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हिंदी साहित्य का काल-विभाजन
Hindi — Subject Knowledge (130 marks) · हिंदी साहित्य का काल-विभाजन
Useful for: OSSC RHT — Regular High School Teacher
Overview
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य के इतिहास को आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल में बाँटा।
Key points
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने "हिंदी साहित्य का इतिहास" लिखा और काल-विभाजन दिया।
- आदिकाल को वीरगाथा काल भी कहा गया (रासो ग्रंथ)।
- भक्तिकाल को स्वर्ण युग कहा जाता है: निर्गुण ज्ञानाश्रयी (कबीर), निर्गुण प्रेमाश्रयी (जायसी), सगुण रामभक्ति (तुलसी), सगुण कृष्णभक्ति (सूर)।
- रीतिकाल के प्रमुख कवि: बिहारी, केशवदास, देव।
- आधुनिक काल में भारतेंदु युग, द्विवेदी युग और छायावाद आते हैं।
- छायावाद के चार स्तंभ: जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला", महादेवी वर्मा।
Explanation
- भारतेंदु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य का जनक माना जाता है।
- द्विवेदी युग का नाम महावीर प्रसाद द्विवेदी पर है।
- प्रगतिवाद, प्रयोगवाद और नई कविता बाद की धाराएँ हैं।
- जायसी की "पद्मावत" प्रेमाश्रयी शाखा की रचना है।
- काल-क्रम से रचनाकार याद करें।
Step by step
- प्रश्न में पूछे गए नियम, भेद या रचना को पहचानें।
- उदाहरण का विश्लेषण करें।
- विकल्पों को नियम से मिलाकर सही उत्तर चुनें।
Examples
- "पद्मावत" → जायसी, प्रेमाश्रयी शाखा।
- "बिहारी सतसई" → रीतिकाल।
- छायावाद के स्तंभ → प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी।
Traps and advanced points
- Trap: कबीर को सगुण मानना।
- Trap: छायावाद के कवियों में भ्रम।
- Trap: काल-क्रम उलटना।
Quick revision
- शुक्ल का काल-विभाजन।
- भक्तिकाल की चार शाखाएँ।
- छायावाद के चार स्तंभ।
Practice MCQs
हिंदी साहित्य का प्रसिद्ध काल-विभाजन किसने किया?
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल
- हजारीप्रसाद द्विवेदी
- जॉर्ज ग्रियर्सन
- महावीरप्रसाद द्विवेदी
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Answer: (a) आचार्य रामचंद्र शुक्ल. उनका 'हिंदी साहित्य का इतिहास' 1929 में प्रकाशित हुआ।
भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का कहा जाता है
- वीरगाथा काल
- अंधकार युग
- स्वर्ण युग
- आधुनिक युग
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Answer: (c) स्वर्ण युग. कबीर, सूर, तुलसी और जायसी इसी काल के हैं।
'पृथ्वीराज रासो' के रचयिता हैं
- कबीर
- तुलसीदास
- बिहारी
- चंदबरदाई
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Answer: (d) चंदबरदाई. यह आदिकाल की रचना है।
'रामचरितमानस' के रचयिता हैं
- केशवदास
- सूरदास
- तुलसीदास
- मीराबाई
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Answer: (c) तुलसीदास. यह सगुण रामभक्ति शाखा की रचना है।
कबीर किस काव्यधारा के कवि हैं?
- छायावाद
- सगुण कृष्णभक्ति
- रीतिबद्ध
- निर्गुण ज्ञानाश्रयी
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Answer: (d) निर्गुण ज्ञानाश्रयी. वे संत काव्य के प्रमुख कवि हैं।
'पद्मावत' के रचयिता मलिक मुहम्मद जायसी किस शाखा के कवि हैं?
- रीतिमुक्त
- सगुण रामभक्ति
- निर्गुण प्रेमाश्रयी (सूफ़ी)
- प्रगतिवाद
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Answer: (c) निर्गुण प्रेमाश्रयी (सूफ़ी). सूफ़ी कवियों ने प्रेम-कथाएँ लिखीं।
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