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पुष्पी पादपों का शारीर – कक्षा 11 जीव विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान, अध्याय 6। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
पादप शारीर आंतरिक संरचना का अध्ययन है। ऊतक विभज्योतकी या स्थायी होते हैं, और द्विबीजपत्री व एकबीजपत्री मूल, तने और पत्ती में भिन्न रूप से व्यवस्थित होते हैं।
ऊतक
- विभज्योतक: शीर्षस्थ, अंतर्वेशी, पार्श्व (संवहन एधा, कॉर्क एधा)।
- सरल स्थायी ऊतक: मृदूतक, स्थूलकोण ऊतक, दृढ़ ऊतक; जटिल: ज़ाइलम (जल) और फ़्लोएम (भोजन)।
- ऊतक तंत्र: बाह्यत्वचीय, भरण और संवहन।
द्विबीजपत्री बनाम एकबीजपत्री
- द्विबीजपत्री तना: संवहन बंडल वलय में, खुले (एधा सहित); एकबीजपत्री तना: बिखरे, बंद बंडल।
- द्विबीजपत्री पत्ती पृष्ठाधारी (खंभ + स्पंजी); एकबीजपत्री पत्ती समद्विपार्श्विक।
- द्वितीयक वृद्धि (द्विबीजपत्री में) वार्षिक वलय जोड़ती है; अंतःकाष्ठ गहरा व अक्रियाशील, रसदारु जल का संवहन करता है।
मुख्य शब्द
- विभज्योतक
- सक्रिय रूप से विभाजित कोशिकाओं का ऊतक
- वार्षिक वलय
- द्वितीयक ज़ाइलम की एक वर्ष की वृद्धि
- कैस्पेरियन पट्टियाँ
- जड़ों में अंतस्त्वचा कोशिकाओं की अरीय और भीतरी भित्तियों पर सुबेरिन की पट्टियाँ, जो कोशिकाओं के बीच से जल गुज़रने से रोकती हैं
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
द्वार कोशिकाओं का कार्य क्या है?2 अंक
द्वार कोशिकाएँ रंध्र छिद्र को घेरती हैं और स्फीति से आकार बदलकर रंध्र खोलती-बंद करती हैं, जिससे गैस विनिमय और जल हानि नियंत्रित होती है।
अंतःकाष्ठ और रसदारु में अंतर कीजिए।3 अंक
अंतःकाष्ठ पुराने द्वितीयक ज़ाइलम का गहरा, भीतरी भाग है जो टैनिन, रेज़िन और गोंद से भरा होता है; यह मृत, कठोर और मज़बूती देने वाला है पर जल नहीं ले जाता। रसदारु हल्का, बाहरी भाग है जो क्रियाशील है और जल व खनिज ले जाता है।
संवहन एधा और कॉर्क एधा की भूमिका सहित द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि का वर्णन कीजिए।5 अंक
संवहन एधा पूर्ण वलय बनाती है: अंतःपूलीय एधा, मज्जा किरण कोशिकाओं से बनी अंतरपूलीय एधा से जुड़ती है। एधा भीतर की ओर द्वितीयक ज़ाइलम और बाहर की ओर द्वितीयक फ़्लोएम बनाती है, ज़ाइलम अधिक; इससे मोटाई बढ़ती है। मौसमी सक्रियता से बसंत काष्ठ (हल्की, चौड़ी वाहिकाएँ) और शरद काष्ठ (गहरी, संकरी वाहिकाएँ) बनकर वार्षिक वलय बनते हैं। तना बढ़ने पर वल्कुट में कॉर्क एधा (फ़ेलोजन) बनकर बाहर कॉर्क (फ़ेलम) और भीतर द्वितीयक वल्कुट (फ़ेलोडर्म) बनाती है; ये मिलकर परित्वक बनाते हैं। कॉर्क में वातरंध्र गैस विनिमय करने देते हैं। संवहन एधा के बाहर के सभी ऊतक छाल हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- खुले बंडलों में एधा।
- एकबीजपत्री में प्रायः द्वितीयक वृद्धि नहीं।
- ज़ाइलम जल का संवहन करता है।
परीक्षा सुझाव
- वार्षिक वलय गिनकर पेड़ की आयु ज्ञात होती है (डेंड्रोक्रोनोलॉजी)।
- T.S. पहचान हेतु याद रखें: द्विबीजपत्री जड़ – अरीय बंडल, 2–4 ज़ाइलम; एकबीजपत्री जड़ – 6 से अधिक ज़ाइलम और मज्जा; द्विबीजपत्री तना – खुले बंडलों का वलय; एकबीजपत्री तना – पूलाच्छद सहित बिखरे बंद बंडल।
अभ्यास MCQ
जल का संवहन करता है
- फ़्लोएम
- ज़ाइलम
- वल्कुट
- मज्जा
उत्तर देखें
उत्तर: (b) ज़ाइलम. ज़ाइलम।
सक्रिय विभाजित कोशिकाओं का ऊतक है
- विभज्योतकी
- स्थायी
- बाह्यत्वचीय
- कॉर्क
उत्तर देखें
उत्तर: (a) विभज्योतकी. विभज्योतक।
संवहन बंडल बिखरे होते हैं
- द्विबीजपत्री तने में
- द्विबीजपत्री पत्ती में
- द्विबीजपत्री मूल में
- एकबीजपत्री तने में
उत्तर देखें
उत्तर: (d) एकबीजपत्री तने में. एकबीजपत्री तना।
पेड़ की आयु किसे गिनकर ज्ञात होती है
- पत्तियाँ
- जड़ें
- शाखाएँ
- वार्षिक वलय
उत्तर देखें
उत्तर: (d) वार्षिक वलय. वलय।
द्विबीजपत्री जड़ों में संवहन बंडल होते हैं
- संयुक्त और खुले
- अरीय
- संपार्श्विक और बंद
- उभयपार्श्विक
उत्तर देखें
उत्तर: (b) अरीय. ज़ाइलम और फ़्लोएम भिन्न त्रिज्याओं पर।
एकबीजपत्री पत्तियाँ होती हैं
- समद्विपार्श्विक
- पृष्ठाधारी
- बेलनाकार
- केवल सुई जैसी
उत्तर देखें
उत्तर: (a) समद्विपार्श्विक. दोनों सतहें समान।
अंतःकाष्ठ है
- हल्का और संवाहक
- जीवित ऊतक
- फ़्लोएम का भाग
- गहरा और असंवाहक
उत्तर देखें
उत्तर: (d) गहरा और असंवाहक. टैनिन से भरा।
घास की पत्तियों में आवर्ध त्वक कोशिकाएँ सहायक हैं
- जल हानि घटाने हेतु पत्ती मोड़ने में
- भोजन संग्रह में
- जल अवशोषण में
- क्लोरोफ़िल बनाने में
उत्तर देखें
उत्तर: (a) जल हानि घटाने हेतु पत्ती मोड़ने में. स्फीति खोकर पत्ती मोड़ती हैं।
सभी अध्याय: कक्षा 11 जीव विज्ञान
यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।