़े पैमाने पर छपीं और प्रोटेस्टेंट धर्मसुधार का कारण बनीं।
- रोमन कैथोलिक चर्च ने 1558 से प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची रखी; मिलर मेनोकियो को उसके विचारों के लिए दंड मिला।
- मुद्रण ने ज्ञानोदय के विचारकों के विचार फैलाए और माना जाता है कि इसने फ्रांसीसी क्रांति लाने में मदद की।
भारत में मुद्रण
- पुर्तगाली धर्मप्रचारक 16वीं सदी के मध्य में गोवा में प्रिंटिंग प्रेस लाए।
- जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने 1780 में बंगाल गज़ट शुरू किया; राजा राममोहन राय ने 1821 से संवाद कौमुदी प्रकाशित किया।
- राशसुंदरी देवी (आमार जीबन, 1876) जैसी लेखिकाओं और ज्योतिबा फुले (गुलामगिरी, 1871) जैसे सुधारकों ने मुद्रण का उपयोग किया।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878) ने सरकार को भारतीय भाषाओं के अख़बारों पर सेंसर की शक्ति दी; तिलक के केसरी ने ब्रिटिश शासन की आलोचना की।
मुख्य शब्द
- सुलेखन
- सुंदर और कलात्मक लिखावट की कला
- पांडुलिपि
- हाथ से लिखी पुस्तक या दस्तावेज़
- प्रोटेस्टेंट धर्मसुधार
- मार्टिन लूथर द्वारा शुरू किया गया 16वीं सदी का कैथोलिक चर्च सुधार आंदोलन
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट
- 1878 का क़ानून जिसने सरकार को भारतीय भाषा के अख़बारों की रिपोर्ट व संपादकीय सेंसर करने की शक्ति दी
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
मेनोकियो कौन था और उसे दंड क्यों मिला?2 अंक
मेनोकियो 16वीं सदी के इटली का एक मिलर था जिसने अपने इलाक़े में उपलब्ध पुस्तकें पढ़कर बाइबिल की अपने ढंग से व्याख्या की। ईश्वर और सृष्टि पर उसके विचारों से रोमन कैथोलिक चर्च नाराज़ हुआ; उसे धर्मद्रोह विरोधी अदालत (इन्क्विज़िशन) के सामने लाया गया और अंततः मृत्युदंड दिया गया।
18वीं सदी के यूरोप में कुछ लोग क्यों मानते थे कि मुद्रण संस्कृति ज्ञानोदय लाएगी और निरंकुशता समाप्त करेगी?3 अंक
मुद्रण ने ज्ञान को व्यापक और तेज़ी से फैलाया, जिससे तर्क, विवेक और स्वतंत्रता के विचार अधिक लोगों तक पहुँचे। रूसो और वॉल्तेयर जैसे लेखकों को व्यापक रूप से पढ़ा गया और पाठक परंपरा, अंधविश्वास और राजा व चर्च की सत्ता पर सवाल उठाने लगे। अनेक लोग मानते थे कि पुस्तकें दुनिया बदल सकती हैं और समाज को निरंकुशता व अत्याचार से मुक्त कर सकती हैं।
19वीं सदी के भारत में मुद्रण संस्कृति ने राष्ट्रवाद और सुधार के विकास में कैसे मदद की?5 अंक
भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी के अख़बार देश के एक भाग से दूसरे भाग तक ख़बरें ले गए और साझा पहचान का भाव बनाया। राजा राममोहन राय जैसे सुधारकों ने संवाद कौमुदी जैसी पत्रिकाओं में सती प्रथा और मूर्तिपूजा जैसे सामाजिक मुद्दों पर बहस की। ज्योतिबा फुले और बाद में बी.आर. अंबेडकर जैसे लेखकों ने जातिगत भेदभाव के विरुद्ध लिखा, और राशसुंदरी देवी जैसी महिलाओं ने अपने जीवन के बारे में लिखा। तिलक के केसरी जैसे राष्ट्रवादी अख़बारों ने औपनिवेशिक कुशासन की आलोचना की और राष्ट्रवादी गतिविधियों की ख़बरें दीं। इससे चिंतित होकर सरकार ने 1878 में भारतीय अख़बारों को सेंसर करने हेतु वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित किया, पर राष्ट्रवादी अख़बार बढ़ते रहे और जनमत को संगठित करने में मदद की।
त्वरित पुनरावृत्ति
- लकड़ी के ब्लॉक से छपाई पूर्वी एशिया में शुरू हुई।
- गुटेनबर्ग के प्रेस से यूरोप में मुद्रण क्रांति आई।
- लूथर की स्थापनाएँ → प्रोटेस्टेंट धर्मसुधार।
- वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878 ने भारतीय अख़बारों को सेंसर किया।
परीक्षा सुझाव
- 'पहली बार' वाली तिथियाँ याद करें: डायमंड सूत्र 868, मार्को पोलो 1295, गुटेनबर्ग बाइबिल 1448, लूथर 1517, गोवा प्रेस 1550 का दशक, बंगाल गज़ट 1780, वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878।
- 'कुछ लोग मुद्रण से क्यों डरते थे' वाले उत्तर में चर्च और औपनिवेशिक सरकार दोनों का दृष्टिकोण लिखें।
अभ्यास MCQ
यूरोप में पहला प्रिंटिंग प्रेस किसने बनाया
- मार्को पोलो
- मार्टिन लूथर
- योहान गुटेनबर्ग
- इरास्मस
उत्तर देखें
उत्तर: (c) योहान गुटेनबर्ग. गुटेनबर्ग ने इसे 15वीं सदी में स्ट्रासबर्ग और मेंज़ में बनाया।
गुटेनबर्ग द्वारा छापी गई पहली पुस्तक थी
- डायमंड सूत्र
- पंचानवे स्थापनाएँ
- बाइबिल
- गुलामगिरी
उत्तर देखें
उत्तर: (c) बाइबिल. उन्होंने बाइबिल की लगभग 180 प्रतियाँ छापीं।
डायमंड सूत्र किस देश की सबसे पुरानी मुद्रित पुस्तक है
- चीन
- जापान
- कोरिया
- भारत
उत्तर देखें
उत्तर: (b) जापान. यह 868 ई. में छपी।
मार्टिन लूथर की पंचानवे स्थापनाओं में किसकी प्रथाओं की आलोचना थी
- मुग़ल दरबार
- जापानी सम्राट
- ब्रिटिश संसद
- रोमन कैथोलिक चर्च
उत्तर देखें
उत्तर: (d) रोमन कैथोलिक चर्च. छपी प्रतियाँ तेज़ी से फैलीं और धर्मसुधार शुरू हुआ।
बंगाल गज़ट किसने शुरू किया
- राममोहन राय
- जेम्स ऑगस्टस हिक्की
- बाल गंगाधर तिलक
- ज्योतिबा फुले
उत्तर देखें
उत्तर: (b) जेम्स ऑगस्टस हिक्की. हिक्की ने यह साप्ताहिक 1780 में शुरू किया।
जातिगत अन्याय पर पुस्तक गुलामगिरी किसने लिखी
- ज्योतिबा फुले
- राशसुंदरी देवी
- बी.आर. अंबेडकर
- पेरियार
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ज्योतिबा फुले. फुले ने इसे 1871 में प्रकाशित किया।
1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट
- भारतीय अख़बारों को प्रोत्साहित करता था
- अंग्रेज़ी अख़बारों पर रोक लगाता था
- गोवा में मुद्रण लाया
- सरकार को भारतीय भाषा के अख़बार सेंसर करने की शक्ति देता था
उत्तर देखें
उत्तर: (d) सरकार को भारतीय भाषा के अख़बार सेंसर करने की शक्ति देता था. यह आयरिश प्रेस क़ानूनों के आधार पर बना था।
प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची कौन रखता था
- प्रोटेस्टेंट चर्च
- रोमन कैथोलिक चर्च
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
- मुग़ल सम्राट
उत्तर देखें
उत्तर: (b) रोमन कैथोलिक चर्च. विधर्मी विचारों पर नियंत्रण हेतु इसे 1558 से रखा गया।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।