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भारत में औपनिवेशिक काल – कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 4। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
यूरोपीय व्यापारी मसालों और वस्त्रों के लिए भारत आए। 1600 में स्थापित अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी प्लासी (1757) और बक्सर (1764) के युद्धों के बाद धीरे-धीरे शासक शक्ति बन गई। औपनिवेशिक शासन ने भारत की अर्थव्यवस्था, भू-राजस्व, उद्योगों और समाज को बदला और 1857 के विद्रोह सहित बढ़ते प्रतिरोध को जन्म दिया।
व्यापारियों से शासक तक
- वास्को-डि-गामा 1498 में कालीकट पहुँचा; पुर्तगालियों, डचों, अंग्रेज़ों और फ़्रांसीसियों ने व्यापारिक केंद्र बनाए।
- अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी (1757) और बक्सर (1764) के युद्ध जीते और 1765 में बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी (राजस्व वसूली का अधिकार) पाई।
- सहायक संधि (वेलेज़ली) और व्यपगत का सिद्धांत (डलहौज़ी) जैसी नीतियों ने ब्रिटिश नियंत्रण बढ़ाया।
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- स्थायी बंदोबस्त (1793) ने ज़मींदारों के साथ भू-राजस्व तय किया; ऊँची राजस्व माँग ने किसानों पर बोझ डाला।
- सस्ते ब्रिटिश मशीनी माल ने भारतीय हस्तशिल्प और बुनकरों को बर्बाद किया (वि-औद्योगीकरण)।
- दादाभाई नौरोजी ने भारत से ब्रिटेन की ओर 'धन के निष्कासन' का वर्णन किया; अकालों ने भारी कष्ट दिया।
प्रतिरोध और बदलाव
- किसानों, आदिवासियों और सैनिकों के विद्रोह हुए, जैसे ओडिशा का पाइक विद्रोह (1817) और संथाल हूल (1855)।
- 1857 का विद्रोह मेरठ से शुरू होकर दूर तक फैला; इसके बाद 1858 में ब्रिटिश ताज ने सीधा नियंत्रण ले लिया।
- रेलवे (1853 से), टेलीग्राफ़ और आधुनिक शिक्षा मुख्यतः औपनिवेशिक हितों हेतु लाए गए, पर बाद में भारतीयों को एकजुट करने में भी सहायक हुए।
मुख्य शब्द
- उपनिवेशवाद
- एक देश का दूसरे देश की भूमि, लोगों और संसाधनों पर नियंत्रण
- दीवानी
- भू-राजस्व वसूलने का अधिकार
- व्यपगत का सिद्धांत
- वह नीति जिसके तहत शासक के प्राकृतिक उत्तराधिकारी के बिना मरने पर राज्य हड़प लिया जाता था
- धन का निष्कासन
- पर्याप्त प्रतिफल के बिना भारत से ब्रिटेन की ओर धन का प्रवाह
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
दीवानी क्या थी, और यह क्यों महत्वपूर्ण थी?2 अंक
दीवानी भू-राजस्व वसूलने का अधिकार था। 1765 में बक्सर के युद्ध के बाद अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी मिली। इससे कंपनी को अपने व्यापार और सेना हेतु विशाल संसाधन मिले, और वह व्यापारिक कंपनी से शासक शक्ति बन गई।
सहायक संधि और व्यपगत के सिद्धांत को समझाइए।3 अंक
लॉर्ड वेलेज़ली की सहायक संधि में भारतीय शासकों को अपने राज्य में ब्रिटिश सेना रखनी और उसका ख़र्च देना पड़ता था, और वे ब्रिटिश अनुमति के बिना गठबंधन नहीं कर सकते थे। लॉर्ड डलहौज़ी के व्यपगत सिद्धांत में यदि शासक प्राकृतिक पुरुष उत्तराधिकारी के बिना मरता, तो उसका राज्य कंपनी ले लेती। दोनों नीतियों ने ब्रिटिश नियंत्रण बढ़ाया।
वर्णन कीजिए कि ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की शासक कैसे बनी और भारत की अर्थव्यवस्था पर औपनिवेशिक शासन का प्रभाव समझाइए।5 अंक
1600 में स्थापित अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में व्यापारिक केंद्र बनाए। इसने 1757 में प्लासी में बंगाल के नवाब को और 1764 में बक्सर में मुग़ल सम्राट, अवध के नवाब और बंगाल के नवाब की संयुक्त सेना को हराया, और 1765 में बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी पाई। युद्धों, सहायक संधि और व्यपगत सिद्धांत से इसने भारत के अधिकांश भाग को अपने नियंत्रण में ले लिया। 1857 के विद्रोह के बाद 1858 में ब्रिटिश ताज ने सीधा शासन ले लिया। औपनिवेशिक शासन ने भारत की अर्थव्यवस्था बदली। स्थायी बंदोबस्त और अन्य व्यवस्थाओं ने भारी भू-राजस्व थोपा, जिससे किसान कर्ज़ में डूबे। ब्रिटेन के सस्ते मशीनी माल ने भारतीय बुनकरों और कारीगरों को बर्बाद किया, जिसे वि-औद्योगीकरण कहते हैं, जबकि भारत कपास और नील जैसे कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता बन गया। धन ब्रिटेन जाता रहा, जैसा दादाभाई नौरोजी ने अपने निष्कासन सिद्धांत में समझाया, और बार-बार के अकालों में लाखों लोग मरे। रेलवे और टेलीग्राफ़ मुख्यतः ब्रिटिश व्यापार और प्रशासन हेतु बने। इन कष्टों से पाइक विद्रोह और संथाल हूल जैसे विद्रोह, और बाद में राष्ट्रीय आंदोलन हुआ।
त्वरित पुनरावृत्ति
- प्लासी 1757; बक्सर 1764; दीवानी 1765।
- सहायक संधि और व्यपगत सिद्धांत से शासन फैला।
- वि-औद्योगीकरण और धन का निष्कासन।
- पाइक विद्रोह 1817; 1857 का विद्रोह; 1858 में ताज का शासन।
परीक्षा सुझाव
- तिथियाँ क्रम से याद करें: 1498, 1600, 1757, 1764, 1765, 1793, 1817, 1853, 1857, 1858।
- प्रभाव वाले प्रश्नों में भू-राजस्व, शिल्प, अकाल और धन का निष्कासन शामिल करें।
अभ्यास MCQ
अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई
- 1498
- 1600
- 1757
- 1857
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 1600. यह एशिया में व्यापार हेतु आई।
प्लासी का युद्ध कब हुआ
- 1757
- 1764
- 1793
- 1857
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 1757. कंपनी ने सिराजुद्दौला को हराया।
1857 का विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ
- कलकत्ता
- प्लासी
- मेरठ
- मद्रास
उत्तर देखें
उत्तर: (c) मेरठ. सैनिक कंपनी के विरुद्ध उठ खड़े हुए।
व्यपगत का सिद्धांत किसने लागू किया
- वेलेज़ली
- कॉर्नवालिस
- डलहौज़ी
- क्लाइव
उत्तर देखें
उत्तर: (c) डलहौज़ी. प्राकृतिक उत्तराधिकारी न होने पर राज्य हड़पे गए।
1793 का स्थायी बंदोबस्त किसके साथ किया गया
- ज़मींदारों
- सीधे किसानों
- ग्राम पंचायतों
- व्यापारियों
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ज़मींदारों. राजस्व स्थायी रूप से तय किया गया।
1817 का पाइक विद्रोह कहाँ हुआ
- बंगाल
- ओडिशा
- पंजाब
- महाराष्ट्र
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ओडिशा. इसका नेतृत्व बख़्शी जगबंधु ने किया।
'धन का निष्कासन' सिद्धांत किसने दिया
- राजा राममोहन राय
- रॉबर्ट क्लाइव
- लॉर्ड कर्ज़न
- दादाभाई नौरोजी
उत्तर देखें
उत्तर: (d) दादाभाई नौरोजी. उन्होंने दिखाया कि धन ब्रिटेन कैसे जाता था।
औपनिवेशिक शासन में भारतीय हस्तशिल्प का पतन क्यों हुआ
- भारतीयों ने कपड़ा ख़रीदना छोड़ा
- अंग्रेज़ों ने सारा व्यापार बंद किया
- बुनकर विदेश चले गए
- सस्ते ब्रिटिश मशीनी माल से बाज़ार भर गए जबकि भारतीय निर्यात पर ऊँचे शुल्क लगे
उत्तर देखें
उत्तर: (d) सस्ते ब्रिटिश मशीनी माल से बाज़ार भर गए जबकि भारतीय निर्यात पर ऊँचे शुल्क लगे. इसे वि-औद्योगीकरण कहते हैं।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।