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वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ – कक्षा 11 भूगोल नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 भूगोल, अध्याय 9। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
वायुदाब में अंतर से वायु पवन के रूप में उच्च दाब से निम्न दाब क्षेत्रों की ओर चलती है। पवन की दिशा दाब प्रवणता बल, कोरिऑलिस बल और घर्षण से प्रभावित होती है। वायुमंडल के सामान्य परिसंचरण से दाब पेटियाँ और व्यापारिक पवनें, पछुआ पवनें और ध्रुवीय पूर्वा पवनें जैसी ग्रहीय पवनें बनती हैं। वायुराशियाँ, वाताग्र, शीतोष्ण चक्रवात, उष्णकटिबंधीय चक्रवात और तड़ित झंझा महत्वपूर्ण मौसम तंत्र हैं।
दाब और पवनें
- वायुदाब बैरोमीटर से मिलीबार में मापा जाता है और ऊँचाई के साथ घटता है; समदाब रेखाएँ समान दाब वाले स्थानों को मिलाती हैं।
- दाब प्रवणता बल पवनों को चलाता है; पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न कोरिऑलिस बल पवनों को उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मोड़ता है; घर्षण सतह के पास पवनों को धीमा करता है।
- ऊपरी वायुमंडल में समदाब रेखाओं के समानांतर चलने वाली पवनें भूविक्षेपी पवनें कहलाती हैं।
सामान्य परिसंचरण
- दाब पेटियों में विषुवतीय निम्न (ITCZ), लगभग 30° पर उपोष्ण उच्च, लगभग 60° पर उपध्रुवीय निम्न और ध्रुवीय उच्च शामिल हैं।
- ग्रहीय पवनें व्यापारिक पवनें (उपोष्ण उच्च से भूमध्य रेखा की ओर), पछुआ पवनें (उपध्रुवीय निम्न की ओर) और ध्रुवीय पूर्वा पवनें हैं।
- परिसंचरण की तीन कोशिकाएँ हैडले, फ़ेरल और ध्रुवीय कोशिकाएँ हैं; पूर्वी प्रशांत का गर्म होना, एल नीनो, इस परिसंचरण को बदलता और भारतीय मानसून को प्रभावित करता है।
मौसम तंत्र
- वायुराशियाँ समान तापमान और आर्द्रता वाली वायु के बड़े पिंड हैं; दो वायुराशियों के मिलन पर वाताग्र बनते हैं (शीत, उष्ण, अचर और अधिविष्ट वाताग्र)।
- शीतोष्ण चक्रवात मध्य अक्षांशों में वाताग्रों के साथ बनते हैं; उष्णकटिबंधीय चक्रवात 27°C से अधिक गर्म महासागरों पर बनते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में हरिकेन, टाइफ़ून या चक्रवात कहलाते हैं।
- तड़ित झंझा और टॉरनेडो तीव्र संवहन से बनते हैं।
मुख्य शब्द
- कोरिऑलिस बल
- पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न आभासी बल जो गतिशील वायु को मोड़ता है
- ITCZ
- अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र, भूमध्य रेखा के पास निम्न दाब पेटी
- वायुराशि
- समान तापमान और आर्द्रता वाला वायु का बड़ा पिंड
- वाताग्र
- दो भिन्न वायुराशियों के बीच की सीमा
- उष्णकटिबंधीय चक्रवात
- गर्म उष्णकटिबंधीय महासागरों पर बनने वाला तीव्र निम्न दाब तूफ़ान
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
कोरिऑलिस बल क्या है?2 अंक
कोरिऑलिस बल पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न आभासी बल है, जो गतिशील वायु और जल को उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मोड़ता है। यह भूमध्य रेखा पर शून्य और ध्रुवों पर अधिकतम होता है।
पवन की गति और दिशा को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?3 अंक
पवन दाब प्रवणता बल से प्रभावित होती है, जो उच्च से निम्न दाब की ओर उसकी गति तय करता है; कोरिऑलिस बल से, जो पृथ्वी के घूर्णन से उसकी दिशा मोड़ता है; और पृथ्वी की सतह से घर्षण से, जो भूमि के पास उसकी गति घटाता है।
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के निर्माण और विशेषताओं का वर्णन कीजिए।5 अंक
उष्णकटिबंधीय चक्रवात प्रचंड तूफ़ान हैं जो गर्म उष्णकटिबंधीय महासागरों पर उत्पन्न होकर तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ते हैं। इनके निर्माण की स्थितियों में लगभग 27°C से अधिक तापमान वाली बड़ी समुद्री सतह, कोरिऑलिस बल की उपस्थिति (इसलिए ये भूमध्य रेखा पर नहीं बनते), ऊर्ध्वाधर पवन गति में कम अंतर, पहले से मौजूद कमज़ोर निम्न दाब क्षेत्र या विक्षोभ, और ऊपरी स्तर पर अपसरण शामिल हैं। गर्म, आर्द्र वायु ऊपर उठकर संघनित होती और गुप्त ऊष्मा छोड़ती है, जो निम्न दाब को और तीव्र करती है। परिपक्व उष्णकटिबंधीय चक्रवात में शांत केंद्र, चक्षु, होता है, जो चक्षु भित्ति से घिरा होता है, जहाँ सबसे तेज़ पवनें, ऊँचे बादल और सर्वाधिक वर्षा होती है; सर्पिल वर्षा पट्टियाँ बाहर की ओर फैलती हैं। पवन गति 250 किमी प्रति घंटा से अधिक हो सकती है। स्थल पर पहुँचने पर चक्रवात भारी वर्षा, तेज़ पवनें और तूफ़ानी लहरें लाते हैं जो तटीय क्षेत्रों में बाढ़ लाती हैं, पर स्थल पर नमी की आपूर्ति कटने से कमज़ोर पड़ जाते हैं। इन्हें हिंद महासागर में चक्रवात, अटलांटिक में हरिकेन, पश्चिमी प्रशांत में टाइफ़ून और ऑस्ट्रेलिया में विली-विली कहते हैं। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तट प्रायः प्रभावित होते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- दाब प्रवणता, कोरिऑलिस बल, घर्षण।
- दाब पेटियाँ; व्यापारिक, पछुआ, ध्रुवीय पूर्वा पवनें।
- हैडले, फ़ेरल, ध्रुवीय कोशिकाएँ; एल नीनो।
- वायुराशियाँ, वाताग्र, चक्रवात, तड़ित झंझा।
परीक्षा सुझाव
- ग्लोब रेखाचित्र पर दाब पेटियाँ और ग्रहीय पवनें बनाएँ।
- याद रखें: उत्तरी गोलार्ध में विक्षेपण दाईं ओर होता है।
अभ्यास MCQ
वायुदाब किससे मापा जाता है
- थर्मामीटर
- एनीमोमीटर
- हाइग्रोमीटर
- बैरोमीटर
उत्तर देखें
उत्तर: (d) बैरोमीटर. यह मिलीबार में मापा जाता है।
समान दाब वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ हैं
- समदाब रेखाएँ
- समवर्षा रेखाएँ
- समताप रेखाएँ
- समलवणता रेखाएँ
उत्तर देखें
उत्तर: (a) समदाब रेखाएँ. ये दाब वितरण दिखाती हैं।
पवनें चलती हैं
- निम्न दाब से उच्च दाब की ओर
- ध्रुवों से चंद्रमा की ओर
- सदा पूर्व से पश्चिम
- उच्च दाब से निम्न दाब की ओर
उत्तर देखें
उत्तर: (d) उच्च दाब से निम्न दाब की ओर. दाब प्रवणता उन्हें चलाती है।
उत्तरी गोलार्ध में कोरिऑलिस बल पवनों को किस ओर मोड़ता है
- बाईं
- ऊपर
- दाईं
- नीचे
उत्तर देखें
उत्तर: (c) दाईं. दक्षिणी गोलार्ध में यह बाईं ओर मोड़ता है।
उपोष्ण उच्च से भूमध्य रेखा की ओर चलने वाली पवनें हैं
- व्यापारिक पवनें
- ध्रुवीय पूर्वा पवनें
- पछुआ पवनें
- जेट धाराएँ
उत्तर देखें
उत्तर: (a) व्यापारिक पवनें. ये ITCZ पर अभिसरित होती हैं।
उष्णकटिबंधीय चक्रवात प्रायः लगभग कितने से अधिक गर्म महासागरों पर बनते हैं
- 15°C
- 20°C
- 27°C
- 35°C
उत्तर देखें
उत्तर: (c) 27°C. गर्म जल ऊर्जा और नमी देता है।
भूमध्य रेखा और लगभग 30° अक्षांश के बीच परिसंचरण कोशिका है
- फ़ेरल कोशिका
- हैडले कोशिका
- ध्रुवीय कोशिका
- केवल वॉकर कोशिका
उत्तर देखें
उत्तर: (b) हैडले कोशिका. वायु भूमध्य रेखा पर उठती और 30° पर नीचे आती है।
ठीक भूमध्य रेखा पर उष्णकटिबंधीय चक्रवात क्यों नहीं बनते
- जल बहुत ठंडा है
- वह सदा शुष्क है
- वहाँ पवन नहीं है
- वहाँ कोरिऑलिस बल शून्य है
उत्तर देखें
उत्तर: (d) वहाँ कोरिऑलिस बल शून्य है. घूर्णन हेतु कोरिऑलिस प्रभाव चाहिए।
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।