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खुली अर्थव्यवस्था – समष्टि अर्थशास्त्र – कक्षा 12 अर्थशास्त्र नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ

NCERT कक्षा 12 अर्थशास्त्र, अध्याय 10। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।

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अध्याय का सार

खुली अर्थव्यवस्था अन्य देशों से वस्तुओं, सेवाओं और वित्तीय परिसंपत्तियों का व्यापार करती है। ये लेन-देन भुगतान संतुलन में दर्ज होते हैं, जिसमें चालू खाता और पूँजी खाता होता है। एक मुद्रा की दूसरी मुद्रा में क़ीमत विनिमय दर है, जो स्थिर, लचीली या प्रबंधित हो सकती है। विनिमय दर में परिवर्तन निर्यात, आयात और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।

भुगतान संतुलन

  • भुगतान संतुलन (BoP) किसी वर्ष में किसी देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच सभी आर्थिक लेन-देनों का अभिलेख है।
  • चालू खाता: वस्तुओं का व्यापार (दृश्य व्यापार), सेवाओं का व्यापार (अदृश्य), आय प्रवाह और प्रेषण जैसे अंतरण; व्यापार शेष = वस्तुओं का निर्यात − आयात।
  • पूँजी खाता: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, पोर्टफ़ोलियो निवेश, बाहरी उधार और विदेशी मुद्रा भंडार में परिवर्तन।
  • स्वायत्त लेन-देन अपने लिए किए जाते हैं; समायोजक लेन-देन (आधिकारिक भंडार परिवर्तन) BoP के अंतर को पूरा करते हैं।

विनिमय दर प्रणालियाँ

  • लचीली (तिरती) विनिमय दर: बाज़ार में विदेशी मुद्रा की माँग और पूर्ति से तय होती है।
  • स्थिर विनिमय दर: सरकार या केंद्रीय बैंक तय करता है; इसे बदलना अवमूल्यन या पुनर्मूल्यन कहलाता है।
  • प्रबंधित तिरती दर: बाज़ार-निर्धारित, पर तीव्र उतार-चढ़ाव घटाने हेतु केंद्रीय बैंक हस्तक्षेप करता है; भारत 1990 के दशक के आरंभ से यह प्रणाली अपना रहा है।

विनिमय दर परिवर्तनों के प्रभाव

  • रुपये का मूल्यह्रास (प्रति डॉलर अधिक रुपये) निर्यात सस्ता और आयात महँगा करता है, जिससे निर्यात बढ़ सकता है।
  • रुपये का मूल्यवृद्धि आयात सस्ता और निर्यात महँगा करती है।
  • विदेशी मुद्रा की माँग आयात, विदेश यात्रा और विदेश में निवेश से आती है; पूर्ति निर्यात, विदेशी पर्यटकों के व्यय, प्रेषण और विदेशी निवेश से आती है।

मुख्य शब्द

भुगतान संतुलन
किसी वर्ष में शेष विश्व के साथ किसी देश के सभी आर्थिक लेन-देनों का व्यवस्थित अभिलेख
चालू खाता
वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, आय और अंतरण दर्ज करने वाला BoP का भाग
पूँजी खाता
वित्तीय परिसंपत्तियों और देयताओं के लेन-देन दर्ज करने वाला BoP का भाग
विनिमय दर
एक मुद्रा की दूसरी मुद्रा में क़ीमत
मूल्यह्रास (मुद्रा)
लचीली विनिमय दर में घरेलू मुद्रा के मूल्य में गिरावट

उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न

भुगतान संतुलन के चालू खाते और पूँजी खाते में अंतर बताइए।2 अंक

चालू खाता वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, ब्याज और लाभांश जैसी आय, और प्रेषण जैसे अंतरण दर्ज करता है; ये दावे या देयताएँ नहीं बनाते। पूँजी खाता प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, पोर्टफ़ोलियो निवेश, बाहरी उधार और भंडार में परिवर्तन जैसी वित्तीय परिसंपत्तियों और देयताओं के लेन-देन दर्ज करता है।

अवमूल्यन और मूल्यह्रास में अंतर बताइए।3 अंक

अवमूल्यन स्थिर विनिमय दर प्रणाली में सरकार या केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा के मूल्य में जानबूझकर की गई कमी है। मूल्यह्रास लचीली विनिमय दर प्रणाली में माँग और पूर्ति की बाज़ार शक्तियों से मुद्रा के मूल्य में गिरावट है।

भुगतान संतुलन के घटक और विभिन्न विनिमय दर प्रणालियाँ समझाइए।5 अंक

भुगतान संतुलन किसी वर्ष में किसी देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच सभी आर्थिक लेन-देनों का व्यवस्थित अभिलेख है। इसके दो मुख्य खाते हैं। चालू खाता वस्तुओं का निर्यात और आयात, जिसे दृश्य व्यापार कहते हैं और जिनका अंतर व्यापार शेष है; IT, पर्यटन और परिवहन जैसी सेवाओं का निर्यात और आयात, जिन्हें अदृश्य कहते हैं; ब्याज, लाभ और लाभांश जैसी आय; और प्रेषण व उपहार जैसे अंतरण दर्ज करता है। पूँजी खाता देश की परिसंपत्तियों या देयताओं को बदलने वाले लेन-देन दर्ज करता है, जैसे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, पोर्टफ़ोलियो निवेश, बाहरी वाणिज्यिक उधार, ऋण और आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार में परिवर्तन। स्वायत्त लेन-देन लाभ या अन्य उद्देश्यों से किए जाते हैं, जबकि समायोजक लेन-देन, मुख्यतः भंडार में परिवर्तन, अधिशेष या घाटे को पूरा करने हेतु किए जाते हैं। विनिमय दर एक मुद्रा की दूसरी मुद्रा में क़ीमत है। लचीली विनिमय दर में यह विदेशी मुद्रा की माँग और पूर्ति से तय होती है, और मुद्रा का मूल्यह्रास या मूल्यवृद्धि हो सकती है। स्थिर विनिमय दर में सरकार दर तय करती है और उसका अवमूल्यन या पुनर्मूल्यन कर सकती है। प्रबंधित तिरती दर में दर मोटे तौर पर बाज़ार-निर्धारित होती है, पर तीव्र उतार-चढ़ाव रोकने हेतु केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा ख़रीद या बेचकर हस्तक्षेप करता है; भारत 1990 के दशक के आरंभ से प्रबंधित तिरती दर अपना रहा है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • BoP: चालू खाता + पूँजी खाता।
  • व्यापार शेष = वस्तुओं का निर्यात − आयात।
  • लचीली, स्थिर, प्रबंधित तिरती विनिमय दरें।
  • मूल्यह्रास निर्यात बढ़ाता; मूल्यवृद्धि आयात बढ़ाती है।

परीक्षा सुझाव

  • दो स्तंभों का चार्ट बनाएँ: चालू खाते के मद बनाम पूँजी खाते के मद।
  • याद रखें: मूल्यह्रास और अवमूल्यन दोनों मुद्रा का मूल्य घटाते हैं; मूल्यह्रास बाज़ार-प्रेरित है, अवमूल्यन सरकारी निर्णय।

अभ्यास MCQ

  1. शेष विश्व के साथ किसी देश के लेन-देनों का अभिलेख है

    1. बजट
    2. राष्ट्रीय आय
    3. भुगतान संतुलन
    4. तलपट
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) भुगतान संतुलन. यह एक वर्ष का होता है।

  2. वस्तुओं का व्यापार कहलाता है

    1. अदृश्य व्यापार
    2. अंतरण
    3. पूँजीगत लेन-देन
    4. दृश्य व्यापार
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) दृश्य व्यापार. वस्तुएँ देखी और सीमा शुल्क पर दर्ज की जा सकती हैं।

  3. एक मुद्रा की दूसरी मुद्रा में क़ीमत है

    1. ब्याज दर
    2. कर दर
    3. रेपो दर
    4. विनिमय दर
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) विनिमय दर. उदाहरण: प्रति डॉलर रुपये।

  4. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किसमें दर्ज होता है

    1. चालू खाता
    2. बजट
    3. केवल व्यापार शेष
    4. पूँजी खाता
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) पूँजी खाता. यह वित्तीय परिसंपत्ति का लेन-देन है।

  5. विदेश में काम करने वाले भारतीयों द्वारा घर भेजे गए प्रेषण किसमें दर्ज होते हैं

    1. पूँजी खाता
    2. राजकोषीय घाटा
    3. केवल भंडार
    4. चालू खाता
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) चालू खाता. वे चालू अंतरण हैं।

  6. केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप सहित बाज़ार की माँग और पूर्ति से तय विनिमय दर है

    1. स्थिर
    2. प्रबंधित तिरती
    3. वस्तु विनिमय
    4. स्वर्ण मान
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) प्रबंधित तिरती. भारत यह प्रणाली अपनाता है।

  7. यदि डॉलर के मुक़ाबले रुपये का मूल्यह्रास हो, तो भारतीय निर्यात

    1. विदेशियों हेतु महँगे होते हैं
    2. विदेशियों हेतु सस्ते होते हैं
    3. प्रतिबंधित होते हैं
    4. अप्रभावित रहते हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) विदेशियों हेतु सस्ते होते हैं. विदेशियों को प्रति डॉलर अधिक रुपये मिलते हैं।

  8. भारत में विदेशी मुद्रा की पूर्ति कौन बढ़ाता है

    1. तेल का आयात
    2. भारत में विदेशी पर्यटकों का व्यय
    3. विदेश में पढ़ने वाले भारतीय
    4. विदेशी ऋणों की अदायगी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) भारत में विदेशी पर्यटकों का व्यय. पर्यटक विदेशी मुद्रा लाते हैं।

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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।