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प्राकृतिक संसाधन और उनका उपयोग – कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ

NCERT कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 1। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।

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अध्याय का सार

प्राकृतिक संसाधन वे पदार्थ और ऊर्जा हैं जो प्रकृति देती है, जैसे भूमि, जल, मिट्टी, वन, खनिज और सूर्य का प्रकाश। कुछ नवीकरणीय हैं और कुछ समाप्य। इनका विवेकपूर्ण और न्यायसंगत उपयोग, जिसे सतत उपयोग कहते हैं, ज़रूरी है ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियाँ अपनी आवश्यकताएँ पूरी कर सकें।

प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार

  • नवीकरणीय संसाधन प्राकृतिक रूप से फिर बनते हैं, जैसे सूर्य का प्रकाश, पवन, जल और वन (सावधानी से उपयोग करने पर)।
  • अनवीकरणीय या समाप्य संसाधन, जैसे कोयला, पेट्रोलियम और खनिज, बनने में लाखों वर्ष लेते हैं।
  • संसाधन असमान रूप से बँटे हैं: जैसे झारखंड और ओडिशा खनिजों में समृद्ध हैं, जबकि राजस्थान में पानी कम है।

उपयोग और अति उपयोग

  • भूमि खेती, वन, बस्तियों और उद्योग में प्रयुक्त होती है; अति उपयोग से मृदा अपरदन और निम्नीकरण होता है।
  • भूजल का अति उपयोग, वनोन्मूलन और प्रदूषण संसाधनों के लिए ख़तरा हैं।
  • पवित्र उपवन, जोहड़ और सामुदायिक वन प्रबंधन जैसी पारंपरिक प्रथाएँ संरक्षण में सहायक हैं।

सतत उपयोग

  • कम करें, पुनः उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें; सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा अपनाएँ।
  • वर्षा जल संग्रहण और कुशल सिंचाई से जल बचाएँ।
  • संसाधन न्यायपूर्वक बाँटें ताकि ग़रीब और भावी पीढ़ियाँ वंचित न हों।

मुख्य शब्द

प्राकृतिक संसाधन
प्रकृति द्वारा दिया गया पदार्थ या ऊर्जा स्रोत जिसका लोग उपयोग करते हैं
नवीकरणीय संसाधन
ऐसा संसाधन जो प्राकृतिक रूप से फिर बनता है, जैसे सूर्य का प्रकाश या पवन
अनवीकरणीय संसाधन
ऐसा संसाधन जो उपयोग के बाद जल्दी नहीं बदला जा सकता, जैसे कोयला
सतत उपयोग
संसाधनों का ऐसा उपयोग जो भावी पीढ़ियों को हानि पहुँचाए बिना वर्तमान आवश्यकताएँ पूरी करे

उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न

नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर बताइए।2 अंक

सूर्य का प्रकाश, पवन, जल और वन जैसे नवीकरणीय संसाधन प्राकृतिक रूप से फिर बनते हैं और अच्छे प्रबंधन से दोबारा उपयोग हो सकते हैं। कोयला, पेट्रोलियम और खनिज जैसे अनवीकरणीय संसाधन बनने में लाखों वर्ष लेते हैं और उपयोग से समाप्त हो जाते हैं।

संसाधनों का वितरण असमान क्यों है? उदाहरण दीजिए।3 अंक

संसाधन भूविज्ञान, जलवायु और उच्चावच पर निर्भर करते हैं, जो जगह-जगह अलग हैं। उदाहरण के लिए, प्राचीन चट्टानों के कारण झारखंड और ओडिशा कोयले और लौह अयस्क में समृद्ध हैं, पश्चिमी घाट और उत्तर-पूर्व में भारी वर्षा होती है, और पश्चिमी राजस्थान शुष्क है और वहाँ जल कम है।

प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग की आवश्यकता समझाइए और इसे पाने के उपाय सुझाइए।5 अंक

अनेक संसाधन सीमित हैं या धीरे-धीरे नवीकृत होते हैं, और बढ़ती जनसंख्या व अर्थव्यवस्था उनका तेज़ी से उपयोग कर रही हैं। भूजल के अति उपयोग से जल स्तर गिरता है, वनोन्मूलन आवास नष्ट करता और मृदा अपरदन लाता है, खनन भूमि का निम्नीकरण करता है, और जीवाश्म ईंधन जलाने से वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन होता है। संसाधन समाप्त या नष्ट होने पर भावी पीढ़ियाँ कष्ट पाएँगी, और प्रायः ग़रीब सबसे पहले प्रभावित होते हैं। सतत उपयोग का अर्थ है भावी पीढ़ियों की क्षमता को हानि पहुँचाए बिना वर्तमान की आवश्यकताएँ पूरी करना। इसके उपायों में सामग्री को कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण; सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा अपनाना; वर्षा जल संग्रहण और ड्रिप जैसी कुशल सिंचाई; वनीकरण और सामुदायिक वन प्रबंधन; प्रदूषण नियंत्रण; और पवित्र उपवन व जोहड़ जैसी पारंपरिक प्रथाओं का पालन शामिल हैं। संसाधनों का न्यायपूर्ण बँटवारा भी धारणीयता का भाग है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • नवीकरणीय बनाम अनवीकरणीय संसाधन।
  • संसाधन असमान रूप से बँटे हैं।
  • अति उपयोग से निम्नीकरण और कमी होती है।
  • सतत उपयोग भावी पीढ़ियों की रक्षा करता है।

परीक्षा सुझाव

  • हर संसाधन के लिए एक उपयोग, एक ख़तरा और एक संरक्षण उपाय लिखें।
  • तीन R याद रखें: कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें।

अभ्यास MCQ

  1. इनमें से नवीकरणीय संसाधन कौन-सा है

    1. कोयला
    2. पेट्रोलियम
    3. लौह अयस्क
    4. सौर ऊर्जा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) सौर ऊर्जा. सूर्य का प्रकाश हर दिन मिलता है।

  2. कोयला और पेट्रोलियम हैं

    1. नवीकरणीय संसाधन
    2. अनवीकरणीय संसाधन
    3. मानव-निर्मित संसाधन
    4. जैव संसाधन
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) अनवीकरणीय संसाधन. ये बनने में लाखों वर्ष लेते हैं।

  3. बाद में उपयोग हेतु वर्षा जल इकट्ठा करना कहलाता है

    1. वनोन्मूलन
    2. चराई
    3. खनन
    4. वर्षा जल संग्रहण
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) वर्षा जल संग्रहण. इससे जल संरक्षण होता है।

  4. कौन-सा राज्य खनिज संसाधनों में समृद्ध है

    1. ओडिशा
    2. राजस्थान
    3. केवल गोवा
    4. पंजाब
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) ओडिशा. ओडिशा में लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला आदि हैं।

  5. संरक्षण के तीन R हैं

    1. कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें
    2. पढ़ें, लिखें, दोहराएँ
    3. वर्षा, नदी, जलाशय
    4. आराम, दौड़, विश्राम
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें. ये अपशिष्ट घटाते हैं।

  6. भूजल के अति उपयोग से मुख्यतः क्या होता है

    1. जल स्तर गिरता है
    2. जल स्तर बढ़ता है
    3. अधिक वर्षा होती है
    4. अधिक वन बनते हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) जल स्तर गिरता है. पुनर्भरण से अधिक तेज़ी से जल निकाला जाता है।

  7. संसाधनों का सतत उपयोग क्यों होना चाहिए

    1. वे असीमित हैं
    2. सारा विकास रोकने हेतु
    3. प्रदूषण बढ़ाने हेतु
    4. ताकि भावी पीढ़ियाँ भी अपनी आवश्यकताएँ पूरी कर सकें
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) ताकि भावी पीढ़ियाँ भी अपनी आवश्यकताएँ पूरी कर सकें. कई संसाधन सीमित हैं।

  8. कौन-सी पारंपरिक प्रथा वन संरक्षण में सहायक है

    1. खनन हेतु वन साफ़ करना
    2. समुदायों द्वारा संरक्षित पवित्र उपवन
    3. हर वर्ष घास के मैदान जलाना
    4. सारी लकड़ी बेचना
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) समुदायों द्वारा संरक्षित पवित्र उपवन. समुदाय धार्मिक कारणों से इनकी रक्षा करते हैं।

सभी अध्याय: कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान

यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।