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वास्तविक संख्याएँ – कक्षा 10 गणित नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 10 गणित, अध्याय 1। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
हर भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में केवल एक ही तरह से लिखा जा सकता है। इसी से HCF, LCM निकालते हैं और √2 जैसी संख्याओं को अपरिमेय सिद्ध करते हैं।
अंकगणित की आधारभूत प्रमेय
- हर भाज्य संख्या अभाज्य संख्याओं का गुणनफल है, जो गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर अद्वितीय है।
- उदाहरण: 140 = 2² × 5 × 7।
- HCF = उभयनिष्ठ अभाज्यों की न्यूनतम घातों का गुणनफल; LCM = सभी अभाज्यों की अधिकतम घातों का गुणनफल।
HCF और LCM
- दो संख्याओं a, b के लिए: HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b।
- यह नियम तीन संख्याओं पर लागू नहीं होता।
- HCF हमेशा LCM का गुणनखंड होता है।
अपरिमेय संख्याएँ
- हर अभाज्य p के लिए √p अपरिमेय है (विरोधाभास से सिद्ध)।
- शून्येतर परिमेय और अपरिमेय का योग या गुणनफल अपरिमेय होता है।
- उदाहरण: 5 − √3 और 2√5 अपरिमेय हैं।
मुख्य शब्द
- अभाज्य गुणनखंडन
- संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखना
- अपरिमेय संख्या
- वह संख्या जिसे p/q (p, q पूर्णांक, q ≠ 0) के रूप में नहीं लिखा जा सकता
- सह-अभाज्य
- वे दो संख्याएँ जिनका HCF 1 हो
सूत्र
- HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
अभाज्य गुणनखंडन से 96 और 404 का HCF ज्ञात कीजिए।2 अंक
96 = 2⁵ × 3 और 404 = 2² × 101। न्यूनतम घात वाला उभयनिष्ठ गुणनखंड 2² है, अतः HCF = 4।
सिद्ध कीजिए कि √5 अपरिमेय है।3 अंक
मान लें √5 = p/q (सह-अभाज्य)। तब p² = 5q², अतः 5, p को विभाजित करता है; p = 5r रखें। 25r² = 5q² ⇒ q² = 5r², अतः 5, q को भी विभाजित करता है। यह सह-अभाज्य होने का विरोधाभास है, अतः √5 अपरिमेय है।
सिद्ध कीजिए कि √2 अपरिमेय है।3 अंक
मान लें √2 = a/b, जहाँ a, b सह-अभाज्य पूर्णांक और b ≠ 0। तब 2b² = a², अतः a² सम है और इसलिए a सम है; a = 2c लिखें। तब 2b² = 4c², अर्थात b² = 2c², अतः b भी सम है। इस प्रकार 2, a और b दोनों को विभाजित करता है, जो सह-अभाज्य होने के विरुद्ध है। अतः √2 अपरिमेय है।
अभाज्य गुणनखंडन से 6, 72 और 120 का LCM और HCF ज्ञात कीजिए और जाँचिए कि क्या HCF × LCM तीनों संख्याओं के गुणनफल के बराबर है।5 अंक
6 = 2 × 3, 72 = 2³ × 3², 120 = 2³ × 3 × 5। HCF = 2 × 3 = 6 (उभयनिष्ठ अभाज्यों की न्यूनतम घातें)। LCM = 2³ × 3² × 5 = 360 (सभी अभाज्यों की अधिकतम घातें)। HCF × LCM = 2160, पर 6 × 72 × 120 = 51,840। अतः HCF × LCM = गुणनफल का नियम केवल दो संख्याओं पर लागू होता है, तीन पर नहीं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- अभाज्य गुणनखंडन अद्वितीय होता है।
- HCF में न्यूनतम घात, LCM में अधिकतम घात।
- √2, √3, √5 अपरिमेय हैं।
- HCF = 1 हो तो संख्याएँ सह-अभाज्य हैं और LCM = उनका गुणनफल।
परीक्षा सुझाव
- "अपरिमेय सिद्ध करें" प्रश्नों में संख्या को परिमेय मानें, p/q (न्यूनतम रूप) लिखें और विरोधाभास पर पहुँचें।
- अभाज्य गुणनखंड घातों के साथ लिखें (2³ × 3²)।
अभ्यास MCQ
96 का अभाज्य गुणनखंडन है
- 2⁵ × 3
- 2⁴ × 3²
- 2⁵ × 3²
- 2³ × 3 × 4
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 2⁵ × 3. 96 = 32 × 3 = 2⁵ × 3।
12 और 18 का HCF है
- 2
- 3
- 6
- 36
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 6. 12 = 2² × 3, 18 = 2 × 3²; न्यूनतम घातें 2 × 3 = 6।
इनमें अपरिमेय कौन है?
- √16
- 0.25
- 3/4
- √7
उत्तर देखें
उत्तर: (d) √7. 7 अभाज्य है, इसलिए √7 अपरिमेय है।
यदि HCF(26, 91) = 13 हो, तो LCM(26, 91) है
- 182
- 91
- 2366
- 364
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 182. LCM = 26 × 91 / 13 = 182।
6, 72 और 120 का LCM है
- 720
- 360
- 1440
- 240
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 360. LCM = 2³ × 3² × 5 = 360।
शून्येतर परिमेय और अपरिमेय संख्या का गुणनफल होता है
- सदैव अपरिमेय
- सदैव परिमेय
- पूर्णांक
- शून्य
उत्तर देखें
उत्तर: (a) सदैव अपरिमेय. शून्येतर परिमेय × अपरिमेय = अपरिमेय।
1 से 10 तक सभी से विभाज्य सबसे छोटी संख्या है
- 1260
- 5040
- 2520
- 10!
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 2520. LCM(1..10) = 2³ × 3² × 5 × 7 = 2520।
6ⁿ का अंतिम अंक 0 होता है
- n = 10 पर
- n = 5 पर
- हर सम n पर
- किसी भी प्राकृत n के लिए नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (d) किसी भी प्राकृत n के लिए नहीं. 6ⁿ = 2ⁿ × 3ⁿ में अभाज्य गुणनखंड 5 नहीं है, इसलिए अंत में कभी 0 नहीं आता।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।