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वित्तीय विवरण – 2 – कक्षा 11 लेखाशास्त्र नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 11 लेखाशास्त्र, अध्याय 9। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
सही लाभ और वित्तीय स्थिति दिखाने हेतु वित्तीय विवरणों में उन मदों के समायोजन शामिल होने चाहिए जो चालू वर्ष से संबंधित हैं पर अभी दर्ज नहीं हुए, या जो दर्ज हुए पर किसी अन्य वर्ष से संबंधित हैं। द्विपक्षीय और मिलान अवधारणाओं के अनुसार हर समायोजन वित्तीय विवरणों में दो स्थानों को प्रभावित करता है।
सामान्य समायोजन
- अंतिम स्टॉक: व्यापार खाते में जमा और चालू परिसंपत्ति के रूप में दिखाया जाता है।
- अदत्त व्यय: लाभ-हानि खाते में व्यय में जोड़ा और देयता के रूप में दिखाया जाता है।
- पूर्वदत्त व्यय: व्यय से घटाया और परिसंपत्ति के रूप में दिखाया जाता है।
- उपार्जित आय: आय में जोड़ी और परिसंपत्ति के रूप में दिखाई जाती है; अग्रिम प्राप्त आय: आय से घटाई और देयता के रूप में दिखाई जाती है।
ह्रास और ऋणों हेतु समायोजन
- ह्रास: लाभ-हानि खाते में नाम और तुलन पत्र में परिसंपत्ति से घटाया जाता है।
- डूबत ऋण: लाभ-हानि खाते में नाम और देनदारों से घटाए जाते हैं।
- संदिग्ध ऋणों हेतु प्रावधान: नया प्रावधान लाभ-हानि में प्रभारित और (अतिरिक्त डूबत ऋणों के बाद) देनदारों से घटाया जाता है।
- देनदारों पर छूट हेतु प्रावधान संदिग्ध ऋण प्रावधान घटाने के बाद अच्छे देनदारों पर निकाला जाता है।
अन्य समायोजन
- पूँजी पर ब्याज: लाभ-हानि खाते में नाम और पूँजी में जोड़ा जाता है।
- आहरण पर ब्याज: लाभ-हानि खाते में जमा और पूँजी से घटाया जाता है।
- शुद्ध लाभ पर प्रबंधक का कमीशन, स्वामी द्वारा निजी उपयोग हेतु लिया गया माल (आहरण) और आग से नष्ट माल भी समायोजित होते हैं।
मुख्य शब्द
- अदत्त व्यय
- चालू वर्ष का वह व्यय जो अभी चुकाया नहीं गया
- पूर्वदत्त व्यय
- भावी अवधि हेतु अग्रिम चुकाया गया व्यय
- उपार्जित आय
- वर्ष में अर्जित पर अभी प्राप्त न हुई आय
- अग्रिम प्राप्त आय
- वर्ष में प्राप्त वह आय जो भावी अवधि से संबंधित है
- संदिग्ध ऋणों हेतु प्रावधान
- वसूल न हो सकने वाले ऋणों हेतु लाभ से अलग रखी गई राशि
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
अंतिम खातों में अदत्त व्ययों का व्यवहार क्या है?2 अंक
अदत्त व्यय व्यापार या लाभ-हानि खाते के नाम पक्ष में संबंधित व्यय में जोड़े जाते हैं, ताकि वर्ष का पूरा व्यय प्रभारित हो, और तुलन पत्र के देयता पक्ष में चालू देयता के रूप में दिखाए जाते हैं।
अंतिम खाते बनाते समय समायोजनों की आवश्यकता क्यों होती है?3 अंक
समायोजनों की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि वित्तीय विवरण सही लाभ और सही वित्तीय स्थिति दिखाएँ। वे उपार्जन और मिलान अवधारणाओं के अनुसार सुनिश्चित करते हैं कि चालू वर्ष की सभी आय और व्यय, प्राप्त या चुकाए गए हों या नहीं, शामिल हों, और अन्य वर्षों से संबंधित मद बाहर रहें। वे ह्रास, डूबत ऋण, प्रावधान और अंतिम स्टॉक का भी हिसाब रखते हैं।
वित्तीय विवरण बनाने में किन्हीं पाँच समायोजनों का व्यवहार समझाइए।5 अंक
हर समायोजन वित्तीय विवरणों में दो स्थानों को प्रभावित करता है। पहला, अंतिम स्टॉक व्यापार खाते में जमा और तुलन पत्र में चालू परिसंपत्ति के रूप में दिखाया जाता है। दूसरा, अदत्त व्यय व्यापार या लाभ-हानि खाते में संबंधित व्यय में जोड़े और देयता के रूप में दिखाए जाते हैं, क्योंकि व्यय चालू वर्ष का है भले चुकाया न गया हो। तीसरा, पूर्वदत्त व्यय संबंधित व्यय से घटाए और परिसंपत्ति के रूप में दिखाए जाते हैं, क्योंकि वे भावी अवधि से संबंधित हैं। चौथा, उपार्जित आय लाभ-हानि खाते में संबंधित आय में जोड़ी और परिसंपत्ति के रूप में दिखाई जाती है, जबकि अग्रिम प्राप्त आय आय से घटाई और देयता के रूप में दिखाई जाती है। पाँचवाँ, स्थायी परिसंपत्तियों पर ह्रास लाभ-हानि खाते में नाम और तुलन पत्र में परिसंपत्ति के मूल्य से घटाया जाता है। छठा, डूबत ऋण और संदिग्ध ऋणों हेतु प्रावधान लाभ-हानि खाते में नाम और देनदारों से घटाए जाते हैं; उदाहरण के लिए, यदि देनदार ₹50,000, अतिरिक्त डूबत ऋण ₹2,000 और 5 प्रतिशत प्रावधान अपेक्षित है, तो प्रावधान ₹48,000 का 5 प्रतिशत = ₹2,400 है और देनदार ₹45,600 पर दिखाए जाते हैं। पूँजी पर ब्याज लाभ-हानि खाते में नाम और पूँजी में जोड़ा जाता है, और आहरण पर ब्याज लाभ-हानि खाते में जमा और पूँजी से घटाया जाता है। ये समायोजन सुनिश्चित करते हैं कि लाभ सही मापा जाए और तुलन पत्र सही स्थिति दिखाए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- अदत्त व्यय: व्यय में जोड़ें, देयता दिखाएँ।
- पूर्वदत्त व्यय: व्यय से घटाएँ, परिसंपत्ति दिखाएँ।
- उपार्जित आय: आय में जोड़ें, परिसंपत्ति दिखाएँ; अग्रिम आय: घटाएँ, देयता दिखाएँ।
- ह्रास, डूबत ऋण, प्रावधान, पूँजी और आहरण पर ब्याज।
परीक्षा सुझाव
- हर समायोजन के दो प्रभाव लिखें: एक व्यापार या लाभ-हानि खाते में और एक तुलन पत्र में।
- समायोजनों में डूबत ऋण दिए हों तो नया प्रावधान निकालने से पहले उन्हें घटाएँ।
अभ्यास MCQ
चालू वर्ष का अभी न चुकाया गया व्यय है
- पूर्वदत्त व्यय
- उपार्जित आय
- अदत्त व्यय
- पूँजीगत व्यय
उत्तर देखें
उत्तर: (c) अदत्त व्यय. यह देयता है।
पूर्वदत्त व्यय तुलन पत्र में दिखाए जाते हैं
- परिसंपत्ति के रूप में
- देयता के रूप में
- पूँजी के रूप में
- आय के रूप में
उत्तर देखें
उत्तर: (a) परिसंपत्ति के रूप में. लाभ अभी आना बाकी है।
समायोजनों में दिया गया अंतिम स्टॉक व्यापार खाते में और किसमें दिखाया जाता है
- तुलन पत्र में परिसंपत्ति के रूप में
- लाभ-हानि खाता
- पूँजी खाता
- कहीं और नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (a) तुलन पत्र में परिसंपत्ति के रूप में. हर समायोजन के दो प्रभाव होते हैं।
अर्जित पर अभी प्राप्त न हुई आय है
- अग्रिम प्राप्त आय
- उपार्जित आय
- अदत्त व्यय
- आहरण
उत्तर देखें
उत्तर: (b) उपार्जित आय. यह परिसंपत्ति के रूप में दिखाई जाती है।
आहरण पर ब्याज
- लाभ-हानि में नाम और पूँजी में जोड़ा जाता है
- उपेक्षित होता है
- केवल परिसंपत्ति दिखाया जाता है
- लाभ-हानि में जमा और पूँजी से घटाया जाता है
उत्तर देखें
उत्तर: (d) लाभ-हानि में जमा और पूँजी से घटाया जाता है. यह व्यवसाय की आय है।
मशीनरी पर ह्रास लाभ-हानि खाते में दिखाया जाता है और
- मशीनरी में जोड़ा जाता है
- आय दिखाया जाता है
- पूँजी में जोड़ा जाता है
- तुलन पत्र में मशीनरी से घटाया जाता है
उत्तर देखें
उत्तर: (d) तुलन पत्र में मशीनरी से घटाया जाता है. परिसंपत्ति का मूल्य घटता है।
देनदार ₹50,000; अतिरिक्त डूबत ऋण ₹2,000; संदिग्ध ऋण प्रावधान 5 प्रतिशत। नया प्रावधान है
- ₹2,400
- ₹2,500
- ₹2,000
- ₹4,500
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ₹2,400. (50,000 − 2,000) का 5 प्रतिशत।
चुकाए गए किराये ₹12,000 में अगले वर्ष का ₹2,000 शामिल है। लाभ-हानि खाते में प्रभारित किराया है
- ₹10,000
- ₹12,000
- ₹14,000
- ₹2,000
उत्तर देखें
उत्तर: (a) ₹10,000. पूर्वदत्त किराया घटाया जाता है।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।