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भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास – कक्षा 11 भूगोल नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ

NCERT कक्षा 11 भूगोल, अध्याय 6। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।

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अध्याय का सार

स्थलरूप बहते जल, भूमिगत जल, हिमनद, तरंगों और धाराओं, और पवन जैसे भू-आकृतिक कारकों से बनते हैं। हर कारक अपरदनात्मक और निक्षेपणात्मक स्थलरूप बनाता है। बहता जल सबसे व्यापक कारक है, जो घाटियाँ, जलप्रपात, विसर्प, बाढ़ के मैदान और डेल्टा बनाता है। भूमिगत जल चूना पत्थर में कार्स्ट लक्षण, हिमनद U-आकार की घाटियाँ और हिमोढ़, तरंगें क्लिफ़ और पुलिन, और पवन छत्रक शैल और बालू टिब्बे बनाती है।

बहता जल और भूमिगत जल

  • बहते जल के अपरदनात्मक स्थलरूपों में V-आकार की घाटियाँ, गॉर्ज, कैनियन, जलगर्तिका, जलप्रपात और अधःकर्तित विसर्प शामिल हैं; निक्षेपणात्मक स्थलरूपों में जलोढ़ पंख, बाढ़ के मैदान, प्राकृतिक तटबंध, विसर्प, गोखुर झील और डेल्टा शामिल हैं।
  • भूमिगत जल चूना पत्थर घोलकर कार्स्ट स्थलाकृति बनाता है, जिसमें घोल रंध्र, गुफ़ाएँ, स्टैलेक्टाइट (छत से लटकते), स्टैलेग्माइट (फ़र्श से उठते) और स्तंभ होते हैं।
  • नदियाँ युवा, प्रौढ़ और वृद्ध अवस्थाओं से गुज़रती हैं, जिनमें हर अवस्था के विशिष्ट स्थलरूप होते हैं।

हिमनद, तरंगें और पवन

  • हिमनद अपरदन से सर्क, हॉर्न, अरेट और U-आकार की घाटियाँ बनती हैं; हिमनद निक्षेप से हिमोढ़, एस्कर, हिमानी धौत मैदान और ड्रमलिन बनते हैं।
  • तरंगें तटों का अपरदन कर क्लिफ़, तरंग-घर्षित वेदिका, समुद्री गुफ़ा, मेहराब और स्टैक बनाती हैं; निक्षेपण से पुलिन, रोधिका, अवरोधिका और स्पिट बनते हैं।
  • मरुस्थलों में सक्रिय पवन अपवाहन गर्त, छत्रक शैल और यारडांग बनाती है, और बरखान, सीफ़ टिब्बे और लोयस जैसे बालू निक्षेप करती है।

मुख्य शब्द

विसर्प
नदी मार्ग में लूप जैसा मोड़
गोखुर झील
विसर्प के नदी से कट जाने पर बनी झील
कार्स्ट स्थलाकृति
भूमिगत जल द्वारा चूना पत्थर घोलने से बने स्थलरूप
हिमोढ़
हिमनद द्वारा छोड़ा गया मलबे का निक्षेप
बरखान
अर्धचंद्राकार बालू टिब्बा

उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न

स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट में क्या अंतर है?2 अंक

स्टैलेक्टाइट कैल्शियम कार्बोनेट के हिमलंब जैसे निक्षेप हैं जो चूना पत्थर की गुफ़ाओं की छत से लटकते हैं, जबकि स्टैलेग्माइट गुफ़ा के फ़र्श से ऊपर उठते हैं। जब ये मिलते हैं, तो स्तंभ बनाते हैं।

गोखुर झील कैसे बनती है?3 अंक

बाढ़ के मैदान पर नदी विसर्प बनाती है। बाहरी किनारे पर अपरदन और भीतरी किनारे पर निक्षेपण से विसर्प का लूप और सँकरा होता है। बाढ़ के दौरान नदी लूप की सँकरी गर्दन को काटकर छोटा मार्ग ले लेती है; परित्यक्त लूप निक्षेपों से बंद होकर गोखुर झील बन जाता है।

बहते जल द्वारा बने स्थलरूपों का वर्णन कीजिए।5 अंक

आर्द्र प्रदेशों में बहता जल स्थलरूपों को आकार देने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक है। युवा अवस्था में नदियाँ तीव्र ढालों पर तेज़ बहती हैं और ऊर्ध्वाधर अपरदन करती हैं, जिससे गहरी V-आकार की घाटियाँ, गॉर्ज, कैनियन, जलगर्तिका, क्षिप्रिकाएँ और जलप्रपात बनते हैं; जलप्रपातों के आधार पर अवनमन कुंड बनते हैं। प्रौढ़ अवस्था में घाटियाँ चौड़ी होती हैं, और नदियाँ बाढ़ के मैदान और विसर्प बनाती हैं। पार्श्विक अपरदन और निक्षेपण से नदी वेदिकाएँ और, जहाँ भूमि का उत्थान होता है, अधःकर्तित विसर्प बनते हैं। पर्वतों से मैदानों में प्रवेश करने पर नदियाँ पदार्थ को जलोढ़ पंख के रूप में जमा करती हैं। बाढ़ के मैदानों पर नदियाँ बाढ़ के समय अवसाद जमा करती हैं, जिससे किनारों पर प्राकृतिक तटबंध और विसर्पों के भीतर विसर्प रोधिकाएँ बनती हैं। विसर्प कटकर गोखुर झीलें बन सकते हैं। वृद्ध अवस्था में नदियाँ अनेक विसर्पों के साथ चौड़े, समतल बाढ़ के मैदानों पर धीरे बहती हैं। जहाँ नदी समुद्र या झील में मिलती है, उसका भार जमा होकर डेल्टा बनाता है, प्रायः वितरिकाओं सहित, जैसे गंगा–ब्रह्मपुत्र डेल्टा। इस प्रकार बहता जल ऊपरी मार्ग में अपरदनात्मक और निचले मार्ग में निक्षेपणात्मक दोनों प्रकार के स्थलरूप बनाता है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • बहता जल: V-घाटी, जलप्रपात, विसर्प, बाढ़ मैदान, डेल्टा।
  • भूमिगत जल: कार्स्ट, घोल रंध्र, गुफ़ाएँ।
  • हिमनद: सर्क, U-घाटी, हिमोढ़।
  • तरंगें: क्लिफ़, स्टैक, पुलिन; पवन: छत्रक शैल, टिब्बे।

परीक्षा सुझाव

  • हर कारक के अपरदनात्मक और निक्षेपणात्मक स्थलरूपों की तालिका बनाएँ।
  • याद रखें: स्टैलेक्टाइट छत से लटकते; स्टैलेग्माइट फ़र्श से ऊपर उठते।

अभ्यास MCQ

  1. अर्धचंद्राकार बालू टिब्बा कहलाता है

    1. बरखान
    2. सीफ़
    3. लोयस
    4. हिमोढ़
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) बरखान. इसकी भुजाएँ पवन की दिशा में होती हैं।

  2. V-आकार की घाटी मुख्यतः किससे बनती है

    1. हिमनद
    2. तरंगें
    3. पवन
    4. बहता जल
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) बहता जल. नदियाँ युवा अवस्था में नीचे की ओर काटती हैं।

  3. हिमनद द्वारा छोड़े गए निक्षेप कहलाते हैं

    1. हिमोढ़
    2. डेल्टा
    3. तटबंध
    4. टिब्बे
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) हिमोढ़. ये अंतस्थ या पार्श्विक हो सकते हैं।

  4. कटे विसर्प से बनी झील है

    1. ज्वालामुखी झील
    2. गोखुर झील
    3. हिमनद झील
    4. लैगून
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) गोखुर झील. यह बाढ़ के मैदानों में सामान्य है।

  5. कार्स्ट स्थलाकृति किन क्षेत्रों में विकसित होती है

    1. ग्रेनाइट
    2. चूना पत्थर
    3. बेसाल्ट
    4. केवल बलुआ पत्थर
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) चूना पत्थर. चूना पत्थर जल में घुलता है।

  6. U-आकार की घाटी किससे बनती है

    1. बहता जल
    2. हिमनद
    3. पवन
    4. भूमिगत जल
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) हिमनद. हिमनद घाटी के किनारों और तल का अपरदन करते हैं।

  7. मरुस्थलों में छत्रक शैल मुख्यतः क्यों बनते हैं

    1. हिमनद उन्हें काटते हैं
    2. नदियाँ बालू जमा करती हैं
    3. पवन अपघर्षण भूमि के पास सबसे तीव्र होता है
    4. तरंगें उन्हें नीचे से काटती हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) पवन अपघर्षण भूमि के पास सबसे तीव्र होता है. बालूयुक्त पवन निचले भागों को अधिक घिसती है।

  8. स्थलरूप और उसके कारक का कौन-सा युग्म सही है

    1. सर्क – पवन
    2. बरखान – हिमनद
    3. समुद्री स्टैक – तरंगें
    4. गोखुर झील – भूमिगत जल
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) समुद्री स्टैक – तरंगें. क्लिफ़ के पीछे हटने पर स्टैक बचे रहते हैं।

सभी अध्याय: कक्षा 11 भूगोल

यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।