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मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव – कक्षा 12 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 12 जीव विज्ञान, अध्याय 8। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
सूक्ष्मजीव घरेलू खाद्यों, औद्योगिक उत्पादों, वाहित मल उपचार, बायोगैस, जैव नियंत्रण और जैव उर्वरकों में सहायक हैं।
भोजन और उद्योग
- लैक्टोबैसिलस दूध को दही बनाता है; सैकेरोमाइसीज़ सेरेविसी (बेकर यीस्ट) ब्रेड और ऐल्कोहॉल हेतु।
- पेनिसिलिन पेनिसिलियम नोटेटम से (फ़्लेमिंग); सिट्रिक अम्ल ऐस्पर्जिलस नाइगर से; स्ट्रेप्टोकाइनेज़ स्ट्रेप्टोकोकस से, थक्का हटाने वाला।
- साइक्लोस्पोरिन A (ट्राइकोडर्मा) प्रतिरक्षा-निरोधक; स्टैटिन (मोनास्कस) कोलेस्टेरॉल घटाते हैं।
पर्यावरण और कृषि
- वाहित मल उपचार: प्राथमिक (भौतिक) और द्वितीयक (वायवीय सूक्ष्मजीव ऊर्णक बनाते हैं; BOD घटता है)।
- बायोगैस (मुख्यतः मीथेन) पशु गोबर में मीथेनोबैक्टीरियम जैसे मेथैनोजन से।
- जैव नियंत्रण: बैसिलस थुरिंजिएंसिस (Bt), ट्राइकोडर्मा; जैव उर्वरक: राइज़ोबियम, ऐज़ोटोबैक्टर, सायनोबैक्टीरिया (ऐनाबीना, नॉस्टॉक), कवकमूल।
मुख्य शब्द
- BOD
- जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग, जल में कार्बनिक पदार्थ का माप
- जैव उर्वरक
- मृदा पोषक बढ़ाने वाला जीव
- मेथैनोजन
- मीथेन बनाने वाला जीवाणु
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
जैविक खेती में बैसिलस थुरिंजिएंसिस का उपयोग क्यों होता है?2 अंक
इसके बीजाणुओं में Bt विष होता है जो विशिष्ट कीट लार्वा (जैसे इल्लियाँ) को मारता है, अन्य कीटों, पौधों या मनुष्यों को हानि नहीं पहुँचाता, अतः यह रासायनिक पीड़कनाशियों का विकल्प है।
बायोगैस कैसे बनती है? इसके मुख्य घटक लिखिए।3 अंक
बायोगैस संयंत्र में गोबर डाला जाता है; मीथेनोबैक्टीरियम जैसे मेथैनोजन अवायवीय रूप से सेल्यूलोज़ तोड़कर बायोगैस बनाते हैं। इसमें मुख्यतः मीथेन, साथ में CO₂ और कुछ H₂S व हाइड्रोजन होते हैं; बचा घोल खाद के रूप में उपयोग होता है।
वाहित मल उपचार के चरणों का वर्णन कीजिए और समझाइए कि BOD प्रदूषण का स्तर कैसे दर्शाता है।5 अंक
प्राथमिक उपचार: छानकर तैरता कचरा और अवसादन से ग्रिट (मिट्टी, कंकड़) भौतिक रूप से हटाना, जिससे प्राथमिक आपंक और बहिःस्राव मिलते हैं। द्वितीयक (जैविक) उपचार: बहिःस्राव का वातन किया जाता है जिससे वायवीय सूक्ष्मजीव ऊर्णक के रूप में बढ़कर कार्बनिक पदार्थ खाते हैं और BOD बहुत घटता है। फिर बहिःस्राव निःसादन टंकी में जाता है जहाँ ऊर्णक बैठते हैं (सक्रियित आपंक); कुछ वातन टंकी में लौटता है और शेष का अवायवीय पाचन होकर बायोगैस बनती है। उपचारित जल नदियों में छोड़ा जाता है। एक लीटर जल के कार्बनिक पदार्थ को ऑक्सीकृत करने हेतु सूक्ष्मजीवों को आवश्यक ऑक्सीजन BOD है; BOD जितना अधिक, कार्बनिक प्रदूषण उतना अधिक।
त्वरित पुनरावृत्ति
- लैक्टोबैसिलस → दही।
- पेनिसिलिन → फ़्लेमिंग।
- बायोगैस मुख्यतः मीथेन।
परीक्षा सुझाव
- अधिक BOD अर्थात अधिक प्रदूषित जल।
- हर सूक्ष्मजीव को उत्पाद से जोड़ें: लैक्टोबैसिलस–दही; सैकेरोमाइसीज़–ब्रेड व ऐल्कोहॉल; ऐस्पर्जिलस नाइगर–सिट्रिक अम्ल; ऐसीटोबैक्टर ऐसिटाई–ऐसीटिक अम्ल; क्लॉस्ट्रिडियम ब्यूटाइलिकम–ब्यूटिरिक अम्ल; स्ट्रेप्टोकोकस–स्ट्रेप्टोकाइनेज़।
अभ्यास MCQ
दूध से दही बनाता है
- लैक्टोबैसिलस
- यीस्ट
- राइज़ोबियम
- पेनिसिलियम
उत्तर देखें
उत्तर: (a) लैक्टोबैसिलस. लैक्टिक अम्ल जीवाणु।
बायोगैस की मुख्य गैस है
- मीथेन
- CO₂
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
उत्तर देखें
उत्तर: (a) मीथेन. मीथेन।
पेनिसिलिन की खोज की
- पाश्चर ने
- फ़्लेमिंग ने
- कॉख ने
- जेनर ने
उत्तर देखें
उत्तर: (b) फ़्लेमिंग ने. अलेक्ज़ेंडर फ़्लेमिंग।
नाइट्रोजन स्थिर करने वाला जैव उर्वरक है
- ट्राइकोडर्मा
- सैकेरोमाइसीज़
- पेनिसिलियम
- राइज़ोबियम
उत्तर देखें
उत्तर: (d) राइज़ोबियम. मूल ग्रंथिकाएँ।
स्विस चीज़ में बड़े छेद किसके द्वारा CO₂ छोड़ने से बनते हैं
- प्रोपियोनीबैक्टीरियम शारमैनी
- लैक्टोबैसिलस
- पेनिसिलियम रॉकफ़ोर्टी
- यीस्ट
उत्तर देखें
उत्तर: (a) प्रोपियोनीबैक्टीरियम शारमैनी. स्विस चीज़ जीवाणु।
साइक्लोस्पोरिन A का उपयोग है
- प्रतिरक्षा-निरोधक
- प्रतिजैविक
- थक्का-रोधी
- कोलेस्टेरॉल घटाने में
उत्तर देखें
उत्तर: (a) प्रतिरक्षा-निरोधक. अंग प्रत्यारोपण।
जलाशय में अधिक BOD दर्शाता है
- स्वच्छ जल
- अधिक कार्बनिक प्रदूषण
- अधिक घुली ऑक्सीजन
- कम सूक्ष्मजीव
उत्तर देखें
उत्तर: (b) अधिक कार्बनिक प्रदूषण. अधिक ऑक्सीजन माँग।
द्वितीयक वाहित मल उपचार में कवक तंतुओं सहित जीवाणुओं के समूह कहलाते हैं
- ऊर्णक (फ़्लॉक)
- केवल आपंक
- बायोगैस
- बहिःस्राव
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ऊर्णक (फ़्लॉक). ऊर्णक BOD घटाते हैं।
सभी अध्याय: कक्षा 12 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।