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छन्द और अलंकार की आधारभूत समझ
Sanskrit — Subject Knowledge (130 marks) · छन्द और अलंकार की आधारभूत समझ
Useful for: OSSC RHT — Regular High School Teacher
Overview
संस्कृत छन्द अक्षरों और गुरु-लघु के नियत क्रम पर आधारित होते हैं; अलंकार काव्य को सुंदर बनाते हैं।
Key points
- अनुष्टुप् छन्द में प्रत्येक पाद में 8 अक्षर होते हैं (कुल 32)।
- इन्द्रवज्रा: प्रत्येक पाद में 11 अक्षर।
- वसन्ततिलका: 14 अक्षर; मन्दाक्रान्ता: 17 अक्षर (मेघदूतम् इसी छन्द में है)।
- शार्दूलविक्रीडितम्: 19 अक्षर।
- गण आठ हैं (यगण, मगण, तगण, रगण, जगण, भगण, नगण, सगण)।
- अलंकार: अनुप्रास, यमक, उपमा, रूपक।
Explanation
- गुरु-लघु की पहचान छन्द-ज्ञान का आधार है।
- रामायण और महाभारत में अनुष्टुप् प्रमुख है।
- श्लोक-पाठ से लय समझ आती है।
- उपमा में उपमेय, उपमान, साधारण धर्म और वाचक शब्द होते हैं।
- उदाहरणों से अभ्यास कराएँ।
Step by step
- प्रश्न में पूछे गए नियम, भेद या रचना को पहचानें।
- उदाहरण का विश्लेषण करें।
- विकल्पों को नियम से मिलाकर सही उत्तर चुनें।
Examples
- मेघदूतम् का छन्द → मन्दाक्रान्ता।
- आठ अक्षर प्रति पाद → अनुष्टुप्।
- 19 अक्षर प्रति पाद → शार्दूलविक्रीडितम्।
Traps and advanced points
- Trap: अक्षर-संख्या उलटना।
- Trap: मात्रिक और वर्णिक छन्द में भ्रम।
- Trap: उपमा के अंग भूलना।
Quick revision
- अनुष्टुप् 8; इन्द्रवज्रा 11।
- मन्दाक्रान्ता 17; शार्दूलविक्रीडित 19।
- आठ गण।
Practice MCQs
अनुष्टुप् छन्द के प्रत्येक चरण में कितने अक्षर होते हैं?
- चौदह
- ग्यारह
- आठ
- सत्रह
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Answer: (c) आठ. चार चरणों में कुल 32 अक्षर।
'मेघदूतम्' में मुख्यतः कौन-सा छन्द प्रयुक्त है?
- वसन्ततिलका
- अनुष्टुप्
- इन्द्रवज्रा
- मन्दाक्रान्ता
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Answer: (d) मन्दाक्रान्ता. इसके प्रत्येक चरण में 17 अक्षर होते हैं।
वसन्ततिलका छन्द के प्रत्येक चरण में कितने अक्षर होते हैं?
- चौदह
- ग्यारह
- आठ
- उन्नीस
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Answer: (a) चौदह. शार्दूलविक्रीडित में 19 अक्षर होते हैं।
उपमेय और उपमान की समानता बताने वाला अलंकार है
- श्लेष
- रूपक
- यमक
- उपमा
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Answer: (d) उपमा. 'मुखं चन्द्र इव सुन्दरम्'।
उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप करने वाला अलंकार है
- रूपक
- उपमा
- अनुप्रास
- उत्प्रेक्षा
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Answer: (a) रूपक. 'मुखचन्द्रः' में मुख को ही चन्द्र कहा गया।
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