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नागरिकता – कक्षा 11 राजनीति विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 राजनीति विज्ञान, अध्याय 16। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
नागरिकता का अर्थ है अधिकारों और दायित्वों सहित किसी राजनीतिक समुदाय की पूर्ण और समान सदस्यता। नागरिक नागरिक, राजनीतिक और सामाजिक अधिकार भोगते हैं और उनसे सार्वजनिक जीवन में भागीदारी की अपेक्षा होती है। समान नागरिकता हेतु संघर्ष लोकतंत्र के केंद्र में रहे हैं। शरणार्थियों, प्रवासियों और राज्यविहीन लोगों के प्रश्न, और वैश्विक नागरिकता का विचार दिखाते हैं कि नागरिकता अब भी विकसित हो रही है।
नागरिकता का अर्थ
- नागरिकता में नागरिकों और राज्य तथा स्वयं नागरिकों के बीच का संबंध शामिल है।
- टी.एच. मार्शल ने नागरिकता में नागरिक अधिकार, राजनीतिक अधिकार और सामाजिक अधिकार शामिल बताए।
- समान नागरिकता का अर्थ है कि वर्ग, जाति, धर्म या लिंग की परवाह किए बिना सभी नागरिकों को समान अधिकार और संरक्षण मिले।
भारत में नागरिकता
- संविधान एकल नागरिकता देता है और नागरिकता अधिनियम, 1955 इसे प्राप्त करने के तरीक़े बताता है: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और भू-भाग का विलय।
- नागरिकों को मत देने, देश में कहीं भी आने-जाने और बसने, और क़ानून के समान संरक्षण का अधिकार है।
- श्रमिकों, स्त्रियों और हाशिये के समूहों के आंदोलनों ने माँग की है कि झुग्गीवासियों और जनजातीय समुदायों सहित सबके लिए समान नागरिकता व्यवहार में वास्तविक बने।
चुनौतियाँ और वैश्विक नागरिकता
- शरणार्थियों और राज्यविहीन लोगों को किसी राज्य का संरक्षण नहीं मिल सकता, जिससे मानवीय समस्याएँ होती हैं।
- देश के भीतर प्रवासियों, जैसे राज्यों के बीच जाने वाले श्रमिकों, को कभी-कभी शत्रुता झेलनी पड़ती है, जो समान नागरिकता के विरुद्ध है।
- वैश्विक नागरिकता यह विचार है कि हम साझा उत्तरदायित्वों वाले विश्व समुदाय के सदस्य हैं, उदाहरण के लिए जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकारों पर।
मुख्य शब्द
- नागरिकता
- अधिकारों और दायित्वों सहित किसी राजनीतिक समुदाय की पूर्ण और समान सदस्यता
- राज्यविहीन व्यक्ति
- ऐसा व्यक्ति जिसे कोई देश नागरिक के रूप में मान्यता नहीं देता
- शरणार्थी
- उत्पीड़न, युद्ध या हिंसा के कारण अपना देश छोड़ने को विवश व्यक्ति
- देशीयकरण
- क़ानूनी शर्तें पूरी करने के बाद किसी विदेशी द्वारा नागरिकता प्राप्त करना
- वैश्विक नागरिकता
- साझा उत्तरदायित्वों वाले विश्व समुदाय से संबंध का विचार
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
नागरिकता से क्या अभिप्राय है?2 अंक
नागरिकता का अर्थ है किसी राजनीतिक समुदाय, प्रायः राज्य, की पूर्ण और समान सदस्यता। यह लोगों को मत देने का अधिकार और क़ानून का संरक्षण जैसे अधिकार देती है, और उनसे क़ानून मानने और सार्वजनिक जीवन में भाग लेने जैसे दायित्व पूरे करने की अपेक्षा करती है।
टी.एच. मार्शल का नागरिकता संबंधी विचार समझाइए।3 अंक
टी.एच. मार्शल ने नागरिकता में तीन प्रकार के अधिकार बताए: नागरिक अधिकार, जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, क़ानून के समक्ष समानता और संपत्ति रखने का अधिकार; राजनीतिक अधिकार, जैसे मत देने और पद धारण करने का अधिकार; और सामाजिक अधिकार, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और जीवन के न्यूनतम स्तर का अधिकार। ये मिलकर नागरिकता को पूर्ण और समान बनाते हैं।
नागरिकता की अवधारणा, समान नागरिकता का अर्थ और आज के विश्व में उसकी चुनौतियाँ समझाइए।5 अंक
नागरिकता का अर्थ है अधिकारों और दायित्वों सहित किसी राजनीतिक समुदाय की पूर्ण और समान सदस्यता। यह नागरिकों के राज्य और एक-दूसरे के साथ संबंध से संबंधित है। टी.एच. मार्शल ने नागरिकता को नागरिक अधिकारों, जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और क़ानून के समक्ष समानता; राजनीतिक अधिकारों, जैसे मतदान और पद धारण; और सामाजिक अधिकारों, जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा, से बना बताया। समान नागरिकता का अर्थ है कि वर्ग, जाति, धर्म या लिंग की परवाह किए बिना सभी नागरिकों को समान अधिकार और संरक्षण मिले। भारत में संविधान एकल नागरिकता देता है, और नागरिकता अधिनियम, 1955 जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और भू-भाग के विलय से नागरिकता प्राप्त करने देता है। नागरिक मत दे सकते, देश में कहीं भी आ-जा और बस सकते हैं, और क़ानून का समान संरक्षण पाते हैं। पर समान नागरिकता के सामने चुनौतियाँ हैं। ग़रीब झुग्गीवासी, जनजातीय समुदाय और प्रवासी श्रमिक प्रायः व्यवहार में अधिकार नहीं पाते, और दूसरे राज्यों के प्रवासियों को कभी-कभी शत्रुता झेलनी पड़ती है। वैश्विक स्तर पर युद्ध और उत्पीड़न से भागने वाले शरणार्थियों और किसी देश द्वारा मान्यता न पाने वाले राज्यविहीन लोगों को संरक्षण नहीं मिलता। इन चुनौतियों से वैश्विक नागरिकता का विचार उभरा है, जो सीमाओं के पार जलवायु परिवर्तन, ग़रीबी और मानवाधिकार जैसी समस्याओं हेतु साझा उत्तरदायित्व पर बल देता है, जबकि अधिकार सुरक्षित करने हेतु राष्ट्रीय नागरिकता महत्वपूर्ण बनी रहती है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- नागरिकता: पूर्ण और समान सदस्यता।
- मार्शल: नागरिक, राजनीतिक, सामाजिक अधिकार।
- नागरिकता अधिनियम 1955: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण।
- शरणार्थी, राज्यविहीनता, वैश्विक नागरिकता।
परीक्षा सुझाव
- टी.एच. मार्शल के तीन प्रकार के अधिकार उदाहरणों सहित सीखें।
- 1955 के अधिनियम के अंतर्गत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के तरीक़े याद रखें।
अभ्यास MCQ
किसी राजनीतिक समुदाय की पूर्ण और समान सदस्यता कहलाती है
- केवल राष्ट्रीयता
- निवास
- नागरिकता
- पर्यटन
उत्तर देखें
उत्तर: (c) नागरिकता. इसमें अधिकार और कर्तव्य शामिल हैं।
भारत देता है
- दोहरी नागरिकता
- राज्य नागरिकता
- एकल नागरिकता
- कोई नागरिकता नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (c) एकल नागरिकता. लोग पूरे भारत के नागरिक हैं।
उत्पीड़न या युद्ध के कारण अपना देश छोड़ने को विवश व्यक्ति है
- पर्यटक
- शरणार्थी
- नागरिक
- राजनयिक
उत्तर देखें
उत्तर: (b) शरणार्थी. शरणार्थियों को संरक्षण चाहिए।
नागरिकता में नागरिक, राजनीतिक और सामाजिक अधिकार किसने बताए
- टी.एच. मार्शल
- जॉन रॉल्स
- जे.एस. मिल
- कार्ल मार्क्स
उत्तर देखें
उत्तर: (a) टी.एच. मार्शल. वे ब्रिटिश समाजशास्त्री थे।
किसी भी देश द्वारा नागरिक न माना जाने वाला व्यक्ति है
- केवल शरणार्थी
- राजनयिक
- विदेशी नागरिक
- राज्यविहीन
उत्तर देखें
उत्तर: (d) राज्यविहीन. ऐसे लोगों को राज्य का संरक्षण नहीं मिलता।
आवश्यक अवधि तक भारत में रहने के बाद किसी विदेशी द्वारा प्राप्त भारतीय नागरिकता किसके द्वारा है
- जन्म
- विलय
- वंश
- देशीयकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (d) देशीयकरण. यह नागरिकता अधिनियम, 1955 से नियंत्रित है।
दूसरे राज्यों के श्रमिकों के प्रति शत्रुता किसके विरुद्ध है
- केवल संघवाद
- समान नागरिकता और आवागमन की स्वतंत्रता
- संप्रभुता
- प्रस्तावना का समाजवाद
उत्तर देखें
उत्तर: (b) समान नागरिकता और आवागमन की स्वतंत्रता. नागरिक भारत में कहीं भी रह और काम कर सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्याओं हेतु लोगों के साझा उत्तरदायित्व का विचार दर्शाता है
- केवल राष्ट्रवाद
- राज्यविहीनता
- वैश्विक नागरिकता
- राजतंत्र
उत्तर देखें
उत्तर: (c) वैश्विक नागरिकता. समस्याएँ सीमाओं के पार जाती हैं।
सभी अध्याय: कक्षा 11 राजनीति विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।