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काव्य, नाटक और गद्य परम्परा
Sanskrit — Subject Knowledge (130 marks) · काव्य, नाटक और गद्य परम्परा
Useful for: OSSC RHT — Regular High School Teacher
Overview
संस्कृत में महाकाव्य, नाटक और गद्य की समृद्ध परम्परा है; बृहत्त्रयी और लघुत्रयी प्रसिद्ध महाकाव्य-समूह हैं।
Key points
- बृहत्त्रयी: किरातार्जुनीयम् (भारवि), शिशुपालवधम् (माघ), नैषधीयचरितम् (श्रीहर्ष)।
- लघुत्रयी: रघुवंशम्, कुमारसम्भवम्, मेघदूतम् (कालिदास)।
- प्रसिद्ध नाटक: अभिज्ञानशाकुन्तलम् (कालिदास), मृच्छकटिकम् (शूद्रक), मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त)।
- गद्य-काव्य: दशकुमारचरितम् (दण्डी), कादम्बरी (बाणभट्ट)।
- चम्पू काव्य में गद्य और पद्य दोनों होते हैं।
- "उपमा कालिदासस्य" — कालिदास उपमा के लिए प्रसिद्ध हैं।
Explanation
- "भारवेरर्थगौरवम्" — भारवि अर्थ-गौरव के लिए प्रसिद्ध हैं।
- नाटक में प्रस्तावना, अंक और भरतवाक्य होते हैं।
- मुद्राराक्षसम् राजनीतिक नाटक है।
- संस्कृत नाटकों में प्रायः दुखांत नहीं होता।
- साहित्य-अध्ययन में रस-बोध महत्त्वपूर्ण है।
Step by step
- प्रश्न में पूछे गए नियम, भेद या रचना को पहचानें।
- उदाहरण का विश्लेषण करें।
- विकल्पों को नियम से मिलाकर सही उत्तर चुनें।
Examples
- "किरातार्जुनीयम्" → भारवि (बृहत्त्रयी)।
- "मृच्छकटिकम्" → शूद्रक।
- गद्य-पद्य मिश्रित काव्य → चम्पू।
Traps and advanced points
- Trap: बृहत्त्रयी और लघुत्रयी उलटना।
- Trap: नाटक-रचनाकार गलत।
- Trap: चम्पू को केवल गद्य मानना।
Quick revision
- बृहत्त्रयी: भारवि, माघ, श्रीहर्ष।
- लघुत्रयी: कालिदास।
- चम्पू = गद्य + पद्य।
Practice MCQs
'कादम्बरी' गद्यकाव्य के रचयिता हैं
- सुबन्धु
- दण्डी
- बाणभट्ट
- कालिदास
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Answer: (c) बाणभट्ट. बाण ने 'हर्षचरितम्' भी लिखा।
'मृच्छकटिकम्' नाटक के रचयिता हैं
- हर्ष
- भास
- विशाखदत्त
- शूद्रक
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Answer: (d) शूद्रक. यह दस अंकों का प्रकरण है।
'स्वप्नवासवदत्तम्' नाटक के रचयिता हैं
- भवभूति
- कालिदास
- भास
- श्रीहर्ष
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Answer: (c) भास. भास के तेरह नाटक मिले हैं।
'उत्तररामचरितम्' के रचयिता हैं
- माघ
- कालिदास
- भारवि
- भवभूति
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Answer: (d) भवभूति. इसे करुण रस प्रधान नाटक माना जाता है।
'किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य के रचयिता हैं
- माघ
- भारवि
- श्रीहर्ष
- कालिदास
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Answer: (b) भारवि. यह बृहत्त्रयी में शामिल है।
'दशकुमारचरितम्' के रचयिता हैं
- सुबन्धु
- बाणभट्ट
- दण्डी
- विष्णुशर्मा
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Answer: (c) दण्डी. यह गद्यकाव्य है।
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