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तरलों के यांत्रिक गुण – कक्षा 11 भौतिकी नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 भौतिकी, अध्याय 9। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
तरल दाब, उत्प्लावन और श्यान बल लगाते हैं, और पृष्ठ तनाव दिखाते हैं। पास्कल नियम, बर्नूली सिद्धांत और स्टोक्स नियम कई दैनिक प्रभाव समझाते हैं।
दाब और प्रवाह
- गहराई h पर दाब: P = P₀ + ρgh; पास्कल नियम: बंद तरल पर लगाया दाब समान रूप से संचरित (द्रवचालित उत्थापक)।
- सांतत्य समीकरण: A₁v₁ = A₂v₂।
- बर्नूली: P + ½ρv² + ρgh = नियत; टॉरिसेली: बहिःस्राव वेग v = √(2gh)।
श्यानता और पृष्ठ तनाव
- श्यान बल F = ηA dv/dx; स्टोक्स नियम F = 6πηrv; सीमांत वेग vₜ = 2r²(ρ − σ)g/9η।
- रेनॉल्ड्स संख्या धारारेखी या विक्षुब्ध प्रवाह तय करती है।
- पृष्ठ तनाव S = F/L; बूँद में आधिक्य दाब 2S/r, साबुन बुलबुले में 4S/r; केशिका उन्नयन h = 2S cos θ/ρrg।
मुख्य शब्द
- श्यानता
- परतों की आपेक्षिक गति का विरोध करने वाला तरल का आंतरिक घर्षण
- सीमांत वेग
- तरल में गिरती वस्तु की नियत अधिकतम चाल
- उत्प्लावन बल
- विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपरी बल (आर्किमिडीज़ सिद्धांत)
सूत्र
- P + ½ρv² + ρgh = नियत
- vₜ = 2r²(ρ − σ)g/9η
- h = 2S cos θ/ρrg
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
द्रव की बूँद गोलाकार क्यों होती है?2 अंक
पृष्ठ तनाव पृष्ठ क्षेत्रफल न्यूनतम करना चाहता है, और दिए आयतन हेतु गोले का पृष्ठ क्षेत्रफल सबसे कम होता है।
बर्नूली सिद्धांत से टॉरिसेली का बहिःस्राव नियम व्युत्पन्न कीजिए।3 अंक
खुले शीर्ष (दाब P₀, चाल ≈ 0, ऊँचाई h) और छिद्र (दाब P₀, चाल v, ऊँचाई 0) के बीच बर्नूली: P₀ + ρgh = P₀ + ½ρv²। अतः v = √(2gh), जो h से मुक्त रूप से गिरती वस्तु के समान है।
श्यान द्रव में गिरते गोले के सीमांत वेग का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। ग्लिसरीन (σ = 1300 kg/m³, η = 0.83 Pa s) में 2 mm त्रिज्या की स्टील गेंद (ρ = 8000 kg/m³) हेतु ज्ञात कीजिए, g = 10 m/s²।5 अंक
गोले पर बल: भार (4/3)πr³ρg नीचे; उत्प्लावन (4/3)πr³σg ऊपर; श्यान कर्षण 6πηrv ऊपर। सीमांत वेग पर शुद्ध बल शून्य: 6πηrvₜ = (4/3)πr³(ρ − σ)g, अतः vₜ = 2r²(ρ − σ)g/9η। यहाँ vₜ = 2 × (2 × 10⁻³)² × 6700 × 10/(9 × 0.83) = 2 × 4 × 10⁻⁶ × 67,000/7.47 ≈ 0.072 m/s (लगभग 7 cm/s)।
त्वरित पुनरावृत्ति
- सीमांत वेग ∝ r²।
- साबुन बुलबुले की दो सतहें (4S/r)।
- पारा केशिका अवनमन दिखाता है।
परीक्षा सुझाव
- संकरी नली → तेज़ प्रवाह (सांतत्य) → कम दाब (बर्नूली): वायुयान पंखों पर उत्थापक बल।
- पृष्ठ तनाव ताप बढ़ने और साबुन जैसी अशुद्धियों से घटता है (अपमार्जक पानी को फैलने और साफ़ करने में मदद करते हैं)।
अभ्यास MCQ
द्रवचालित उत्थापक आधारित है
- बर्नूली सिद्धांत पर
- पास्कल नियम पर
- आर्किमिडीज़ सिद्धांत पर
- स्टोक्स नियम पर
उत्तर देखें
उत्तर: (b) पास्कल नियम पर. दाब संचरण।
पृष्ठ तनाव का SI मात्रक है
- N/m²
- N/m
- J
- Pa s
उत्तर देखें
उत्तर: (b) N/m. प्रति लंबाई बल।
4 cm² क्षेत्रफल वाले पाइप में जल 2 m/s से बहकर 2 cm² भाग में जाता है। नई चाल है
- 4 m/s
- 1 m/s
- 8 m/s
- 2 m/s
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 4 m/s. A₁v₁ = A₂v₂।
r त्रिज्या के साबुन बुलबुले में आधिक्य दाब है
- 4S/r
- 2S/r
- S/r
- 8S/r
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 4S/r. दो सतहें।
द्रवचालित उत्थापक के पिस्टनों का क्षेत्रफल 10 cm² और 1000 cm² है। छोटे पिस्टन पर 50 N बल उठा सकता है
- 500 N
- 5000 N
- 50 N
- 5 N
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 5000 N. F₂ = F₁ × A₂/A₁।
गोले का सीमांत वेग समानुपाती है
- r के
- r² के
- 1/r के
- r³ के
उत्तर देखें
उत्तर: (b) r² के. vₜ ∝ r²।
जल सतह से 5 m नीचे छिद्र से बहिःस्राव चाल (g = 10) है
- 5 m/s
- 10 m/s
- 50 m/s
- 100 m/s
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 10 m/s. √(2 × 10 × 5)।
r त्रिज्या की दो बूँदें मिलकर एक बूँद बनाती हैं। पृष्ठ ऊर्जा
- बढ़ती है
- घटती है (ऊर्जा मुक्त होती है)
- समान रहती है
- शून्य होती है
उत्तर देखें
उत्तर: (b) घटती है (ऊर्जा मुक्त होती है). कुल पृष्ठ क्षेत्रफल घटता है।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।