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वैद्युतचुंबकीय प्रेरण – कक्षा 12 भौतिकी नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 भौतिकी, अध्याय 6। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
परिपथ से बदलता चुंबकीय फ़्लक्स emf प्रेरित करता है (फ़ैराडे नियम), जो परिवर्तन का विरोध करता है (लेंज़ नियम)। यही जनित्र और ट्रांसफ़ॉर्मर का आधार है।
प्रेरण के नियम
- चुंबकीय फ़्लक्स Φ = BA cos θ (वेबर)।
- फ़ैराडे: e = −dΦ/dt (N फेरों हेतु e = −N dΦ/dt)।
- लेंज़ नियम: प्रेरित धारा अपने कारण के परिवर्तन का विरोध करती है (ऊर्जा संरक्षण)।
- गतिक emf e = Bvl।
प्रेरकत्व
- स्वप्रेरकत्व: e = −L dI/dt; परिनालिका L = µ₀n²Al।
- दो कुंडलियों के बीच अन्योन्य प्रेरकत्व M।
- प्रेरक में संचित ऊर्जा U = ½LI²; भँवर धाराएँ ऊष्मा बनाती हैं (इंडक्शन चूल्हा, ब्रेक)।
मुख्य शब्द
- चुंबकीय फ़्लक्स
- Φ = BA cos θ
- स्वप्रेरकत्व
- कुंडली का वह गुण जो अपनी धारा के परिवर्तन का विरोध करे
- भँवर धाराएँ
- बदलते चुंबकीय फ़्लक्स में स्थूल चालकों में प्रेरित धाराएँ; ब्रेकिंग और प्रेरण भट्टी में उपयोग
सूत्र
- e = −N dΦ/dt
- e = Bvl
- U = ½LI²
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
लेंज़ का नियम लिखिए और दिखाइए कि यह ऊर्जा संरक्षण के अनुरूप है।2 अंक
प्रेरित धारा ऐसी दिशा में बहती है कि वह अपने कारण, फ़्लक्स परिवर्तन, का विरोध करे। चुंबक को कुंडली की ओर धकेलने पर प्रेरित धारा कुंडली के निकट फलक को समान ध्रुव बनाती है जो चुंबक को प्रतिकर्षित करता है, अतः कार्य करना पड़ता है; यही कार्य विद्युत ऊर्जा बनता है। यदि आकर्षित करती तो ऊर्जा शून्य से बनती।
लंबी परिनालिका का स्वप्रेरकत्व व्युत्पन्न कीजिए।3 अंक
अंदर B = µ₀nI, प्रति फेरा फ़्लक्स = BA, कुल फ़्लक्स बंधन NΦ = (nl)(µ₀nI)A = µ₀n²AlI। L = NΦ/I = µ₀n²Al (या µ₀N²A/l)।
AC जनित्र की कार्यविधि समझाइए और प्रेरित विद्युत वाहक बल का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। 0.2 T क्षेत्र में 50 चक्कर/s से घूमती 100 फेरों, 0.1 m² क्षेत्रफल वाली कुंडली का शिखर विद्युत वाहक बल ज्ञात कीजिए।5 अंक
कुंडली एकसमान क्षेत्र B में कोणीय चाल ω से घूमती है; फ़्लक्स Φ = NBA cos ωt बदलता है। फ़ैराडे नियम से e = −dΦ/dt = NBAω sin ωt = e₀ sin ωt, जहाँ e₀ = NBAω। सर्पी वलय और ब्रश यह प्रत्यावर्ती विद्युत वाहक बल बाहर लाते हैं। यहाँ ω = 2π × 50 = 100π rad/s, e₀ = 100 × 0.2 × 0.1 × 100π = 200π ≈ 628 V।
त्वरित पुनरावृत्ति
- बदलता फ़्लक्स emf प्रेरित करता है।
- प्रेरित धारा परिवर्तन का विरोध करती है।
- प्रेरकत्व का मात्रक हेनरी।
परीक्षा सुझाव
- लेंज़ नियम दिशा, फ़ैराडे नियम परिमाण बताता है।
- B के लंबवत v चाल से चलती l लंबाई की छड़ का गतिक विद्युत वाहक बल Blv है।
अभ्यास MCQ
चुंबकीय फ़्लक्स का SI मात्रक है
- टेस्ला
- फ़ैरड
- हेनरी
- वेबर
उत्तर देखें
उत्तर: (d) वेबर. वेबर।
लेंज़ नियम किसके संरक्षण से निकलता है?
- आवेश
- ऊर्जा
- द्रव्यमान
- संवेग
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ऊर्जा. ऊर्जा।
0.5 m की छड़ 0.2 T क्षेत्र के लंबवत 4 m/s से चलती है। प्रेरित emf है
- 4 V
- 0.4 V
- 0.1 V
- 2 V
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 0.4 V. Bvl = 0.2 × 4 × 0.5।
3 A धारा वाले 2 H प्रेरक में संचित ऊर्जा है
- 6 J
- 3 J
- 18 J
- 9 J
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 9 J. ½ × 2 × 9।
100 फेरों की कुंडली में प्रति फेरा फ़्लक्स 0.1 s में 0.05 Wb से 0.01 Wb होता है। प्रेरित विद्युत वाहक बल है
- 4 V
- 400 V
- 0.4 V
- 40 V
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 40 V. 100 × 0.04/0.1।
100 फेरों की कुंडली से फ़्लक्स 0.1 s में 0.05 Wb से 0.01 Wb होता है। औसत emf है
- 4 V
- 400 V
- 0.4 V
- 40 V
उत्तर देखें
उत्तर: (d) 40 V. 100 × 0.04/0.1।
ट्रांसफ़ॉर्मर क्रोड में भँवर धाराएँ घटाई जाती हैं
- क्रोड को पटलित कर
- ठोस क्रोड से
- धारा बढ़ाकर
- ताँबा लगाकर
उत्तर देखें
उत्तर: (a) क्रोड को पटलित कर. पटल धारा पथ तोड़ते हैं।
दो कुंडलियों का अन्योन्य प्रेरकत्व 2 H है। एक में धारा 0.5 s में 0 से 5 A होती है। दूसरी में विद्युत वाहक बल है
- 5 V
- 20 V
- 10 V
- 2.5 V
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 20 V. M dI/dt = 2 × 10।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।