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समाजशास्त्र में प्रयुक्त शब्दावली, संकल्पनाएँ एवं उनका उपयोग – कक्षा 11 समाजशास्त्र नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 समाजशास्त्र, अध्याय 2। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
समाजशास्त्र सामाजिक जीवन का सटीक वर्णन और विश्लेषण करने हेतु विशेष अवधारणाओं का प्रयोग करता है। महत्वपूर्ण अवधारणाओं में सामाजिक समूह (प्राथमिक और द्वितीयक), अंतःसमूह और बाह्य समूह, संदर्भ समूह, समवयस्क समूह, प्रस्थिति और भूमिका, सामाजिक स्तरीकरण और सामाजिक नियंत्रण शामिल हैं। ये शब्द समाजशास्त्रियों को अध्ययन करने में मदद करते हैं कि लोग एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं और समाज कैसे संगठित है।
सामाजिक समूह
- सामाजिक समूह उन लोगों का संग्रह है जो नियमित अंतःक्रिया करते, अपनेपन की भावना रखते और साझा लक्ष्य रखते हैं; भीड़ या कतार अर्ध-समूह है।
- प्राथमिक समूह (चार्ल्स कूले), जैसे परिवार और घनिष्ठ मित्र, छोटे, आमने-सामने और व्यक्तिगत होते हैं; द्वितीयक समूह, जैसे कार्यालय और संघ, बड़े, औपचारिक और लक्ष्य-उन्मुख होते हैं।
- अंतःसमूह 'हम' की भावना देते हैं; बाह्य समूह 'वे' हैं; संदर्भ समूह वे हैं जिनके मानकों से लोग स्वयं को आँकते हैं; समवयस्क समूह समान आयु या प्रस्थिति के होते हैं।
प्रस्थिति, भूमिका, स्तरीकरण और नियंत्रण
- प्रस्थिति समाज में एक स्थान है; प्रदत्त प्रस्थिति जन्म से मिलती, अर्जित प्रस्थिति कमाई जाती है; भूमिका प्रस्थिति से जुड़ा अपेक्षित व्यवहार है, और भूमिकाओं के टकराव पर भूमिका संघर्ष होता है।
- सामाजिक स्तरीकरण जाति, वर्ग, लिंग या एस्टेट के आधार पर समूहों का पदानुक्रम में क्रम है।
- सामाजिक नियंत्रण वे तरीक़े हैं जिनसे समाज व्यवहार नियमित करता है; औपचारिक नियंत्रण क़ानून, पुलिस और न्यायालयों का, जबकि अनौपचारिक नियंत्रण रीति-रिवाज, गपशप और उपहास का प्रयोग करता है।
मुख्य शब्द
- प्राथमिक समूह
- घनिष्ठ, आमने-सामने संबंधों वाला छोटा समूह
- द्वितीयक समूह
- बड़ा, औपचारिक और अवैयक्तिक समूह
- प्रदत्त प्रस्थिति
- जन्म से मिली प्रस्थिति, जैसे जाति या लिंग
- अर्जित प्रस्थिति
- प्रयास से कमाई गई प्रस्थिति, जैसे डॉक्टर या शिक्षक
- सामाजिक नियंत्रण
- वे तरीक़े जिनसे समाज व्यक्तिगत व्यवहार नियमित करता है
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रदत्त और अर्जित प्रस्थिति में अंतर कीजिए।2 अंक
प्रदत्त प्रस्थिति जन्म से मिली या बिना प्रयास दी गई सामाजिक स्थिति है, जैसे जाति, लिंग या आयु। अर्जित प्रस्थिति अपने प्रयास, क्षमता या चयन से कमाई गई स्थिति है, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर या खिलाड़ी होना।
प्राथमिक और द्वितीयक समूह क्या हैं?3 अंक
प्राथमिक समूह घनिष्ठ, आमने-सामने, दीर्घकालिक संबंधों वाले छोटे समूह हैं, जैसे परिवार और घनिष्ठ मित्र। द्वितीयक समूह विशिष्ट लक्ष्यों हेतु बने बड़े, औपचारिक और अवैयक्तिक समूह हैं, जैसे कार्यालय, राजनीतिक दल और क्लब।
सामाजिक स्तरीकरण और सामाजिक नियंत्रण की अवधारणाएँ समझाइए।5 अंक
सामाजिक स्तरीकरण वह व्यवस्था है जिसमें समाज लोगों की श्रेणियों को पदानुक्रम में क्रमबद्ध करता है, जिससे धन, शक्ति और प्रतिष्ठा तक उनकी पहुँच असमान होती है। यह केवल व्यक्तिगत अंतर नहीं, समाज की विशेषता है; यह पीढ़ियों तक बना रहता है; और इसे वैध दिखाने वाली मान्यताएँ इसका समर्थन करती हैं। प्रमुख रूपों में दासता, मध्यकालीन यूरोप के एस्टेट, भारत में जाति और आधुनिक औद्योगिक समाजों में वर्ग शामिल हैं; लिंग भी स्तरीकरण का आधार है। सामाजिक नियंत्रण वे विविध साधन हैं जिनसे समाज व्यवस्था बनाए रखने हेतु व्यक्तियों और समूहों का व्यवहार नियमित करता है। प्रकार्यवादी इसे स्थिरता हेतु आवश्यक मानते हैं, जबकि संघर्ष सिद्धांतकार इसे प्रभुत्वशाली समूहों का शक्ति बनाए रखने का तरीक़ा मानते हैं। औपचारिक सामाजिक नियंत्रण संहिताबद्ध नियमों और क़ानून, पुलिस, न्यायालय और राज्य जैसी आधिकारिक एजेंसियों से, निर्धारित दंडों के साथ होता है। अनौपचारिक सामाजिक नियंत्रण रीति-रिवाज, परंपराएँ, धर्म, प्रशंसा, गपशप, उपहास और परिवार, पड़ोसियों व समवयस्क समूहों के सामाजिक दबाव जैसे व्यक्तिगत, अनाधिकारिक साधनों से काम करता है। दोनों प्रकार के नियंत्रण व्यवहार को आकार देते हैं, और छोटे, घनिष्ठ समुदायों में अनौपचारिक नियंत्रण विशेष रूप से सशक्त होता है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- सामाजिक समूह बनाम अर्ध-समूह।
- प्राथमिक और द्वितीयक समूह (कूले); अंतःसमूह, बाह्य समूह, संदर्भ समूह।
- प्रस्थिति (प्रदत्त, अर्जित) और भूमिका; भूमिका संघर्ष।
- स्तरीकरण; औपचारिक और अनौपचारिक नियंत्रण।
परीक्षा सुझाव
- प्राथमिक समूह, द्वितीयक समूह, प्रदत्त प्रस्थिति और अर्जित प्रस्थिति का एक-एक उदाहरण दें।
- औपचारिक और अनौपचारिक सामाजिक नियंत्रण में अंतर करें।
अभ्यास MCQ
परिवार किसका उदाहरण है
- द्वितीयक समूह
- प्राथमिक समूह
- अर्ध-समूह
- बाह्य समूह
उत्तर देखें
उत्तर: (b) प्राथमिक समूह. इसमें घनिष्ठ आमने-सामने संबंध हैं।
जन्म से मिली प्रस्थिति कहलाती है
- अर्जित प्रस्थिति
- वर्ग
- भूमिका
- प्रदत्त प्रस्थिति
उत्तर देखें
उत्तर: (d) प्रदत्त प्रस्थिति. जाति इसका उदाहरण है।
प्रस्थिति से जुड़ा अपेक्षित व्यवहार कहलाता है
- भूमिका
- समूह
- केवल मानदंड
- वर्ग
उत्तर देखें
उत्तर: (a) भूमिका. शिक्षक की भूमिका पढ़ाना है।
प्राथमिक समूह की अवधारणा किसने दी
- कार्ल मार्क्स
- मैक्स वेबर
- चार्ल्स कूले
- कॉम्ट
उत्तर देखें
उत्तर: (c) चार्ल्स कूले. उन्होंने आमने-सामने संबंधों पर बल दिया।
बस स्टॉप पर प्रतीक्षा करते लोग बनाते हैं
- प्राथमिक समूह
- संदर्भ समूह
- द्वितीयक समूह
- अर्ध-समूह
उत्तर देखें
उत्तर: (d) अर्ध-समूह. उनमें स्थायी अंतःक्रिया नहीं होती।
क़ानून, पुलिस और न्यायालय किसके साधन हैं
- अनौपचारिक सामाजिक नियंत्रण
- स्तरीकरण
- औपचारिक सामाजिक नियंत्रण
- केवल समाजीकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (c) औपचारिक सामाजिक नियंत्रण. इनमें आधिकारिक दंड शामिल हैं।
बच्चे के बीमार होने पर कार्यालय बैठक में जाने वाली कामकाजी माँ अनुभव करती है
- स्तरीकरण
- प्रदत्त प्रस्थिति
- भूमिका संघर्ष
- सामाजिक गतिशीलता
उत्तर देखें
उत्तर: (c) भूमिका संघर्ष. दो भूमिकाएँ परस्पर विरोधी माँगें करती हैं।
वह समूह जिसके मानकों से लोग स्वयं का मूल्यांकन करते हैं
- समवयस्क समूह
- संदर्भ समूह
- बाह्य समूह
- अर्ध-समूह
उत्तर देखें
उत्तर: (b) संदर्भ समूह. लोग उसके सदस्य न भी हों।
सभी अध्याय: कक्षा 11 समाजशास्त्र
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।