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राजनीतिक दल – कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ
NCERT कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 16। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।
अध्याय का सार
राजनीतिक दल ऐसे लोगों का समूह है जो चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता पाने के लिए एकत्र होते हैं। आधुनिक लोकतंत्रों में दल आवश्यक हैं। भारत में राष्ट्रीय और राज्य दलों वाली बहुदलीय व्यवस्था है, और दलों के सामने ऐसी चुनौतियाँ हैं जिनके लिए सुधार ज़रूरी हैं।
राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों
- दल के तीन घटक होते हैं: नेता, सक्रिय सदस्य और अनुयायी।
- कार्य: चुनाव लड़ना, नीतियाँ और कार्यक्रम रखना, क़ानून बनाना, सरकार बनाना और चलाना, विपक्ष की भूमिका निभाना, जनमत बनाना और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँच देना।
- दलों के बिना हर उम्मीदवार निर्दलीय होता, कोई बड़े नीतिगत बदलाव का वादा नहीं कर पाता और सरकार की ज़िम्मेदारी अस्पष्ट रहती।
दलीय व्यवस्थाएँ और भारत के दल
- एकदलीय व्यवस्था: केवल एक दल को सत्ता की अनुमति (चीन की कम्युनिस्ट पार्टी); द्विदलीय व्यवस्था: सत्ता प्रायः दो मुख्य दलों के बीच बदलती है (अमेरिका, ब्रिटेन)।
- बहुदलीय व्यवस्था: कई दल प्रतिस्पर्धा करते हैं और गठबंधन या मोर्चे बना सकते हैं (भारत)।
- हर दल को चुनाव आयोग में पंजीकरण कराना होता है; जो दल राज्य विधानसभा चुनाव में कम से कम 6 प्रतिशत वोट और कम से कम दो सीटें जीते, वह राज्य दल के रूप में मान्य होता है।
- जो दल लोकसभा या चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में कम से कम 6 प्रतिशत वोट और लोकसभा की कम से कम चार सीटें जीते, वह राष्ट्रीय दल के रूप में मान्य होता है।
चुनौतियाँ और सुधार
- चुनौतियाँ: आंतरिक लोकतंत्र का अभाव, वंशवादी उत्तराधिकार, धन और बाहुबल की बढ़ती भूमिका, और मतदाताओं के लिए सार्थक विकल्प का अभाव।
- सुधार: दल-बदल विरोधी क़ानून, उम्मीदवारों द्वारा संपत्ति और आपराधिक मामलों पर शपथ-पत्र, और चुनाव आयोग के सांगठनिक चुनाव व आयकर रिटर्न संबंधी आदेश।
- सुझाए गए सुधारों में दलों के आंतरिक कामकाज का नियमन, महिलाओं के लिए टिकट आरक्षण और चुनावों का सरकारी वित्तपोषण शामिल हैं।
मुख्य शब्द
- राजनीतिक दल
- चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता पाने हेतु एकत्र लोगों का समूह
- पक्षपात
- किसी एक दल के दृष्टिकोण से मुद्दों को देखने और पक्ष लेने की प्रवृत्ति
- दल-बदल
- जिस दल से निर्वाचित हुए, उसे छोड़कर दूसरे दल में जाना
- शपथ-पत्र
- हस्ताक्षरित दस्तावेज़ जिसमें व्यक्ति शपथ लेकर कथन देता है
उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न
राजनीतिक दल से क्या अभिप्राय है?2 अंक
राजनीतिक दल ऐसे लोगों का समूह है जो चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता पाने के लिए एकत्र होते हैं। वे सामूहिक हित को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाज के लिए कुछ नीतियों और कार्यक्रमों पर सहमत होते हैं।
लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के किन्हीं तीन कार्यों का वर्णन कीजिए।3 अंक
दल चुनाव लड़ते हैं; अधिकांश लोकतंत्रों में उम्मीदवार दलों द्वारा खड़े किए जाते हैं। वे अलग-अलग नीतियाँ और कार्यक्रम रखते हैं, जिनमें से मतदाता चुनते हैं। क़ानून बनाने में दलों की निर्णायक भूमिका होती है, क्योंकि अधिकांश विधायक किसी दल के सदस्य होते हैं; वे सरकार बनाते और चलाते भी हैं, और चुनाव हारने वाले दल सरकार की आलोचना कर और जनमत जुटाकर विपक्ष की भूमिका निभाते हैं।
भारत में राजनीतिक दलों के सामने प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं? कुछ सुधार सुझाइए।5 अंक
आंतरिक लोकतंत्र का अभाव: सत्ता कुछ शीर्ष नेताओं में केंद्रित रहती है, दल सदस्यता रजिस्टर नहीं रखते और नियमित सांगठनिक बैठकें व चुनाव नहीं कराते। वंशवादी उत्तराधिकार: शीर्ष पद प्रायः एक परिवार के सदस्यों के नियंत्रण में रहते हैं, जो अन्य सदस्यों के साथ अन्याय है। धन और बाहुबल की बढ़ती भूमिका: दल अमीर उम्मीदवारों या धन जुटा सकने वालों को टिकट देते हैं, और कभी-कभी चुनाव जीत सकने वाले अपराधियों का समर्थन करते हैं। सार्थक विकल्प का अभाव: दलों के बीच वैचारिक अंतर घट गया है, इसलिए मतदाताओं को वास्तविक विकल्प नहीं मिलते। पहले से किए गए सुधारों में दल-बदल विरोधी क़ानून, उम्मीदवारों द्वारा संपत्ति और आपराधिक मामलों का विवरण देने वाला अनिवार्य शपथ-पत्र, और सांगठनिक चुनाव व आयकर रिटर्न भरने के चुनाव आयोग के आदेश शामिल हैं। अन्य सुझावों में दलों के आंतरिक कामकाज के नियमन हेतु क़ानून, महिलाओं को टिकटों का न्यूनतम हिस्सा देना और चुनावों का सरकारी वित्तपोषण शामिल हैं; नागरिक भी याचिकाओं, प्रचार और आंदोलन से, और स्वयं दलों से जुड़कर दबाव बना सकते हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति
- तीन घटक: नेता, सक्रिय सदस्य, अनुयायी।
- एकदलीय (चीन), द्विदलीय (अमेरिका, ब्रिटेन), बहुदलीय (भारत)।
- चुनौतियाँ: आंतरिक लोकतंत्र, वंशवाद, धन और बाहुबल, विकल्प।
- दल-बदल विरोधी क़ानून और शपथ-पत्र सुधार हैं।
परीक्षा सुझाव
- दलों के छह कार्य क्रमांकित सूची में याद करें; अंक बिंदुवार मिलते हैं।
- राष्ट्रीय दलों की वर्तमान संख्या रटें नहीं, यह बदलती रहती है। मान्यता की शर्तें याद करें।
अभ्यास MCQ
किस देश में एकदलीय व्यवस्था है
- अमेरिका
- ब्रिटेन
- चीन
- भारत
उत्तर देखें
उत्तर: (c) चीन. केवल कम्युनिस्ट पार्टी को शासन की अनुमति है।
भारत में है
- एकदलीय व्यवस्था
- बहुदलीय व्यवस्था
- द्विदलीय व्यवस्था
- दलविहीन व्यवस्था
उत्तर देखें
उत्तर: (b) बहुदलीय व्यवस्था. अनेक दल सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
राजनीतिक दल किसके पास पंजीकरण कराते हैं
- सर्वोच्च न्यायालय
- राष्ट्रपति
- संसद
- चुनाव आयोग
उत्तर देखें
उत्तर: (d) चुनाव आयोग. आयोग राष्ट्रीय और राज्य दलों को मान्यता देता है।
निर्वाचित प्रतिनिधियों को दल बदलने से रोकने वाला क़ानून है
- सूचना का अधिकार अधिनियम
- दल-बदल विरोधी क़ानून
- शपथ-पत्र संबंधी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम
- आदर्श आचार संहिता
उत्तर देखें
उत्तर: (b) दल-बदल विरोधी क़ानून. दल बदलने वाला विधायक अपनी सीट खो सकता है।
जब कई दल मिलकर चुनाव लड़ते और सत्ता पाते हैं, तो यह कहलाता है
- विपक्ष
- आंदोलन
- दबाव समूह
- गठबंधन या मोर्चा
उत्तर देखें
उत्तर: (d) गठबंधन या मोर्चा. उदाहरण: NDA और UPA।
इनमें से कौन राजनीतिक दलों का कार्य नहीं है
- चुनाव लड़ना
- क़ानून बनाना
- अदालती निर्णय देना
- जनमत बनाना
उत्तर देखें
उत्तर: (c) अदालती निर्णय देना. निर्णय अदालतें देती हैं।
राज्य दल के रूप में मान्यता हेतु दल को कम से कम चाहिए
- 4 प्रतिशत वोट और एक सीट
- 10 प्रतिशत वोट
- राज्य विधानसभा चुनाव में 6 प्रतिशत वोट और दो सीटें
- लोकसभा की 1 सीट
उत्तर देखें
उत्तर: (c) राज्य विधानसभा चुनाव में 6 प्रतिशत वोट और दो सीटें. यह चुनाव आयोग की शर्त है।
भारत में राजनीतिक दलों के सामने कौन-सी चुनौती है
- बहुत अधिक आंतरिक लोकतंत्र
- चुनावों का सरकारी वित्तपोषण
- वंशवादी उत्तराधिकार
- अनिवार्य शपथ-पत्र
उत्तर देखें
उत्तर: (c) वंशवादी उत्तराधिकार. शीर्ष पद प्रायः परिवार के सदस्यों को मिलते हैं।
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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।