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कृषि – कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान नोट्स, महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ

NCERT कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान, अध्याय 9। नोट्स, मुख्य शब्द, उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न और MCQ।

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अध्याय का सार

कृषि भारत की बड़ी जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय है। खेती प्रारंभिक जीविका से लेकर वाणिज्यिक और रोपण कृषि तक होती है। फ़सलें तीन ऋतुओं में उगाई जाती हैं, और तकनीकी व संस्थागत सुधार उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।

कृषि के प्रकार

  • प्रारंभिक जीविका कृषि में साधारण औज़ार और पारिवारिक श्रम लगता है; कर्तन-दहन (स्थानांतरी) कृषि को उत्तर-पूर्व में झूमिंग और ओडिशा में पामा डाबी, कोमान या ब्रिंगा कहते हैं।
  • गहन जीविका कृषि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में छोटे खेतों पर अधिक निवेश से होती है।
  • वाणिज्यिक कृषि बिक्री हेतु आधुनिक निवेश से होती है; रोपण कृषि में चाय, कॉफ़ी, रबड़ या गन्ना जैसी एक फ़सल बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है।

फ़सल ऋतुएँ

  • रबी: शीत ऋतु (अक्टूबर–दिसंबर) में बोई और ग्रीष्म (अप्रैल–जून) में काटी; गेहूँ, जौ, मटर, चना और सरसों।
  • ख़रीफ़: मानसून के साथ बोई; चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली और सोयाबीन।
  • ज़ायद: रबी और ख़रीफ़ के बीच छोटी ग्रीष्म ऋतु; तरबूज़, ख़रबूज़ा, खीरा और चारा फ़सलें।

प्रमुख फ़सलें और सुधार

  • चावल अधिकांश लोगों का मुख्य खाद्यान्न है; चीन के बाद भारत चावल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • गेहूँ गंगा–सतलुज मैदान और दक्कन की काली मृदा में उगता है; दालें नाइट्रोजन स्थिर करती हैं, इसलिए फ़सल चक्र में बोई जाती हैं।
  • कपास काली मृदा में उगती है; जूट को सुनहरा रेशा कहते हैं; चाय और कॉफ़ी रोपण फ़सलें हैं।
  • हरित क्रांति और श्वेत क्रांति (ऑपरेशन फ़्लड), फ़सल बीमा और विनोबा भावे का भूदान–ग्रामदान आंदोलन सुधारों का हिस्सा हैं।

मुख्य शब्द

स्थानांतरी कृषि
किसान जलाकर भूमि साफ़ करते हैं, कुछ वर्ष फ़सल उगाकर नई जगह चले जाते हैं
रबी फ़सलें
शीत ऋतु में बोई और ग्रीष्म में काटी जाने वाली फ़सलें
ख़रीफ़ फ़सलें
मानसून आने पर बोई और सितंबर–अक्टूबर में काटी जाने वाली फ़सलें
रोपण कृषि
वाणिज्यिक कृषि का प्रकार जिसमें बड़े क्षेत्र में एक ही फ़सल उगाई जाती है

उत्तर सहित महत्वपूर्ण प्रश्न

रोपण कृषि क्या है? दो उदाहरण दीजिए।2 अंक

रोपण कृषि वाणिज्यिक खेती का एक प्रकार है जिसमें बड़ी पूँजी और प्रवासी श्रमिकों की सहायता से बड़े क्षेत्र में एक ही फ़सल उगाई जाती है, और उपज उद्योगों में कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त होती है। उदाहरण: चाय, कॉफ़ी, रबड़, गन्ना और केला।

रबी और ख़रीफ़ फ़सलों में अंतर बताइए।3 अंक

रबी फ़सलें अक्टूबर से दिसंबर तक शीत ऋतु में बोई जाती हैं और अप्रैल से जून तक ग्रीष्म में काटी जाती हैं; प्रमुख रबी फ़सलें गेहूँ, जौ, मटर, चना और सरसों हैं। ख़रीफ़ फ़सलें मानसून के आगमन के साथ बोई जाती हैं और सितंबर–अक्टूबर में काटी जाती हैं; प्रमुख ख़रीफ़ फ़सलें चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली और सोयाबीन हैं। रबी फ़सलें पश्चिमी विक्षोभों से होने वाली शीतकालीन वर्षा और सिंचाई पर, जबकि ख़रीफ़ फ़सलें मानसूनी वर्षा पर अधिक निर्भर हैं।

चावल और गेहूँ की खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाओं का वर्णन कीजिए और मुख्य उत्पादक क्षेत्र बताइए।5 अंक

चावल ख़रीफ़ फ़सल है जिसे उच्च तापमान (25 °C से अधिक), अधिक आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा चाहिए; कम वर्षा वाले क्षेत्रों में इसे सिंचाई से उगाया जाता है। यह उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत के मैदानों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टाओं में, तथा नहरों व नलकूपों से पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ भागों में उगाया जाता है। गेहूँ रबी फ़सल है जिसे ठंडी वृद्धि ऋतु, पकते समय तेज़ धूप और वृद्धि ऋतु में समान रूप से बँटी 50 से 75 सेमी वर्षा चाहिए। गेहूँ उगाने के दो मुख्य क्षेत्र हैं: उत्तर-पश्चिम का गंगा–सतलुज मैदान और दक्कन का काली मृदा क्षेत्र। दोनों फ़सलें भारत के मुख्य खाद्यान्न हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • उत्तर-पूर्व में झूमिंग; ओडिशा में पामा डाबी, कोमान, ब्रिंगा।
  • रबी = गेहूँ; ख़रीफ़ = चावल; ज़ायद = तरबूज़।
  • काली मृदा = कपास; जूट = सुनहरा रेशा।
  • भूदान–ग्रामदान: विनोबा भावे।

परीक्षा सुझाव

  • फ़सल चार्ट बनाएँ: फ़सल, ऋतु, मृदा, तापमान, वर्षा और प्रमुख राज्य।
  • रबी और ख़रीफ़ न मिलाएँ: रबी = शीत बुवाई (गेहूँ), ख़रीफ़ = मानसून बुवाई (चावल)।

अभ्यास MCQ

  1. गेहूँ है

    1. ख़रीफ़ फ़सल
    2. रोपण फ़सल
    3. ज़ायद फ़सल
    4. रबी फ़सल
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) रबी फ़सल. यह शीत में बोई और ग्रीष्म में काटी जाती है।

  2. उत्तर-पूर्वी भारत में कर्तन-दहन कृषि कहलाती है

    1. बेवर
    2. झूमिंग
    3. पोडु
    4. कुरुवा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) झूमिंग. यह असम, मेघालय, मिज़ोरम और नागालैंड में होती है।

  3. जूट को कहा जाता है

    1. सफ़ेद सोना
    2. काला सोना
    3. सुनहरा रेशा
    4. हरा सोना
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) सुनहरा रेशा. इसके रंग और ऊँचे मूल्य के कारण।

  4. इनमें से ज़ायद फ़सल कौन-सी है

    1. गेहूँ
    2. चावल
    3. तरबूज़
    4. सरसों
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) तरबूज़. ज़ायद फ़सलें छोटी ग्रीष्म ऋतु में उगती हैं।

  5. ओडिशा में कर्तन-दहन कृषि को कहते हैं

    1. झूमिंग
    2. पामा डाबी, कोमान या ब्रिंगा
    3. मिल्पा
    4. रोका
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b) पामा डाबी, कोमान या ब्रिंगा. ये ओडिशा में प्रयुक्त स्थानीय नाम हैं।

  6. दालें फ़सल चक्र में इसलिए उगाई जाती हैं क्योंकि वे

    1. मृदा में नाइट्रोजन स्थिर करती हैं
    2. बहुत जल लेती हैं
    3. केवल पहाड़ों में उगती हैं
    4. रोपण फ़सल हैं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a) मृदा में नाइट्रोजन स्थिर करती हैं. फलीदार फ़सलें मृदा की उर्वरता लौटाती हैं।

  7. चावल के बारे में कौन-सा कथन सही है

    1. इसे कम ताप और कम वर्षा चाहिए
    2. यह केवल काली मृदा में उगता है
    3. उत्तर में यह रबी फ़सल है
    4. इसे उच्च ताप, अधिक आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वर्षा चाहिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d) इसे उच्च ताप, अधिक आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वर्षा चाहिए. सिंचाई से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उगाया जाता है।

  8. भूदान–ग्रामदान आंदोलन किसने शुरू किया

    1. महात्मा गांधी
    2. जवाहरलाल नेहरू
    3. विनोबा भावे
    4. सरदार पटेल
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c) विनोबा भावे. भूस्वामियों ने भूमिहीनों को भूमि दान की।

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यह सामग्री Kundali IQ ने पुनरावृत्ति में मदद हेतु मानक, स्थापित तथ्यों से लिखी है। यह NCERT का आधिकारिक प्रकाशन नहीं है; अपनी पाठ्यपुस्तक भी अवश्य पढ़ें।