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प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन – कक्षा 10 विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 10 विज्ञान, अध्याय 9। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
प्रकाश सीधी रेखा में चलता है और दर्पणों से लौटता है (परावर्तन) या एक माध्यम से दूसरे में जाने पर मुड़ता है (अपवर्तन)। दर्पण और लेंस सूत्र प्रतिबिंब की स्थिति व आकार बताते हैं।
गोलीय दर्पण
- अवतल दर्पण: अभिसारी; वास्तविक उल्टे प्रतिबिंब (वस्तु F के अंदर हो तो आभासी बड़ा)। टॉर्च, शेविंग दर्पण, दंत चिकित्सक दर्पण में।
- उत्तल दर्पण: अपसारी; सदैव आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब। पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में।
- f = R/2; दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f; आवर्धन m = −v/u।
अपवर्तन
- सघन माध्यम में जाने पर प्रकाश अभिलंब की ओर और निकलने पर दूर मुड़ता है।
- स्नेल नियम: sin i / sin r = नियतांक = अपवर्तनांक n₂₁।
- निरपेक्ष अपवर्तनांक n = c/v (निर्वात में चाल ÷ माध्यम में चाल)।
लेंस
- उत्तल लेंस अभिसारी; अवतल लेंस अपसारी।
- लेंस सूत्र: 1/v − 1/u = 1/f; m = v/u।
- क्षमता P = 1/f (f मीटर में), मात्रक डायोप्टर (D); उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक।
मुख्य शब्द
- मुख्य फ़ोकस
- वह बिंदु जहाँ समांतर किरणें परावर्तन/अपवर्तन के बाद मिलती हैं (या मिलती प्रतीत होती हैं)
- अपवर्तनांक
- निर्वात और माध्यम में प्रकाश की चाल का अनुपात
- वास्तविक प्रतिबिंब
- पर्दे पर लिया जा सकने वाला प्रतिबिंब
सूत्र
- 1/v + 1/u = 1/f (दर्पण)
- 1/v − 1/u = 1/f (लेंस)
- P = 1/f (मीटर), m = h′/h
- n = c/v
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इसका क्या अर्थ है?2 अंक
निर्वात (या वायु) में प्रकाश हीरे की तुलना में 2.42 गुना तेज़ चलता है: n = c/v, अतः हीरे में प्रकाश की चाल लगभग 1.24 × 10⁸ m/s है।
15 cm फ़ोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के सामने 20 cm पर वस्तु रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति और प्रकृति ज्ञात कीजिए।3 अंक
u = −20 cm, f = −15 cm। 1/v = 1/f − 1/u = −1/15 + 1/20 = −1/60, अतः v = −60 cm। प्रतिबिंब दर्पण के सामने 60 cm पर है: वास्तविक, उलटा और आवर्धित (m = −v/u = −3)।
5 cm ऊँची वस्तु 10 cm फ़ोकस दूरी वाले उत्तल लेंस से 25 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति, आकार और प्रकृति ज्ञात कीजिए तथा उत्तल लेंस का एक उपयोग बताइए।5 अंक
लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f, u = −25 cm, f = +10 cm: 1/v = 1/10 − 1/25 = 3/50, अतः v = +16.7 cm (दूसरी ओर)। m = v/u = 16.7/(−25) ≈ −0.67, अतः प्रतिबिंब की ऊँचाई ≈ −3.3 cm। प्रतिबिंब वास्तविक, उलटा और छोटा है। उत्तल लेंस आवर्धक लेंस, कैमरे और दूरदृष्टि दोष सुधारने में उपयोग होता है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- उत्तल दर्पण → पश्च-दृश्य; अवतल → टॉर्च, शेविंग।
- सघन माध्यम में प्रकाश अभिलंब की ओर मुड़ता है।
- क्षमता (डायोप्टर) = 1/f (मीटर)।
परीक्षा सुझाव
- नई कार्तीय चिह्न परिपाटी: आपतित प्रकाश के विपरीत नापी दूरियाँ ऋणात्मक।
- किरण-आरेख: वस्तु C से परे, C पर, C और F के बीच, F पर, F के अंदर — हर स्थिति का प्रतिबिंब जानें।
अभ्यास MCQ
वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में प्रयुक्त दर्पण है
- अवतल
- बेलनाकार
- समतल
- उत्तल
उत्तर देखें
उत्तर: (d) उत्तल. यह अधिक विस्तृत दृश्य देता है।
लेंस की क्षमता का SI मात्रक है
- मीटर
- वाट
- डायोप्टर
- जूल
उत्तर देखें
उत्तर: (c) डायोप्टर. डायोप्टर।
वक्रता केंद्र से गुज़रने वाली किरण परावर्तन के बाद
- उसी पथ पर लौटती है
- अक्ष के समांतर जाती है
- F से जाती है
- 90° पर जाती है
उत्तर देखें
उत्तर: (a) उसी पथ पर लौटती है. वह दर्पण पर अभिलंबवत पड़ती है।
30 cm वक्रता त्रिज्या वाले अवतल दर्पण की फ़ोकस दूरी है
- 30 cm
- 7.5 cm
- 60 cm
- 15 cm
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 15 cm. f = R/2।
−50 cm फ़ोकस दूरी वाले लेंस की क्षमता है
- +2 D
- +0.5 D
- −0.5 D
- −2 D
उत्तर देखें
उत्तर: (d) −2 D. P = 1/(−0.5 m) = −2 D।
काँच (n = 1.5) में प्रकाश की चाल है
- 3 × 10⁸ m/s
- 2 × 10⁸ m/s
- 4.5 × 10⁸ m/s
- 1.5 × 10⁸ m/s
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 2 × 10⁸ m/s. v = c/n = 2 × 10⁸ m/s।
10 cm फ़ोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के सामने 20 cm पर वस्तु है। प्रतिबिंब बनेगा
- अनंत पर
- पीछे 10 cm पर, आभासी
- सामने 20 cm पर, वास्तविक
- सामने 40 cm पर
उत्तर देखें
उत्तर: (c) सामने 20 cm पर, वास्तविक. 1/v = −1/10 + 1/20 = −1/20 ⇒ v = −20 cm (C पर)।
उत्तल लेंस 40 cm पर वस्तु के बराबर वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। फ़ोकस दूरी है
- 40 cm
- 20 cm
- 10 cm
- 80 cm
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 20 cm. समान आकार का वास्तविक प्रतिबिंब 2F पर: 2f = 40।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।